अनंत सिंह जनसुराज में शामिल होंगे? प्रशांत किशोर ने खत्म किया सस्पेंस, बाहुबली को लेकर कह दी बड़ी बात

अनंत सिंह जनसुराज में शामिल होंगे? प्रशांत किशोर ने खत्म किया सस्पेंस, बाहुबली को लेकर कह दी बड़ी बात


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मोकामा विधायक अनंत सिंह के जनसुराज में शामिल होने की अटकलों पर प्रशांत किशोर ने रुख साफ किया है. पीके ने कहा कि हजारों लोग पार्टी का समर्थन कर रहे हैं. जो लोग वोट दे रहे हैं, उनका पार्टी में शामिल होना जरूरी नहीं है. अगर अनंत सिंह जनसुराज में आने का ऐलान करते हैं, तब पार्टी इस पर फैसला लेगी.

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प्रशांत किशोर और अनंत सिंह की फाइल फोटो

पटना: बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनाव की सरगर्मियां तेज हैं. मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का खुला समर्थन कर दिया है. उनके इस कदम से सियासी हलचल तेज हो गई है. वहीं, कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही है. अनंत सिंह के जनसुराज में शामिल होने को लेकर पहली बार प्रशांत किशोर ने बयान दिया है.

प्रशांत किशोर ने क्या कहा?
अनंत सिंह को लेकर उठे सवालों पर जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रुख साफ किया. पीके ने कहा कि हजारों लोग पार्टी का समर्थन कर रहे हैं. जो लोग वोट दे रहे हैं, उनका पार्टी में शामिल होना जरूरी नहीं है. अगर अनंत सिंह जनसुराज में आने का ऐलान करते हैं, तब पार्टी इस पर फैसला लेगी. बाहुबलियों के समर्थन के सवाल पर पीके ने कहा कि जिसको सातवां वेतनमान चाहिए, वितरहित शिक्षकों को अपना मान और सम्मान चाहिए, बेरोजगार युवाओं को रोजगार चाहिए वे जनसुराज की विचारधारा से जुड़िए, फिर चाहे वो बाहुबली वो या कोई और हो. किसी बाहुबली या धर्मबली का कोई महत्व नहीं है.

जदयू के अंदर रार और गुटबाजी
अनंत सिंह का यह रुख जदयू के अंदरूनी विवाद का नतीजा माना जा रहा है. मोकामा विधायक अनंत सिंह और एमएलसी नीरज कुमार के बीच की लड़ाई अब जदयू के लिए बड़ी सिरदर्दी बन चुकी है. दोनों नेताओं के बीच रार इतनी बढ़ गई कि वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद भी मामला नहीं सुलझा. केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को इसे सुलझाने का जिम्मा मिला था, लेकिन उन्होंने भी पल्ला झाड़ लिया। 7 सितंबर को पार्टी दफ्तर में बुलाई गई बैठक भी बेनतीजा रही.

एक-दूसरे पर जमकर वार-पलटवार
अनंत सिंह का आरोप है कि नीरज कुमार ने उनके घर में एके-47 रखवाकर उन्हें फंसवाया था. उन्होंने नीरज कुमार की जमानत जब्त कराने का दावा किया है. दूसरी ओर नीरज कुमार ने चुनौती दी कि अगर साक्ष्य हैं तो कोर्ट जाएं. विवाद इतना बढ़ा कि दोनों के बीच हनुमान मंदिर जाकर कसम खाने तक की नौबत आ गई. नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर तंज कसते हुए उन्हें “बेऊर जेल का संत” कह दिया.

पार्टी की बढ़ीं मुश्किलें
1 अक्टूबर को अनंत सिंह जनसुराज प्रत्याशी के समर्थन में खुली जीप पर सवार होकर नामांकन जुलूस में निकले थे. इस दौरान उन्होंने 50 हजार रसगुल्ले भी बंटवाए. इस घटना के बाद जदयू नेतृत्व की चिंता काफी बढ़ गई है. आमतौर पर पार्टी अपने अंदरूनी मामलों को सुलझा लेती थी, लेकिन इस बार नीतीश कुमार के प्रयासों के बावजूद मामला सुलझता नहीं दिख रहा है.



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