‘घर से वादा करके गया था, गोल्ड लेकर लौटूंगा’, पहलवान सुजीत कलकल के जीत की कहानी, सुनिए पिता की जुबानी

‘घर से वादा करके गया था, गोल्ड लेकर लौटूंगा’, पहलवान सुजीत कलकल के जीत की कहानी, सुनिए पिता की जुबानी


Last Updated:

Charkhi Dadri News: एशियन गेम्स 2026 में फ्री स्टाइल कुश्ती के 65 किलोग्राम वर्ग में भारत के पहलवान सुजीत कलकल ने 15वां गोल्ड मेडल जीत लिया है. सुजीत के गांव में इस समय खुशी का माहौल है. मां के कहा कि पूरे गांव और जिले से बधाई मिल रही है. बेटे को चूरमा खिलाकर भेजा था, अब लौटेगा तो फिर चूरमा खिलाउंगी.

'घर से वादा करके गया था, गोल्ड लेकर लौटूंगा', बोले पहलवान सुजीत कलकल के पिताZoom

पहलवान सुजीत कलकल के पिता

चरखी दादरी: एशियाई खेलों की फ्री स्टाइल कुश्ती प्रतियोगिता में हरियाणा के लाल ने गोल्ड जीतकर भारत का परचम लहराया है. चरखी दादरी जिले के गांव इमलोटा निवासी युवा पहलवान सुजीत कलकल ने स्वर्ण पदक जीत लिया है. सुजीत की इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद उनके पैतृक गांव इमलोटा में खुशी की लहर दौड़ गई. परिजनों ने ग्रामीणों के साथ बैठकर टीवी पर लाइव मुकाबला देखा और जैसे ही सुजीत ने जीत दर्ज की, पूरा गांव ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ जश्न में डूब गया.

उनके पिता दयानंद कलकल से फोन पर बातचीत कर बधाई दी. विधायक सुनील सांगवान ने कहा कि सुजीत ने न केवल चरखी दादरी का, बल्कि पूरे हरियाणा और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा किया है. सुजीत जैसे होनहार खिलाड़ी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और सरकार व क्षेत्र की जनता खिलाड़ियों के साथ हमेशा खड़ी है.

वादा किया था कि गोल्ड जीतकर लौटेगा
भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) सोनीपत में कुश्ती कोच और सुजीत के पिता दयानंद कलकल ने बेटे की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि बेटे ने कमाल कर दिया है. उसने केवल हमारा ही नहीं, पूरे देश का दिल जीता है. उसी के देश में जाकर ओलंपिक चैंपियन को हराना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. यह जीत ओलंपिक का सेमीफाइनल जैसी है और अब मुख्य लक्ष्य देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड लाना है. जब वह घर से निकला था, तब वादा करके गया था कि गोल्ड जीतकर ही लौटेगा. उसने 2025 के बाद से अब तक कोई मुकाबला नहीं गंवाया है और अपनी मेहनत से देश को गौरवान्वित किया है. सुजीत आगामी वर्ल्ड चैंपियनशिप और आगामी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भी देश के लिए पदक का मजबूत दावेदार है.

युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जो भी काम करें, उसमें 100 फीसदी ध्यान झोंक दें, सफलता जरूर मिलेगी. वहीं युवाओं को नशे से दूर रहकर केवल अपने टारगेट पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. गांव में आयोजित होने वाले भव्य सम्मान समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित मंत्रियों व विधायकों को भी आमंत्रित किया जाएगा.

चूरमा खिलाकर भेजा था, चूरमे से ही करूंगी स्वागत
सुजीत की माता मंजीत देवी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मेरे बेटे ने मेरे दूध की लाज रखी है. जाने से पहले उसने कहा था कि मां, गोल्ड लेकर ही आऊंगा. मैंने उसे अपने हाथ से चूरमा बनाकर खिलाया था और जब वह वतन लौटेगा तो फिर से चूरमा खिलाकर ही उसका मुंह मीठा कराएंगे. यह पूरे देश, गांव और परिवार की जीत है.

उन्होंने कहा कि सभी अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को नशे और गलत संगत से दूर रखें, अच्छी शिक्षा और खेल की ओर प्रेरित करें, ताकि वे देश का नाम रोशन कर सकें. सुजीत का अगला बड़ा लक्ष्य ओलंपिक है. गांव इमलोटा में सुजीत के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और ग्रामीण अपने लाल के स्वदेश लौटने पर ऐतिहासिक स्वागत की तैयारियों में जुट गए हैं.



Source link