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Itarsi Bagdev X Shaped Road: इटारसी के पास बागदेव में नेशनल हाईवे-46 और दिल्ली-चेन्नई रेल मार्ग X आकार में एक-दूसरे को पार करते हैं. जाम की समस्या दूर करने के लिए एनएचएआई और रेलवे हाईवे को टू-लेन करने और नया कलवर्ट ब्रिज बनाने की तैयारी में हैं. जानिए इटारसी के बागदेव में जाम से राहत के लिए क्या तैयारी है…
Itarsi Bagdev X Shaped Road: इटारसी के पास बागदेव के घने जंगलों में एक ऐसा नजारा है, जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचता है. यहां ग्वालियर-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-46 और दिल्ली-चेन्नई मुख्य रेल मार्ग एक-दूसरे को X आकार में पार करते हैं. ऊंचाई से देखने पर रोड और रेलवे ट्रैक का यह संगम बेहद खूबसूरत दिखाई देता है. चारों ओर हरियाली और पहाड़ियों के बीच बना यह स्थान पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है.
लेकिन इस खूबसूरत जगह पर सफर करना फिलहाल आसान नहीं है. रेलवे पुल के नीचे सड़क का रास्ता संकरा होने के कारण यहां अक्सर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. खासकर छुट्टियों और धार्मिक अवसरों पर तवानगर, शरद देव बाबा और ग्यारहमुखी हनुमान मंदिर जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
अब इस समस्या को दूर करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और रेलवे मिलकर बड़ा विकास कार्य करने की तैयारी में हैं. इसके तहत सड़क और रेलवे दोनों की क्षमता बढ़ाई जाएगी.
पहाड़ी काटकर चौड़ा होगा हाईवे
योजना के अनुसार नेशनल हाईवे को टू-लेन किया जाएगा. इसके लिए पास की पहाड़ी के एक हिस्से को काटकर सड़क के लिए एक्सट्रा जगह बनाई जाएगी. इससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही आसान होगी और जाम की समस्या काफी कम होने की उम्मीद है.
रेलवे पुल के नीचे बनेगा नया कलवर्ट
मुख्य रेलवे ढांचे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल के नीचे एक नया विशेष कलवर्ट ब्रिज बनाया जाएगा. इससे सड़क को पर्याप्त चौड़ाई मिलेगी और वाहनों के निकलने के लिए बेहतर रास्ता तैयार होगा. इसके साथ ही भविष्य में रेल यातायात बढ़ाने के लिए तीसरी और चौथी रेल पटरी के लिए भी नए पुल बनाए जाने की योजना है. इससे इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के संचालन में भी सुविधा होगी.
यह परियोजना पूरी होने के बाद सड़क और रेलवे दोनों का आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है. तवानगर, शरद देव बाबा और ग्यारहमुखी हनुमान मंदिर जाने वाले यात्रियों और श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिलेगी. इसके साथ ही बागदेव का यह अनोखा X आकार का संगम आने वाले समय में और सुगम और आकर्षक पर्यटन की जगह बन सकता है.