जयपुर. राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की आखिरकार विदाई हो गई है. मौसम विभाग के अनुसार 3 अक्टूबर को मानसून ने प्रदेश के शेष सभी हिस्सों से सामान्य समय से करीब 3 दिन की देरी से विदाई ले ली. इसके साथ ही राजस्थान में बारिश का दौर लगभग थम गया है और अब अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. मानसून की विदाई के बाद आसमान साफ रहने और बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी का दौर शुरू हो सकता है.
राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को प्रदेश के शेष हिस्सों से पूरी तरह विदा हो गया
पूर्वी राजस्थान में मौसम रहेगा शुष्क
आने वाले दिनों में तापमान में हो सकती है बढ़ोतरी
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से उत्तर गुजरात तक राजस्थान के ऊपर से गुजर रही 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई वाली ट्रफ रेखा अब कमजोर होकर कम स्पष्ट हो गई है. इसके चलते भी प्रदेश में बारिश के लिए कोई मजबूत मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है. आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी राजस्थान के कई हिस्सों में महसूस की जा सकती है. मानसून की विदाई के बाद दिन में धूप तेज रहने और नमी कम होने से अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री तक ऊपर पहुंच सकता है. हालांकि रात के तापमान में फिलहाल बहुत बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. दक्षिणी राजस्थान के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान अपेक्षाकृत कम रहने से सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है.
मानसून की विदाई के बाद 4 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है.
राजस्थान में तीन दिन देरी से हुई मानसून की विदाई
• राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के शेष हिस्सों से पूरी तरह विदा हो गया.
• इस बार राजस्थान से मानसून की विदाई सामान्य समय से करीब 3 दिन की देरी से हुई.
• मानसून की विदाई के बाद 4 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है.
• मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक बारिश की संभावना बेहद कम है.
• 3 अक्टूबर को राजस्थान में मौसम शुष्क रहा और पिलानी में सर्वाधिक 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ.
• मानसून की विदाई के बाद उत्तर दिशा से शुष्क हवाओं का प्रभाव राजस्थान में बढ़ गया है.
• उत्तर गुजरात और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के आसपास निचले स्तरों पर प्रति-चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है.
• उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से उत्तर गुजरात तक 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर बनी ट्रफ अब कमजोर हो गई है.
• आने वाले दिनों में राजस्थान में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री सेल्सियस ऊपर रहने की संभावना है.
• बारिश थमने के बाद प्रदेश में अब मानसून के बाद गर्म और शुष्क मौसम का दौर शुरू होने की संभावना है.
राजस्थान का पिलानी रहा सबसे गर्म जिला
3 अक्टूबर को पिलानी में 41.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा. इससे संकेत मिल रहा है कि मानसून की विदाई के साथ राजस्थान में गर्मी का असर फिर बढ़ने लगा है. आने वाले दिनों में पश्चिमी राजस्थान के मैदानी और रेगिस्तानी इलाकों में दिन का तापमान ज्यादा रहने की संभावना है. कुल मिलाकर राजस्थान में अब मानसून का दौर समाप्त हो चुका है. 4 अक्टूबर से प्रदेश में बारिश के आसार बेहद कम हैं और अगले एक सप्ताह तक अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. इस दौरान दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी और अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री ऊपर रह सकता है. यानी राजस्थान में अब मानसून के बाद गर्म और शुष्क मौसम का दौर शुरू हो गया है.
मानसून की विदाई के बाद उत्तर दिशा से शुष्क हवाओं का प्रभाव राजस्थान में बढ़ गया है.
राजस्थान से मानसून की विदाई कब हुई?
राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई 3 अक्टूबर को हो गई. मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून सामान्य समय से करीब तीन दिन की देरी से प्रदेश के शेष हिस्सों से विदा हुआ. इसके साथ ही राजस्थान में बारिश की गतिविधियां काफी कमजोर हो गई हैं. अब प्रदेश में मानसून का दौर समाप्त माना जा रहा है और आने वाले दिनों में मुख्य रूप से शुष्क मौसम रहने की संभावना है.
4 अक्टूबर को राजस्थान में मौसम कैसा रहेगा?
4 अक्टूबर को राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश की खास संभावना नहीं जताई है. मानसून की विदाई के बाद बारिश और बादलों की गतिविधियां कमजोर हो गई हैं. ऐसे में अधिकांश इलाकों में आसमान साफ या आंशिक रूप से साफ रह सकता है और दिन के समय धूप का असर बढ़ सकता है.
अगले एक सप्ताह राजस्थान में बारिश होगी या नहीं?
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. मानसून की विदाई के बाद प्रदेश में बारिश के लिए कोई मजबूत मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है. उत्तर दिशा से शुष्क हवाओं का प्रभाव भी बना हुआ है. ऐसे में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की उम्मीद है. आने वाले दिनों में प्रदेश में शुष्क मौसम का दौर जारी रह सकता है.
राजस्थान में तापमान पर मानसून की विदाई का क्या असर होगा?
मानसून की विदाई के बाद राजस्थान में दिन के तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है. मौसम विभाग ने आगामी दिनों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री सेल्सियस ऊपर रहने की प्रबल संभावना जताई है. 3 अक्टूबर को पिलानी में 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक रहा. बारिश और बादलों का असर घटने के कारण कई इलाकों में दिन के समय गर्मी बढ़ सकती है.
राजस्थान में मौसम शुष्क होने की वजह क्या है?
राजस्थान में मौसम शुष्क होने के पीछे मानसून की विदाई के साथ बदल रही वायुमंडलीय परिस्थितियां प्रमुख वजह हैं. उत्तर गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के निचले स्तरों पर प्रति-चक्रवाती परिसंचरण के कारण उत्तर दिशा से शुष्क हवाएं चल रही हैं. बारिश, बादल और सापेक्षिक आर्द्रता में भी कमी आई है. इसके अलावा राजस्थान के ऊपर 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर बनी ट्रफ भी अब कमजोर हो गई है.