नई दिल्ली (UPSC Preparation From Zero Level). संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल है. हर साल लाखों युवा यूपीएससी परीक्षा देते हैं. इसमें सफलता के लिए नींव बहुत पक्की होना जरूरी है. कई युवा ग्रेजुएशन के पहले साल से ही तैयारी शुरू कर देते हैं. वे यूपीएससी की सबसे प्रचलित किताबें खरीदकर लाते हैं, बिना यह समझे कि पढ़ना क्या है और छोड़ना क्या है. सही गाइडेंस न मिलने के कारण कई होनहार अभ्यर्थी भी शुरुआती दौर में ही रास्ता छोड़ देते हैं.
यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कैसे शुरू करें?
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 3 चरणों में होती है- यूपीएससी प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू. कुछ अभ्यर्थी अपने पहले ही अटेंप्ट में इसे क्रैक कर लेते हैं तो कुछ को कई साल लग जाते हैं. यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले इसका सही रोडमैप बनाना जरूरी है. इसके लिए आप इस गाइड का सहारा ले सकते हैं:
स्टेप 1: यूपीएससी सिलेबस और प्रीवियस ईयर पेपर से करें पक्की दोस्ती
कई उम्मीदवार यूपीएससी सिलेबस को समझे बिना सीधे इतिहास या भूगोल की भारी-भरकम किताबें पढ़ना शुरू कर देते हैं. यह सबसे बड़ी गलती है. जीरो लेवल से तैयारी का मतलब है कि सबसे पहले आप यूपीएससी प्रीलिम्स और मेंस के पूरे सिलेबस का प्रिंटआउट निकालकर अपने स्टडी टेबल के सामने चिपका लें. इसके बाद पिछले 5 सालों के प्रश्नपत्रों को गहराई से देखें. इससे समझ में आ जाएगा कि आयोग आपसे क्या डिमांड कर रहा है और किस तरह के सवाल पूछे जाते हैं.
स्टेप 2: एनसीईआरटी (NCERT) से मजबूत करें बुनियादी नींव
अगर आपकी स्कूल की पढ़ाई सामान्य रही है या आपके बेसिक कॉन्सेप्ट मकमजोर हैं तो कक्षा 6वीं से 12वीं तक की एनसीईआरटी की किताबें संजीवनी बूटी का काम करेंगी. एनसीईआरटी को कभी भी रटने की कोशिश न करें, बल्कि इन्हें कहानी की तरह पढ़ें. इससे भूगोल, इतिहास, अर्थव्यवस्था और राजनीति विज्ञान की बेसिक समझ क्रिस्टल क्लियर हो जाएगी. इन विषयों का बेस मजबूत होगा तो एडवांस किताबें आसानी से समझ आने लगेंगी.
स्टेप 3: अखबार पढ़ने की आदत और करंट अफेयर्स से जुड़ाव
यूपीएससी परीक्षा में कोई भी सवाल सीधे किताब से नहीं आता. इन सवालों को देश-दुनिया की समसामयिक घटनाओं (Current Affairs) से जोड़कर पूछा जाता है. इसलिए यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के पहले दिन से ही राष्ट्रीय स्तर का अंग्रेजी या हिंदी अखबार (जैसे द हिंदू) पढ़ने की आदत डालें. अखबार पढ़ते वक्त सिर्फ खबरों पर नजर न रखें, बल्कि यह सोचें कि उसका आपके सिलेबस के किस हिस्से से लेना-देना है. इसके साथ ही महीने के अंत में किसी अच्छी मैगजीन से रिवीजन जरूर करें.
स्टेप 4: सीखें आंसर राइटिंग और नोट्स बनाने की सही कला
सिर्फ पढ़ते जाना और नोट्स न बनाना सबसे बड़ी भूल है. जो भी टॉपिक आप आज पढ़ें, उसे अपनी आसान भाषा में संक्षेप में लिखना सीखें. यूपीएससी में सफलता इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आपने कितना पढ़ा है, बल्कि इस पर निर्भर करती है कि आप तय शब्द सीमा में अपने ज्ञान को कितने प्रभावी तरीके से कागज पर उतार पाते हैं. हफ्ते में कम से कम दो-तीन दिन उत्तर लेखन (Answer Writing) का अभ्यास जरूर करें, भले ही शुरुआत में गलतियां क्यों न हों.