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Soni Razdan: फिल्मी दुनिया में पहचान बनाने का सपना हर कलाकार देखता है, लेकिन सोनी राजदान ने अपने लिए एक अलग रास्ता चुना. उन्होंने ग्लैमर और स्टारडम से पहले दमदार किरदारों को अहमियत दी. यही वजह रही कि करियर की शुरुआत में उन्हें कई तरह की बातों का सामना करना पड़ा. अब एक इंटरव्यू में सोनी ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि कैसे उनकी सोच और फैसलों ने उनके सफर को प्रभावित किया.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में स्टारडम की अपनी एक चमक है, लेकिन हर कलाकार उस चमक के पीछे भागे, यह जरूरी नहीं. दिग्गज एक्ट्रेस सोनी राजदान ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने स्टार बनने से ज्यादा एक अच्छी एक्टर बनने पर जोर दिया था. हालांकि, उनका यही फैसला उनके लिए मुश्किलें लेकर आया. हाल ही में सोनी राजदान ने एक इंटरव्यू में शुरुआती करियर की चुनौतियों और फिल्म उद्योग के रवैये पर खुलकर बात की है
हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में सोनी राजदान ने कहा कि उन्हें बहुत जल्दी ही इंडस्ट्री में किनारे कर दिया गया और बाद में उन्हें लगा कि शायद इस सोच की उन्हें कीमत भी चुकानी पड़ी. फोटो साभार-@sonirazdan/Instagram
सोनी राजदान ने करीब चार दशक लंबे अपने फिल्मी सफर में कई यादगार किरदार निभाए हैं. हालांकि, उनकी शुरुआत किसी बड़ी स्टार की तरह नहीं हुई थी. 25 साल की उम्र में उन्होंने अपर्णा सेन की फिल्म ’36 चौरंघी लेन’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था. इसमें उन्होंने सपोर्टिंग रोल निभाया. इसके बाद वह ‘अहिस्ता अहिस्ता’ और श्याम बेनेगल की चर्चित फिल्म ‘मंडी’ जैसी फिल्मों का हिस्सा बनीं. फोटो साभार-@sonirazdan/Instagram
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बातचीत में उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में उन्होंने जानबूझकर ऐसे प्रोजेक्ट चुने, जहां उन्हें अच्छा काम करने का मौका मिले. उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे पहले एक एक्टर बनना जरूरी था. उन्होंने माना कि स्टार बनना वह भी चाहती थीं, लेकिन उनकी प्राथमिकता अच्छी भूमिकाएं हासिल करना थी. सोनी ने आगे कहा कि एक्टिंग के साथ अगर स्टारडम मिल जाए तो बेहतर मौके, ज्यादा ताकत और बड़े किरदार मिल सकते हैं. फोटो साभार-@sonirazdan/Instagram
सोनी राजदान ने बताया कि शुरुआती कुछ फिल्में करने के बाद इंडस्ट्री के लोगों ने उन्हें अलग नजर से देखना शुरू कर दिया. उन्हें कहा गया कि उन्होंने सही रास्ता नहीं चुना. खासतौर पर श्याम बेनेगल की फिल्म ‘मंडी’ में काम करने के बाद उन्हें यह सुनने को मिला कि अब उन्हें बतौर मेनस्ट्रीम फिल्म हीरोइन लॉन्च नहीं किया जा सकता. फोटो साभार-@sonirazdan/Instagram
एक्ट्रेस ने इस सोच पर हैरानी जताई. सोनी ने बातचीत में आगे कहा- उन्हें कभी समझ नहीं आया कि स्टार बनने के लिए सिर्फ एक तय रास्ता ही क्यों होना चाहिए. उन्होंने बताया कि वह उस समय थिएटर कर रही थीं और जहां अच्छा काम मिला, वहां करती गईं. ऐसे में बेनेगल जैसे फिल्ममेकर के साथ काम करना उनके लिए स्वाभाविक फैसला था. लेकिन इंडस्ट्री के कुछ लोगों की नजर में इसी वजह से उनकी ‘लॉन्चिंग’ का मौका खत्म हो गया. फोटो साभार-@sonirazdan/Instagram
सोनी ने कहा कि उन्हें लगता है कि शायद इस सोच के कारण उन्हें अपने करियर में कुछ कीमत चुकानी पड़ी. हालांकि, वह आज भी इस बात को नहीं मानतीं कि स्टार बनने का सिर्फ एक ही तरीका हो सकता है. फोटो साभार-@sonirazdan/Instagram
साल 1984 में आई महेश भट्ट की फिल्म ‘सारांश’ सोनी राजदान के करियर में बड़ा मोड़ साबित हुई. फिल्म में उनके साथ अनुपम खेर और रोहिणी हट्टंगडी भी अहम रोल में थे. इस फिल्म के लिए सोनी को फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन भी मिला और उन्हें दुनियाभर में पहचान मिली. सोनी ने कहा कि वह खुद को किस्मत वाली मानती हैं कि ‘सारांश’ उनके लिए किसी तरह की लॉन्चिंग साबित हुई. भले ही इससे पहले वह कई फिल्में कर चुकी थीं. उनके मुताबिक, हर कलाकार का अपना सफर होता है और हर किसी की राह अलग होती है. फोटो साभार-@sonirazdan/Instagram
वर्कफ्रंट की बात करें तो सोनी राजदान इन दिनों ‘ओम का हरी’ में नजर आ रही हैं. हरीश व्यास के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अंशुमान झा, रघुबीर यादव और आयशा कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं. फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. इसके अलावा सोनी जल्द ही नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘शक’ में भी दिखाई देंगी. इस सीरीज में परिणीति चोपड़ा डिजिटल डेब्यू कर रही हैं और यह 25 सितंबर को रिलीज होने वाली है. फोटो साभार- वीडियो ग्रैब