Last Updated:
Rasik Dulari Mother: प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अभी तक नहीं मिल पाए कि उनकी मौत कैसे हुई और क्यों हुई? इस सबके बीच रसिक दुलारी की मां ने न्यूज 18 के साथ बातचीत की है. उन्होंने कहा कि आश्रम में उन्हें उनके बेटे से मिलने नहीं दिया था और बताया जाता था कि वह गुरु जी की सेवा में लगा है. उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता है. रसिक दुलारी की मौत के बाद उनके गांव में मातम छाया हुआ है.
रसिक दुलारी की मां ने खोले कई राज?
Premanand Maharaj Disciple Rasik Dulari: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी उर्फ दीपक पटेल की मौत आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे गिरने से हो गई थी. शुरुआत में इसे आत्महत्या माना जा रहा है, लेकिन मामला संदिग्ध होने की वजह से पुलिस इसकी जांच कर रही है. इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह आश्रम की छत से छलांग लगाता हुआ दिखाई दे रहा है. सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर सिर से लेकर छाती और पसलियों तक कई गंभीर चोटों का जिक्र है. अब न्यूज 18 के साथ बातचीत में रसिक दुलारी की मां और बहन ने बताया है कि जब वह अपने बेटे से मिलने गई थीं, तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया था.
आश्रम में मां को बेटे से मिलने नहीं दिया
दीपक की मां ने कहा कि लौंगबाई पटेल ने कहा कि दीपक मेरा बेटा था. वह यहां से दो साल पहले राधाष्टमी में गया था. फिर वह वहीं रहने लगा और उसने दीक्षा ली. बाद में जब हम गए, तो उसने हमें पूरा वृंदावन घुमाया. फिर हम जाते थे, तो हमें मिलने भी नहीं देते थे. बातें बनाकर हमें टाल देते थे. हम दो बार मिलने अपने बेटे से गए थे. लेकिन हमें मिलने नहीं दिया गया. वहां बोलते थे कि गुरु जी की सेवा में है.
जब रिपोर्टर ने पूछा कि आपको कैसे सूचना मिली कि रसिक दुलारी के बारे में. तो मां लौंगबाई पटेल ने कहा कि गुरु जी के एक शिष्य हैं. उनका फोन आया था कि माता जी आपका बेटा गिर गया है और आप आ जाओ. फिर हम भागते हुए गए, तो हमारा बेटा नहीं रहा. हमारा बेटा ऐसा नहीं सकता है. हमें नहीं लगता है कि बेटा आत्महत्या कर सकता है.
मां ने की जांच की मांग
मां ने बताया कि कभी उसका फोन भी नहीं आया. हमने धीरज रखा था कि हमारा बेटा भगवान की शरण में था. हमें अब जांच चाहिए. अब राधा रानी ही जानें कि किस तरह से मौत हुई है. हमारा बेटा शुरू से ही धार्मिक प्रवृत्ति का था और चारों धाम की उसने परिक्रमा की थी.
क्या बोलीं रसिक दुलारी की बहन?
रसिक दुलारी उर्फ दीपक पटेल की बहन मछला पटेल ने कहा कि मेरा भाई ऐसा नहीं कर सकता था. वह शुरू से ही पूजा करता था. एक साल उसने गुरु जी के साथ परिक्रमा की थी. फिर उसने घर में बताया कि हम वृंदावन जाकर रहेंगे. वह दो साल से वहां रह रहा था. जब हम उससे मिलने गए थे. तब मिलने नहीं दिया गया था. आश्रम से मां के पास फोन आया था कि आपका बेटा गिर गया है. जितनी जल्दी हो सके आ जाओ. पुलिस वाले अस्पताल तक ले गए थे. हम सीबीआई जांच की मांग करते हैं.