बिहार में बाढ़ से फसल नुकसान पर मिलेगा मुआवजा, विजय सिन्हा बोले- दुर्गा पूजा से पहले देने की तैयारी, 18 जिलों में आकलन

बिहार में बाढ़ से फसल नुकसान पर मिलेगा मुआवजा, विजय सिन्हा बोले- दुर्गा पूजा से पहले देने की तैयारी, 18 जिलों में आकलन


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Bihar Flood Crop Loss Compensation: बिहार में बाढ़ से फसलों को हुए भारी नुकसान को लेकर सरकार ने किसानों को मुआवजा देने की बड़ी घोषणा की है. बिहार सरकार के कृषि मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित किसानों को दुर्गा पूजा से पहले मुआवजा राशि देने की तैयारी है. इसके लिए अधिकारियों को फसल क्षति का आकलन करने का निर्देश दिया गया है. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िये.

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बिहार के किसानों के लिए बड़ी खबर, बाढ़ से फसल नुकसान का मुआवजा दुर्गा पूजा से पहले देने की तैयारी

बिहार में बाढ़ से फसल बर्बाद होने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है. सरकार ने फसल क्षति का आकलन पूरा कर प्रभावित किसानों को दुर्गा पूजा से पहले मुआवजा राशि देने की तैयारी शुरू कर दी है. कृषि मंत्री सह गोपालगंज के जिला प्रभारी मंत्री विजय सिन्हा ने अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में फसल नुकसान का जल्द आकलन कराने का निर्देश दिया है. बकौल मंत्री राज्य के 18 जिलों में फसल क्षति का आकलन पहले ही कराया जा चुका है. रिपोर्ट के आधार पर किसानों को दुर्गा पूजा से पहले मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की बात कही गई है.

दुर्गा पूजा से पहले किसानों को राहत देने की तैयारी

गोपालगंज पहुंचे कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने बाढ़ प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनके खेतों और फसल को हुए नुकसान की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन इलाकों में अभी तक फसल क्षति का आकलन नहीं हुआ है, वहां जल्द से जल्द सर्वे कराया जाए. मंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत देने को लेकर गंभीर है और कोशिश है कि दुर्गा पूजा से पहले उन्हें मुआवजा राशि उपलब्ध करा दी जाए.

इस आधार पर मिलता है मुआवजा

बता दें कि बिहार में बाढ़ से प्रभावित फसलों के लिए कृषि इनपुट अनुदान की व्यवस्था है. निर्धारित प्रावधान के तहत असिंचित क्षेत्र में फसल क्षति के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बहुवर्षीय फसल तथा गन्ने के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाता है. यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर तक के लिए देय है.

18 जिलों में पहले ही हो चुका है आकलन

मिली जानकारी के मुताबिक, कृषि विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित 18 जिलों में फसल क्षति का प्रारंभिक आकलन कराया जा चुका है. सितंबर में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक इन जिलों में बड़े पैमाने पर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है. नुकसान के आधार पर किसानों को सहायता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है.

सरकार की प्राथमिकता किसानों तक राहत पहुंचाना

विजय सिन्हा ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों को समय पर राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. इसके लिए फसल क्षति का सही आकलन जरूरी है, ताकि वास्तविक रूप से प्रभावित किसानों को सरकारी सहायता मिल सके. राज्य सरकार की आपदा प्रबंधन व्यवस्था में भी 2026 की बाढ़ के लिए राहत और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया जारी है.

गोपालगंज में तटबंध टूटने की भी होगी जांच

वहीं, गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड के शीतलपुर में तटबंध टूटने के मामले को लेकर भी कृषि मंत्री ने जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी को पूरे मामले की जांच कराने को कहा गया है. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी.



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