Afghanistan Wakhan Corridor open China-Pakistan: चीन के डायरेक्ट टच में तालिबान वाखान कॉरिडोर खोल पाकिस्तान को निपटाया भारत का कैसे होगा फायदा?

Afghanistan Wakhan Corridor open China-Pakistan: चीन के डायरेक्ट टच में तालिबान वाखान कॉरिडोर खोल पाकिस्तान को निपटाया भारत का कैसे होगा फायदा?


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Afghanistan Wakhan Corridor China-Pakistan: दक्षिण एशिया की पॉलिटिक्स में एक और बड़ी घटना हुई है. चीन-पाकिस्तान के इकोनॉमिक कॉरिडोर के काउंटर में अफगानिस्तान ने वखान रोड खोल दी है. इसके बाद चीन से व्यापार के लिए अफगानिस्तान को पाकिस्तान के रास्ते पर निर्भर नहीं रहना होगा.

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अफगानिस्तान ने खोला वाखान कॉरिडोर तो टेंशन में आया पाकिस्तान.

Afghanistan Wakhan Corridor: पाकिस्तान, चीन की जिस सदाबहार दोस्ती पर इतरा रहा था, तालिबान ने उसे ही निपटाने का प्लान बना लिया है. दरअसल अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत में वाखान रोड का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन करके शहबाज शरीफ के सिर का दर्द बढ़ा दिया है. नक्शे पर पतली लाइन जैसी दिखना वाली ये 121 किलोमीटर लंबी सड़क ब्रोघिल इलाके से शुरू होकर चीन की सीमा के जीरो प्वाइंट तक जाती है. अफगानिस्तान के अधिकारियों की मौजूदगी में इसका उद्घाटन हुआ.

अफगानिस्तान के ग्रामीण पुनर्वास और विकास मंत्रालय के मुताबिक वाखान रोड दो चरणों में बनी और इसकी कुल लागत 365 मिलियन अफगानी है. इसमें 66 कलवर्ट, 4 बड़े पुल और हजारों मीटर रिटेनिंग वॉल भी शामिल हैं. यह अफगानिस्तान और चीन के बीच पहली सीधी जमीनी सड़क कनेक्टिविटी है और यही पाकिस्तान के लिए सिरदर्दी है. चीन पहले भी चाहता था कि पाकिस्तान से होती हुई रोड अफगानिस्तान तक पहुंचे और वो आगे इसे मिडिल ईस्ट तक ले जाने के प्लान में था. पाकिस्तान के अंदरूनी हालात के चलते ऐसा नहीं हो पाया.

वाखान कॉरिडोर रणनीतिक तौर पर भी है बहुत खास. (क्रेडिट- एआई इमेज)

अफगानिस्तान को क्या फायदा होगा?

  1. अफगानिस्तान लंबे समय से पाकिस्तान के रास्ते व्यापार पर निर्भर रहा है. सीमा बंद होने या राजनीतिक तनाव के कारण व्यापार रुक जाता था. अब वाखान कॉरिडोर के जरिए चीन से सीधा संपर्क बनने से व्यापार, ट्रांजिट और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.
  2. ये एक संकरी पट्टी है जो ताजिकिस्तान को पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र से अलग करती है. इस कॉरिडोर को बनाने में करीब 5.5 मिलियन डॉलर का खर्च आया है. ऐसे में अफगानिस्तान चाहते हैं कि पामीर और वाखान क्षेत्र के निवासियों को स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूल, सड़कें और दूरसंचार सुविधाएं बेहतर मिलेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी.
  3. इस गलियारे की लंबाई लगभग 350 किलोमीटर है. इसकी चौड़ाई अलग-अलग जगहों पर 16 से 64 किलोमीटर के बीच बदलती रहती है. तालिबान सरकार का दावा है कि यह संतुलित विकास की दिशा में बड़ा कदम है और दूरदराज के इलाकों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाएगा.

चीन के लिए वाखान कॉरिडोर का महत्व क्या?

चीन के लिए वाखान कॉरिडोर एक वैकल्पिक मार्ग है, जो यह शिनजियांग से सीधे अफगानिस्तान में प्रवेश का रास्ता खोलता है. इससे चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर पर निर्भरता कम हो सकती है, जिसे पूरा करने में पाकिस्तान जरूरत से ज्यादा वक्त ले रहा है. अफगानिस्तान के खनिज संसाधनों और मध्य एशियाई बाजारों तक पहुंच आसान होगी. हालांकि अभी कस्टम सुविधाएं और पूरा बुनियादी ढांचा तैयार नहीं है, लेकिन सुरक्षा स्थिर होने पर यह व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग बन सकता है.

पाकिस्तान को क्यों लगा झटका?

पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान के लिए प्रमुख ट्रांजिट रूट रहा है. CPEC के जरिए चीन-पाकिस्तान व्यापार मजबूत है, लेकिन वाखान रोड के खुलने से अफगानिस्तान चीन से सीधे जुड़ जाएगा. ऐसे में पाकिस्तान की सीमा बंद करने की रणनीति अब कम प्रभावी रहेगी. अफगान मंत्री अब्दुल लतीफ मंसूर ने कहा कि पाकिस्तान इस सड़क को CPEC के लिए खतरा बता रही थीं. सीधा मार्ग मिलने से पाकिस्तान का प्रभाव कम होगा और अफगानिस्तान की पाकिस्तान पर निर्भरता भी घटेगी.

भारत को क्या फायदा हो सकता है?

भारत के लिए यह विकास अप्रत्यक्ष रूप से सकारात्मक हो सकता है. पाकिस्तान की मध्य एशिया तक पहुंच और प्रभाव सीमित होने से क्षेत्रीय संतुलन में बदलाव आ सकता है. अब तक भारत को अफगानिस्तान या मध्य एशिया जाने के लिए पाकिस्तान के जमीनी रास्ते की जरूरत पड़ती थी, जिसमें पाकिस्तान अड़ंगा लगाता था. तालिबान के विदेश मंत्री के साथ बैठक के दौरान भारत ने अफगानिस्तान की क्षेत्रीय संप्रभुता और अखंडता का पूरा समर्थन किया था. ऐसे में  वाखान मार्ग अगर आगे विकसित होता है तो क्षेत्रीय व्यापार नेटवर्क में नए विकल्प खुल सकते हैं, तो अफगानिस्तान की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, जो भारत के हित में है. कहीं न कहीं वाखान कॉरिडोर में भारत और तालिबान की दोस्ती का प्रभावी होना, चीन-पाकिस्तान के CPEC कॉरिडोर की काट है.



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