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Harda District Panchayat By Election: हरदा में जिला पंचायत सदस्य के लिए उपचुनाव हुआ, जहां कांग्रेस की समर्थित सरला उईके को जीत मिली है. वहीं भाजपा समर्थित कैंडिडेट भाग्या उमा काजले को हार का मुंह देखना पड़ा है. विधायक अभिजीत शाह (भतीजे) सरला उईके को सपोर्ट कर रहे थे और अब उनकी जीत को जनता की जीत बता रहे हैं. दूसरी तरफ संजय शाह (चाचा) ने उमा काजले को जिताने के लिए पूरा जोर लगाया था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई. ऐसे में माना जा रहा है कि भतीजे ने चाचा को पछाड़ दिया है.
हरदा जिला पंचायत सदस्य उपचुनाव के नतीजे
Zila Panchayat Member By Election: मध्य प्रदेश में पंचायत उपचुनाव के लिए 103 पदों पर वोटिंग हुई थी. अब उनके रिजल्ट की बारी है. हरदा जिले में भाजपा को जिला पंचायत उपचुनाव बड़ा झटका लगा है. जिला पंचायत सदस्य के लिए वार्ड -9 में हुए उपचुनाव की मतगणना के बाद कांग्रेस समर्थित सरला उईके ने जीत हासिल की है. उन्होंने भाजपा समर्थित भाग्या उमा काजले को हराया. उमा को कुल 3900 वोट मिले. वहीं कांग्रेस समर्थित कैंडिडेट को कुल 8412 वोट मिले हैं और इस तरह से उन्होंने 4130 वोटों से जीत दर्ज की है. जिला पंचायत सदस्य के उपचुनाव में मिली जीत के बाद कांग्रेस में जश्न का माहौल है. लेकिन नतीजों के बाद यहां पर चाचा और भतीजे की जोड़ी चर्चा में आ गई है, जो बीजेपी और कांग्रेस से जुड़े हुए हैं.
वार्ड-9 का यह इलाका आदिवासी और ग्रामीण मतदाताओं के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है. इस जीत से बीजेपी ने यह भी संदेश देने की कोशिश की है कि ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में उसकी पकड़ आज भी बेहद मजबूत है.
चाचा-भतीजे ने इसे माना प्रतिष्ठा का चुनाव
इस उपचुनाव को केवल एक जिला पंचायत सीट के रूप में नहीं देखा जा रहा था, बल्कि यह टिमरनी विधायक
अभिजीत शाह (भतीजे) और पूर्व विधायक संजय शाह (चाचा) के बीच साख की सीधी लड़ाई थी. क्योंकि दोनों ने ही इसे प्रतिष्ठा का चुनाव मान लिया था.
अब जिला पंचायत सदस्य के उपचुनाव में बीजेपी के संजय शाह उमा काजले को सपोर्ट कर रहे थे. जबकि कांग्रेस नेता और विधायक अभिजीत शाह सरला उईके को समर्थन दे चुके थे. लेकिन सरला की जीत ने से भतीजे ने एक बार फिर से बाजी मार ली है. ऐसे में कहा जा रहा है कि चाचा को विधानसभा में हार के बाद फिर से शिकस्त मिली है.
साल 2023 के चुनाव में भतीजे ने चाचा को दी थी शिकस्त
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में टिमरनी की सीट पर बड़ा उलटफेर हुआ था. तब कांग्रेस के युवा चेहरे अभिजीत शाह (भतीजे) ने अपने सगे चाचा और बीजेपी के कद्दावर नेता संजय शाह को शिकस्त दी थी, जबकि संजय तीन बार यहां से विधानसभा पहुंच चुके थे. उस चुनाव में दोनों के बीच काफी कड़वाहट भी देखने को मिली थी.