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रीवा के संजय गांधी अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. जमीनी विवाद के बाद जब एक घायल व्यक्ति इलाज करवाने के लिए अस्पताल पहुंचा तो आरोप है कि डॉक्टरों और सिक्योरिटी गार्ड ने उसके साथ जमकर मारपीट की. इसका वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल परिसर में अफरा तफरी मच गई..
अस्पताल में मरीज के साथ मारपीट
रीवा. रीवा जिले के मांगवा थाना क्षेत्र के आलमगंज में हुए पारिवारिक जमीनी विवाद के बाद घायल हुए एक युवक को इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल लाया गया था, लेकिन आरोप है कि यहां इलाज कराने पहुंचे इसी घायल युवक के साथ डॉक्टर और सिक्योरिटी गार्डों ने ही जमकर मारपीट की. इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अस्पताल परिसर में युवक के साथ मारपीट किए जाने का दावा किया जा रहा है.
पीड़ित युवक के मुताबिक, जमीनी विवाद में मारपीट के दौरान उसे चोटें आई थीं, जिसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे थे. यहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उससे पूछा कि शरीर के किन-किन हिस्सों में चोट लगी है. पीड़ित का आरोप है कि जब वह अपनी चोटों के बारे में डॉक्टरों को जानकारी देने लगा, तभी डॉक्टरों ने उस पर नाटक करने का आरोप लगाया और देखते ही देखते विवाद की स्थिति बन गई. पीड़ित के मुताबिक इसके बाद डॉक्टर और सिक्योरिटी गार्डों ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान वहां मौजूद एक युवक पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर रहा था. आरोप है कि वीडियो बनाए जाने की जानकारी होने के बाद डॉक्टर ने उस युवक को भी पकड़ लिया और उसके साथ भी मारपीट की गई.
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
अब इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद संजय गांधी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के साथ अस्पताल में होने वाले व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. सवाल यह है कि अगर कोई घायल व्यक्ति इलाज के लिए अस्पताल पहुंचता है तो क्या उसके साथ इस तरह मारपीट की जा सकती है? क्या अपनी चोटों के बारे में डॉक्टर को जानकारी देना भी अस्पताल में विवाद की वजह बन सकता है और अगर घटना के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा वीडियो बनाया जा रहा था तो उसके साथ मारपीट करने की जरूरत क्यों पड़ी?
फिलहाल पीड़ित ने डॉक्टर और सिक्योरिटी गार्डों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है. अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन और पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं, क्या वीडियो की जांच कर घटना की वास्तविकता सामने लाई जाएगी और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है.