Agency:एजेंसियां
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा मौका साबित हो सकती है. इससे भारतीय कंपनियों को दुनिया के सबसे बड़े और बड़े खरीद बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने का मौका मिलेगा. उन्होंने दुनिया की हर ट्रेड प्रॉब्लम के लिए अमेरिका को दोषी ठहराने को गलत बताया.
जयशंकर ने अमेरिका को हर बात के लिए दोषी ठहराने को गलत बताया.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार 5 अक्तूबर 2026 को फिर ट्रेड पर बात की. कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में उन्होंने कहा, ‘हम यह नहीं कह सकते कि दुनियाभर में ट्रेड को लेकर जो दिक्कतें हो रही हैं, वह अमेरिका की वजह से हैं.’ यानी दुनिया के व्यापार से जुड़ी हर परेशानी के लिए अमेरिका को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. जयशंकर के मुताबिक ग्लोबल ट्रेड सिस्टम में कई तरह की गड़बड़ियां हैं और उनमें से कुछ की वजह अमेरिका के अलावा दूसरे देशों की नॉन-मार्केट प्रैक्टिस भी हैं. इसलिए भारत को यह देखना होगा कि असली समस्या कहां है.
भारत सिर्फ अमेरिका के भरोसे नहीं
जयशंकर ने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ मजबूत रिश्तों का मतलब यह नहीं है कि भारत अपने दूसरे बड़े साझेदारों से दूरी बना ले. उन्होंने चीन, रूस, यूरोप और ब्रिटेन के साथ भारत के रिश्तों का जिक्र किया. उनका कहना है कि हर रिश्ते की अपनी जरूरत, चुनौती और संभावना है. इसलिए भारत को सभी प्रमुख देशों के साथ एक साथ काम करना होगा. उन्होंने इस नीति को मल्टी अलाइनमेंट कहा. यानी भारत किसी एक खेमे में पूरी तरह जाने के बजाय अलग-अलग देशों के साथ अपने हित के हिसाब से रिश्ते आगे बढ़ाएगा.
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