ड्यूटी से लापता सिपाही सपा का बना पहरेदार, अखिलेश यादव की साइकिल पर सवार होने की तैयारी, टेंशन में पुलिस विभाग

ड्यूटी से लापता सिपाही सपा का बना पहरेदार, अखिलेश यादव की साइकिल पर सवार होने की तैयारी, टेंशन में पुलिस विभाग


Last Updated:

Gorakhpur Latest News: यूपी में एक सिपाही की नौकरी और सियासी पारी दोनों एक साथ चर्चा में आ गई हैं. गोरखपुर में डायल-112 में तैनात रहे सिपाही श्याम सुंदर चौहान लंबे समय से ड्यूटी से गैरहाजिर हैं और विभाग ने उन्हें निलंबित भी कर रखा है. इसी बीच वह समाजवादी पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रहे हैं और संतकबीरनगर की धनघटा विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हैं.

Zoom

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर.

गोरखपुर: वर्दी में ड्यूटी करने वाला एक सिपाही अब सियासी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है. मामला गोरखपुर का है, जहां डायल-112 में तैनात रहे सिपाही श्याम सुंदर चौहान लंबे समय से ड्यूटी से गैरहाजिर हैं. विभाग ने उन्हें करीब तीन महीने पहले निलंबित कर दिया था, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने पुलिस लाइन में हाजिरी नहीं लगाई. दूसरी तरफ उनकी राजनीतिक सक्रियता लगातार सामने आ रही है. वह समाजवादी पार्टी के कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं और संतकबीर नगर की धनघटा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए सपा के टिकट की दावेदारी कर रहे हैं.

श्याम सुंदर चौहान मूल रूप से संतकबीर नगर के महुली थाना क्षेत्र के नैना झाला गांव के रहने वाले हैं. वह 1994 बैच के सिपाही हैं. वर्ष 2023 में कुशीनगर से तबादले के बाद उनकी तैनाती गोरखपुर की डायल-112 सेवा में हुई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, इसी दौरान वह धनघटा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ने लगे. हाल में लोहरेया में सपा के बूथ अध्यक्षों, जोन प्रभारियों और सेक्टर प्रभारियों की बैठक में भी वह मंच पर नजर आए. उन्होंने वहां कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की बात कही. उनकी सोशल मीडिया पोस्ट और कार्यक्रमों की तस्वीरों में वह सपा नेताओं के साथ लाल टोपी में दिखाई दे रहे हैं.

‘सपा की नीतियों से प्रभावित हूं’, सिपाही ने बताई राजनीति में आने की वजह
श्याम सुंदर चौहान का कहना है कि वह समाजवादी पार्टी की नीतियों से प्रभावित हैं. उनके मुताबिक पुलिस की नौकरी में रहते हुए वह लोगों की उस तरह मदद नहीं कर पा रहे थे, जिस तरह करना चाहते थे. इसी वजह से उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया. उन्होंने यह भी दावा किया कि वह पिछले करीब तीन साल से धनघटा इलाके में सक्रिय हैं और लोगों के बीच काम कर रहे हैं. अब उनकी इच्छा विधायक बनने की है और वह सपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं.

करीब तीन महीने से निलंबित, फिर भी पुलिस लाइन नहीं पहुंचे
पुलिस के मुताबिक श्याम सुंदर लंबे समय तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहे. अधिकारियों को इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्हें करीब तीन महीने पहले निलंबित किया गया. निलंबन के बाद भी वह पुलिस लाइन में हाजिर नहीं हुए हैं. मामले में एक और सवाल यह है कि उनकी गैरहाजिरी के दौरान हाजिरी किस स्तर पर और किस प्रक्रिया से दर्ज होती रही. इस बिंदु को भी विभागीय जांच में शामिल किया गया है.

पुलिस ने शुरू की जांच, आगे हो सकती है कार्रवाई
गोरखपुर के एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिपाही की लंबे समय से गैरहाजिरी और राजनीतिक गतिविधियों, दोनों को जांच के दायरे में रखा गया है. एसपी क्राइम अयोध्या सिंह के मुताबिक, सिपाही निलंबित है और पुलिस लाइन में हाजिरी नहीं लगा रहा है. उससे संपर्क कर गैरहाजिर रहने की वजह जानने की कोशिश की जा रही है. उचित कारण सामने नहीं आने पर आगे विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

सरकारी नौकरी के साथ राजनीति का सवाल
मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि सरकारी कर्मचारी नौकरी के साथ किसी राजनीतिक पार्टी की गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकते. सरकारी कर्मचारियों के लिए इससे जुड़े नियम हैं. ऐसे में श्याम सुंदर का सपा के कार्यक्रमों में शामिल होना भी जांच का हिस्सा है.



Source link