सब्जियों का गढ़ है सीतामढ़ी का ये इलाका, पीढ़ियों से जारी है खास पारंपरिक खेती
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Dumra Vegetable Farming: सीतामढ़ी के डुमरा प्रखंड में बड़े पैमाने पर हरी सब्जियों की खेती होती है.बाजितपुर, मुरादपुर, सुहई, लगमा, बेली, हरिछपरा, बलुआ, आज़मगढ़, मोहचट्टी और धोधना समेत कई गांवों में 1000 से अधिक किसान सब्जी उत्पादन से जुड़े हैं. यहां पीढ़ियों से सब्जियों की खेती की जा रही है. किसान करेला, घिउरा, नेनुआ, भिंडी, बैंगन, टमाटर, लौकी, कद्दू और पत्तेदार सब्जियों का उत्पादन करते हैं. खेतों से सब्जियां स्थानीय मंडियों के जरिए सीतामढ़ी और आसपास के जिलों तक पहुंचती हैं.
सीतामढ़ी: क्या आप जानते हैं कि आपकी थाली में सजने वाली ताज़ा हरी सब्जियां कहां से आती हैं? सीतामढ़ी जिले का डुमरा प्रखंड आज सब्जी उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है. डुमरा प्रखंड के बाजितपुर, मुरादपुर, सुहई, लगमा, बेली, हरिछपरा, बलुआ, आज़मगढ़, मोहचट्टी और धोधना समेत लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों में बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती की जाती है. यहां की उपजाऊ मिट्टी और किसानों की लगातार मेहनत का नतीजा है कि इन गांवों के हजारों परिवारों की आजीविका पूरी तरह से सब्जी उत्पादन पर निर्भर है.
पीढ़ियों से जारी है पारंपरिक खेती
डुमरा प्रखंड में सब्जियों की खेती का इतिहास काफी पुराना है. स्थानीय किसान रामरूप सिंह बताते हैं कि यहां खेती आज या कल से शुरू नहीं हुई है. कई पीढ़ियों से सब्जियों की खेती का यह सिलसिला चला आ रहा है. इलाके के करीब आधा दर्जन से अधिक प्रमुख गांवों के 1000 से भी अधिक किसान पूरे साल खेतों में मेहनत करते हैं. मौसम चाहे जो भी हो, यहां के खेतों में हमेशा हरी-भरी फसलें लहलहाती नजर आती हैं. इससे पूरे क्षेत्र को आर्थिक रूप से भी मजबूती मिल रही है.
हर तरह की हरी सब्जियों की पैदावार
यहां के किसान अपनी जमीन पर मौसम के अनुसार अलग-अलग प्रकार की सब्जियों की खेती करते हैं. मुख्य रूप से करेला, घिउरा और नेनुआ की खेती होती है. इसके अलावा भिंडी, बैंगन, टमाटर, लौकी, कद्दू, शिमला मिर्च और कई तरह की हरी पत्तेदार सब्जियों का भी उत्पादन किया जाता है. स्थानीय किसानों का कहना है कि ऐसा कोई मौसम नहीं होता, जब यहां के खेतों से ताजी सब्जियां बाजार में नहीं भेजी जाती हों. यहां की सब्जियां अपनी ताजगी और गुणवत्ता के लिए आसपास के इलाकों में भी काफी प्रसिद्ध हैं.
जिला स्तर तक मजबूत सप्लाई चेन
खेतों में सब्जियों की कटाई के बाद उन्हें स्थानीय और आसपास की प्रमुख मंडियों तक पहुंचाया जाता है. किसान अपनी उपज बेचने के लिए बाजितपुर मंडी समेत आसपास की अन्य बड़ी मंडियों का रुख करते हैं. इन मंडियों के जरिए सब्जियां सीतामढ़ी शहर के अलावा आसपास के दूसरे जिलों और आम उपभोक्ताओं की रसोई तक पहुंचती हैं. एक हजार से अधिक किसान परिवारों के इस संगठित प्रयास ने डुमरा प्रखंड को सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है. यह क्षेत्र सब्जी उत्पादन के मामले में एक मिसाल भी पेश कर रहा है.