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Who Landed Flydubai Flight FZ1073: दुनियाभर में जिस ‘फ्लाईदुबई’ फ्लाइट की हाईजैकिंग और इमरजेंसी लैंडिंग की नाटकीय घटना छाई हुई है, उसे कैप्टन स्मित के घायल होने के बाद लैंड किसने कराया? चलिए आपको बताते हैं हवा में उड़ रहे दो फरिश्ते, जिन्होंने 182 लोगों की जिंदगी सुरक्षित की.
फ्लाईदुबई की फ्लाइट किसने कराई लैंड. (File Photo : Reuters)
Who Landed Flydubai Flight FZ1073: दुबई से तेल अवीव जा रही ‘फ्लाईदुबई’ की फ्लाइट FZ1073 में हवा के बीच जो कुछ हुआ, उसने पूरी दुनिया के रोंगटे खड़े कर दिए हैं. 182 से ज्यादा मुसाफिरों से भरे इस विमान के कॉकपिट में सह-पायलट ने मुख्य भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर अचानक जानलेवा हमला बोल दिया. विमान को हाईजैक करने और तबाह करने की इस खौफनाक साजिश के बीच प्लेन आसमान से बेकाबू होकर करीब 17,000 फीट नीचे गिर पड़ा. केबिन में चीख-पुकार और दहशत के बीच यह फ्लाइट सीधे मौत के मुंह में समाने ही वाली थी कि तभी विमान में मौजूद दो अनजान पायलटों ने चमत्कारिक एंट्री ली.
इन दोनों जांबाज पायलटों ने न केवल कॉकपिट पर नियंत्रण वापस पाया और गोते खाते विमान को संभाला, बल्कि सूझबूझ से रुख मोड़कर उसे सऊदी अरब की जमीन पर सुरक्षित उतार दिया. हादसे को टले चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड्डयन जगत में सबसे बड़ा रहस्य यही बना हुआ है कि 35,000 फीट की ऊंचाई पर देवदूत बनकर उभरे वे दोनों पायलट आखिर कौन थे? उनकी पहचान पर अब तक पूरी तरह पर्दा पड़ा हुआ है और किसी भी जांच एजेंसी या मीडिया ने उनके नाम का खुलासा नहीं किया है.
कैसे लैंड कराई गई फ्लाइट?
एक यात्री जो प्लेन में सबसे आगे बैठा था, ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को दिए एक इंटरव्यू में उन लोगों के काम के बारे में बताया. डैनियल श्लिच्टर ने कहा- यह एक चमत्कार जैसा है. उन्होंने बताया कि वे दूसरी लाइन में बैठे थे. हर फ्लाइट में दो अतिरिक्त पायलट नहीं होते, लेकिन एयरलाइन इंडस्ट्री में कभी-कभी ऐसा होता है, जिसे ‘डेडहेडिंग’ कहा जाता है. श्लिच्टर ने कहा- इस मामले में, उन्हें इसलिए लाया गया था क्योंकि उन्हें प्लेन को तेल अवीव से दुबई वापस लाना था और बस यही एक वजह थी कि वे वहां थे. जब यात्रियों ने चीखते-चिल्लाते हुए देखा कि कॉकपिट में क्या हो रहा है, तो दो पायलट हरकत में आए. उन्होंने बताया कि को-पायलट भारत के कैप्टन स्मित मच्छार पर बार-बार हमला कर रहा था और चारों तरफ खून फैला हुआ था. बुरी तरह घायल होने के बावजूद, कैप्टन कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे.
फरिश्तों ने लैंड कराया प्लेन
श्लिफ्टर को दूसरों की तरह यह पक्का नहीं पता था कि वे दोनों आदमी कहां से आए थे. लेकिन उनमें से जो पहला आदमी था, वह बहुत तेजी से हरकत में आया. श्लिफ्टर ने कहा- ‘उसने सच में एक हीरो की तरह काम किया, प्लेन को अपने कंट्रोल में लिया और ऐसे रिएक्ट किया जैसे उसे ठीक-ठीक पता हो कि क्या हो रहा है. मुझे लगता है कि हम उसकी जान बचाने के लिए उतने ही शुक्रगुजार हैं जितने कि उस फ्लाइट में मौजूद दूसरे हीरो के लिए. जब वे दोनों कॉकपिट में घुस गए और दरवाजा बंद कर लिया, तो श्लिफ्टर को पता नहीं था कि अंदर किसने क्या किया. प्लेन के बहुत तेजी से नीचे गिरने की वजह से उसका रेडार टूट गया था. उसे वापस कंट्रोल में लाने में 10 मिनट से ज्यादा लग गए. जब वे लोग जमीन पर उतरने के लिए जगह की तलाश में बुरी तरह परेशान थे, तब एक ‘मेडे’ कॉल किया गया.
45 मिनट का सन्नाटा
श्लिक्टर ने उस रोंगटे खड़े कर देने वाले मंजर को बयां करते हुए बताया कि प्लेन के स्थिर होने के बाद कॉकपिट से मुसाफिरों से कोई राबता नहीं साधा गया. कॉकपिट के उस लंबे सन्नाटे ने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए थे. श्लिक्टर के दिमाग में सबसे खौफनाक मंजर यह कौंध रहा था कि कहीं ये दोनों अनजान चेहरे प्लेन को हाईजैक करके पास ही मौजूद ईरान या किसी अज्ञात ठिकाने की तरफ तो नहीं ले जा रहे. करीब 45 मिनट तक केबिन में सन्नाटा और दहशत का पहरा रहा. इसके बाद अचानक इंटरकॉम पर पायलट की भारी आवाज गूंजी. उन्होंने ऐलान किया कि हालात पूरी तरह काबू में हैं और विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर उतारा जा रहा है.