शिमला. जापान में एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रचने वाली हिमाचल की बेटियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की. भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान और हिमाचल की बेटी पुष्पा राणा के नेतृत्व में खिलाड़ी मुख्यमंत्री से मिलीं. खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स में भारत के लिए गोल्ड जीतने के बाद प्रदेश सरकार की ओर से घोषित किए गए 33-33 लाख रुपये के नकद पुरस्कार को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये करने की मांग रखी. मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की मांग मानते हुए 1 करोड़ रुपये देने का आश्वासन दिया है.
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान पुष्पा राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को 1 करोड़ रुपये देने की बात कही है. उन्होंने कहा कि जल्द ही एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और उसमें खिलाड़ियों को यह राशि प्रदान की जाएगी.
33 लाख के ऐलान से खुश नहीं थीं खिलाड़ी
पुष्पा राणा ने कहा कि एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद प्रदेश सरकार ने कबड्डी खिलाड़ियों के लिए 33 लाख रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन खिलाड़ी इससे खुश नहीं थीं. उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखते हुए गोल्ड मेडल जीतने वाले अन्य खिलाड़ियों की तर्ज पर 1 करोड़ रुपये देने की मांग रखी. पुष्पा राणा के मुताबिक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनकी मांग को स्वीकार कर लिया है और अब खिलाड़ियों को 1 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी.
CM ने नौकरी देने का भी दिया आश्वासन
कबड्डी खिलाड़ियों की मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उनके भविष्य और रोजगार को लेकर भी चर्चा हुई. पुष्पा राणा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को शैक्षणिक योग्यता और उनकी उपलब्धियों के आधार पर नौकरी देने की बात कही है. इससे एशियन गेम्स में देश का नाम रोशन करने वाली हिमाचल की खिलाड़ियों को आगे अपने भविष्य को लेकर भी उम्मीद जगी है.
जापान में हिमाचल की बेटियों ने रचा इतिहास
गौरतलब है कि जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस ऐतिहासिक जीत में हिमाचल प्रदेश की बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. हिमाचल की पुष्पा राणा ने भारतीय टीम की कप्तानी संभाली, जबकि ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर भी स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहीं. एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला कबड्डी टीम में हिमाचल की कुल चार खिलाड़ियों पुष्पा राणा, भावना ठाकुर, ज्योति ठाकुर और रितु नेगी का चयन हुआ था. रितु नेगी के लिए यह लगातार तीसरा एशियन गेम्स था.
फाइनल में ईरान को हराकर जीता गोल्ड
महिला कबड्डी के फाइनल मुकाबले में भारत और ईरान के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इसके साथ ही भारत ने एशियन गेम्स में महिला कबड्डी का गोल्ड लगातार दूसरी बार जीता. भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक जीत में हिमाचल की बेटियों का योगदान प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय बना है. खास तौर पर सिरमौर के शिलाई क्षेत्र की रहने वाली पुष्पा राणा ने कप्तान के रूप में भारतीय टीम की अगुवाई कर प्रदेश का नाम रोशन किया.
कबड्डी में पहले भी हिमाचल का रहा है दबदबा
महिला कबड्डी में हिमाचल प्रदेश की खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार शानदार प्रदर्शन किया है. हिमाचल की महिला कबड्डी टीम ने 2025 के नेशनल गेम्स में लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीता था. अब एशियन गेम्स में प्रदेश की बेटियों ने भारतीय टीम के साथ गोल्ड जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है.
हिमाचली खिलाड़ियों के लिए 5.33 करोड़ के पुरस्कार की घोषणा
एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले हिमाचली खिलाड़ियों के लिए प्रदेश सरकार ने करीब 5.33 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की थी. इसमें महिला कबड्डी टीम की हिमाचली खिलाड़ियों के लिए 33-33 लाख रुपये देने का ऐलान किया गया था. हालांकि खिलाड़ियों ने इस राशि को अन्य गोल्ड मेडल विजेता खिलाड़ियों की तुलना में कम बताते हुए 1 करोड़ रुपये की मांग रखी, जिसे मुख्यमंत्री ने अब स्वीकार करने का आश्वासन दिया है.
पुष्पा राणा का बेटियों और युवाओं को संदेश
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद पुष्पा राणा ने प्रदेश की बेटियों से अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि बेटियों को अपना लक्ष्य तय करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए. मेहनत के साथ आगे बढ़ने पर अवसर जरूर मिलेंगे. उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान भी किया. पुष्पा राणा ने कहा कि युवाओं को जिस भी क्षेत्र में रुचि है, उसे अपनाना चाहिए और उसी क्षेत्र में मेहनत कर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए. एशियन गेम्स में देश को गोल्ड दिलाने वाली हिमाचल की इन बेटियों की उपलब्धि न सिर्फ प्रदेश के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि आने वाली पीढ़ी की बेटियों के लिए भी प्रेरणा बनी है.