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Earthquake in Maharashtra: महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों को भूकंप के लिहाज संवेदनशील माना जाता है. ऐसे में एक्सपर्ट इन इलाकों में घरों का निर्माण उसी के अनुरूप करने की सलाह देते हैं. भूकंप मुख्य तौर पर दो तरीके से आते हैं – टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने और ज्वालामुखी विस्फोट से.
महाराष्ट्र के हिंगोली में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. (फाइल फोटो/Reuters)
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में शनिवार सुबह 4.5 तीव्रता का भूकंप आया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप सुबह करीब 10 बजकर 21 मिनट पर दर्ज किया गया. भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई. हालांकि, भूकंप के केंद्र की गहराई, इससे हुए संभावित नुकसान और किसी के हताहत होने के संबंध में तत्काल विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है. भूकंप के बाद स्थानीय स्तर पर स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है. धरती में कंपन महसूस होते ही सथानीय लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए.
इन वजहों से आते हैं भूकंप
- टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल: पृथ्वी की बाहरी परत कई विशाल प्लेटों में बंटी हुई है. ये प्लेटें लगातार गति करती रहती हैं. जब ये आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे से दूर जाती हैं या एक-दूसरे के किनारे से खिसकती हैं, तो चट्टानों में तनाव पैदा होता है. तनाव बढ़ने पर भूकंप आ सकता है.
- फॉल्ट लाइन पर चट्टानों का खिसकना: पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद चट्टानों में दबाव बढ़ने से वे मुड़ सकती हैं और अंततः टूट सकती हैं. टूटने या अचानक खिसकने पर जमा ऊर्जा निकलती है, जिससे भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं और धरती में कंपन महसूस होता है.
- ज्वालामुखी गतिविधियां: ज्वालामुखी के भीतर मौजूद पिघली हुई चट्टानों यानी मैग्मा की हलचल से आसपास की चट्टानों में दरारें पड़ सकती हैं. इससे जमीन में कंपन पैदा होता है. इस तरह की भूकंपीय गतिविधियां अक्सर ज्वालामुखी क्षेत्रों में देखने को मिलती हैं.
- भूस्खलन और भूमिगत संरचनाओं का ढहना: पहाड़ों पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन होने या भूमिगत गुफाओं और खदानों के ढहने से भी जमीन में कंपन पैदा हो सकता है. हालांकि, इस तरह की घटनाओं से आमतौर पर सीमित क्षेत्र में कंपन महसूस होता है.
- भूकंप का मुख्य कारण: प्राकृतिक भूकंपों का सबसे प्रमुख कारण टेक्टोनिक प्लेटों की गति और पृथ्वी की सतह के नीचे चट्टानों में जमा तनाव का अचानक मुक्त होना है. इससे उत्पन्न ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में फैलती है, जिससे धरती हिलने लगती है.
महाराष्ट्र में 27 सितंबर को भी आया था भूकंप
महाराष्ट्र के पालघर जिले में इससे पहले भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. 27 सितंबर 2026 को रात में 3.6 तीव्रता का भूकंप आया था. अधिकारियों ने बताया था कि भूकंप के झटके रात 10 बजकर 33 मिनट पर महसूस किए गए. इसका केंद्र जिले के तलासरी क्षेत्र में जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई पर था. जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के चीफ ने बताया था कि भूकंप के कारण किसी के घायल होने या मकानों को नुकसान पहुंचने की कोई सूचना नहीं मिली थी. तटीय महाराष्ट्र में स्थित पालघर जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कम तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं.