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Saudi-Pakistan Relations: सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोही एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं. इसी बीच रिपोर्ट आई है कि सऊदी अरब की ओर से हूतियों के खिलाफ हमला किया जा सकता है. ऐसा इसलिए ताकि लाल सागर ओर अरब सागर के बीच मौजूद बाब अल मंदेब स्ट्रेट को खोला जा सके. हालांकि सऊदी इसमें अपने लोगों को नहीं भेजेगा, बल्कि हवाई मदद देगा. पाकिस्तान ने अपने सैनिक कुर्बान करने की तैयारी कर ली है. 30-40 हजार सैनिक तैनात किए गए हैं.
सऊदी अरब में पाकिस्तान के 30-40 हजार सैनिक तैनात.
दुनिया के तेल और व्यापार की सप्लाई पर दोहरी चोट लगी है. एक तरफ ईरान युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद है, तो दूसरी तरफ यमन में हूती विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट पर कब्जा कर लिया है. दुनिया के समुद्री व्यापार के इन दोनों अहम रास्तों पर संकट के बीच सऊदी अरब ने हूतियों पर हमले की तैयारी शुरू कर दी है. सऊदी अपने लोगों को इस जंग में नहीं भेजेगा. इस ऑपरेशन में यमन की एक लाख से ज्यादा सैनिकों वाली सेना को मैदान में उतारा जा सकता है, जबकि सऊदी अरब हवाई हमलों से उनका साथ देगा. इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका भी बढ़ गई है. उसने सऊदी अरब में 30 से 40 हजार सैनिक तैनात किए हैं और सैन्य उपकरणों के साथ सलाहकार भी भेजे हैं. हालांकि कहा जा रहा है कि ये सैनिक सऊदी की रक्षा के लिए हैं. सऊदी के इस अटैक प्लान से पहले खबर आई थी कि अमेरिका ने अपनी कई पैट्रियट मिसाइलों को सऊदी और कतर के तेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा में तैनात किया है.