बहादुरी के इनाम के पैसे से मासूम ने खरीदे जूते, नकली थमा कर दुकानदार बोला- न बिल मिलेगा, न रुपये

बहादुरी के इनाम के पैसे से मासूम ने खरीदे जूते, नकली थमा कर दुकानदार बोला- न बिल मिलेगा, न रुपये


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Chamoli Market: उत्तराखंड के चमोली से देहरादून आए जिन ‘बाल वीरों’ को सीएम धामी ने उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया. उनके साथ पलटन बाजार में ठगी और बदसलूकी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इनाम में मिले 500 रुपये से जब एक बच्चे ने जूते खरीदे, तो दुकानदार ने खराब क्वालिटी का जूता थमाकर पक्का बिल देने और पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया. विरोध करने पर दुकानदार ने अकड़ते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री भी कहेंगे तो वापस नहीं करूंगा.’

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बच्चों को ठगने वाले दुकानदार

देहरादून: उत्तराखंड के चमोली से पहली बार राजधानी देहरादून आए एक बच्चे को पलटन बाज़ार में जूता ख़रीदना भारी पड़ गया. इस घटना से जुड़े दो वीडियो वायरल हैं. एक वीडियो में दुकानदार पर बच्चों को बिल नहीं देने और पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर रकम लौटाने से इनकार करने का आरोप लगाया गया है. जबकि दूसरे वीडियो में वो सफाई देते हुए माफी मांग रहा है.

दरअसल, चमोली जिले के पोखरी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हरिशंकर के पांच स्टूडेंट्स ने पिछले साल स्कूल के पास भालू के हमले के दौरान साहस दिखाकर अपने साथियों की मदद की थी. उनकी बहादुरी पर बच्चों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सम्मानित किया. इसी कार्यक्रम के लिए बच्चे देहरादून आए थे और एक संस्था ने इनाम के तौर पर पांच पांच सौ रुपये भी दिए.

जूतावाले ने बच्चे को ठग लिया
जानकारी के अनुसार एक बच्चा जिज्ञासावश के साथ पलटन बाज़ार में एक जूते की दुकान पर गया, जहां पांच सौ रुपये लेकर उसे एक लोकल जूता थमा दिया गया. बच्चो के साथ आए प्रिंसिपल उपेंद्र सती ने न्यूज़ 18 को बताया कि वो बच्चे के साथ दुकान पर गए और इस बात का विरोध किया कि बच्चे को बिल क्यों नहीं दिया. प्रिंसिपल ने कहा, ‘दुकानदार ना तो जूते वापस लेने पर राजी हुआ और ना बिल देने पर. ये सरासर गलत है. ऐसे दुकानदार पर एक्शन होना चाहिए जो नियम कानून को मानता नहीं.’

वायरल वीडियो में दुकानदार ललकारते हुए कहता सुनाई देता है कि ‘अब तो प्रधानमंत्री से भी कहेंगे तो भी (वापस) नहीं करूंगा’. हालांकि वीडियो के वायरल होने के बाद दुकानदार के स्वर मुलायम हो गए और एक अन्य वीडियो में वो ललकारने के लिए माफ़ी माँग रहा है और सफ़ाई दे रहा है कि उनसे जूते का बिल दे दिया था.

भालू के हमले में दिखाई थी बहादुरी
ये मामला पांच बच्चों से जुड़ा है जिनकी बहादुरी की चर्चा दिसंबर 2025 में पूरे उत्तराखंड में हुई थी. पोखरी के हरिशंकर क्षेत्र में भालू के हमले के दौरान देवेश, पंकेश, आरव पुंडीर, दिव्या और दीपिका ने साहस दिखाया था. मीडिया रिपर्ट्स के मुताबिक, पंकेश ने भालू के हमले से अपने साथी को बचाने के लिए पत्थर मारकर भालू को भगाया था. इसके बाद स्कूल में दो भालुओं के पहुंचने और एक छात्र पर हमले की घटना भी सामने आई थी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घायल छात्र आरव से फोन पर बात कर उसका हौसला बढ़ाया था और बच्चों की बहादुरी की सराहना की थी. इन पांचों बच्चों के नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भी भेजे गए हैं.

सोशल मीडिया पर मचा है हंगामा
सोशल मीडिया यूजर्स ने दुकानदार के रूख पर नाराजगी जताई है. यूजर्स का कहना है कि देहरादून का पलटन बाज़ार ठगी का अड्डा है. महिपाल नेगी कहते हैं कि दुकानदार समझ गया होगा कि बच्चे पहाड़ से आए है. कोई देहरादून या हरिद्वार का होता तो तब ना करता. एक अन्य यूजर अखिलेश डिमरी लिखते हैं बच्चे के साथ व्यापार करना कानूनन वॉइड यानी अमान्य है. साथ ही वो लिखते हैं फिक्स्ड प्राइस लिखकर दुकानदार कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट से बच नहीं सकता. बीपी सती कहते हैं, बिना पक्के बिल के उपभोक्ता को सामान देना न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि यह एक गंभीर अनियमितता भी है. इस प्रकार दुकानदारों द्वारा खुलेआम लूट मचाई जा रही है जो कि अत्यंत निंदनीय है.



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