जयपुर. राजस्थान में शहरों की सरकार बनने के बाद अब गांव की सरकार बनाने की तैयारी पूरी हो गई है. पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग कल चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा. आयोग की ओर से कल दोपहर 3 बजे पंचायती राज सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई है. इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंचायत चुनाव की तारीखों और कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी.
चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो जाएगी. इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर भी प्रतिबंध रहेगा. प्रदेश में पहले निकाय चुनाव कराए गए हैं और अब ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की दिशा में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव होने जा रहे हैं.
| एक नजर में जानें पूरा चुनाव कार्यक्रम | |
|---|---|
| प्रेस कॉन्फ्रेंस | कल दोपहर 3 बजे |
| जगह | पंचायती राज सभागार |
| चुनाव | पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 |
| संभावित चरण | करीब 4 चरण |
| कुल जनप्रतिनिधि | करीब 1.69 लाख |
| जिला परिषद सदस्य | 1,403 |
| पंचायत समिति सदस्य | 8,245 |
| जिला प्रमुख | 41 |
| पंचायत समितियां | 457 |
| ग्राम पंचायतें | 14,403 |
| महिला जिला प्रमुख | 20 |
| महिला प्रधान | 221 |
| महिला सरपंच | करीब 7,200 |
| महिला वार्ड पंच | करीब 65 हजार |
| सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव | बैलेट पेपर से |
| पंचायत समिति और जिला परिषद का चुनाव | EVM द्वारा |
| आचार संहिता | चुनाव घोषणा के साथ लागू |
| कर्मचारियों के तबादले | ग्रामीण क्षेत्रों में रोक |
कल क्या होगा?
- राज्य निर्वाचन आयोग दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा.
- पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 के कार्यक्रम की घोषणा होगी.
- चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो जाएगी.
- ग्रामीण क्षेत्रों में कर्मचारियों के तबादलों पर प्रतिबंध लग जाएगा.
- चुनाव कितने चरणों में होंगे, इसकी तस्वीर भी आयोग की घोषणा के बाद साफ होगी.
करीब 1.69 लाख जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे
राज्य में पंचायती राज चुनाव के जरिए करीब 1.69 लाख जनप्रतिनिधियों का चुनाव होगा. इनमें जिला परिषद, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत, सरपंच और वार्ड पंच के पद शामिल हैं.
चुनाव से जुड़े प्रमुख आंकड़े:
- 1,403 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे.
- 8,245 पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे.
- 41 जिला प्रमुख चुने जाएंगे.
- 457 पंचायत समितियों में प्रधान चुने जाएंगे.
- 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच, उप सरपंच और वार्ड पंच चुने जाएंगे.
- करीब 1.30 लाख वार्ड पंचों के पदों पर चुनाव होगा.
कौन किसे चुनेगा?
पंचायती राज चुनाव में अलग-अलग स्तर पर चुनाव की प्रक्रिया होगी. इसे आसान भाषा में ऐसे समझिए:
जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे, इसके बाद चुने हुए जिला परिषद सदस्य जिला प्रमुख का चुनाव करेंगे.
इसी तरह पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे और ये सदस्य अपने बीच से प्रधान का चुनाव करेंगे.
ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव होंगे. ग्राम पंचायत में चुने गए वार्ड पंच उप सरपंच के चुनाव में भी हिस्सा लेंगे.
पूरे राजस्थान में बड़े स्तर पर चुनाव होने हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव को करीब चार चरणों में करा सकता है. हालांकि चरणों की संख्या और किस चरण में किन क्षेत्रों में मतदान होगा, इसकी आधिकारिक जानकारी आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही साफ होगी. चुनाव की प्रक्रिया एक साथ पूरे प्रदेश में होने के कारण प्रशासन और पुलिस के सामने भी बड़ी जिम्मेदारी रहेगी.
सरपंच का चुनाव बैलेट पेपर से, पंचायत समिति और जिला परिषद में EVM
पंचायती राज चुनाव में मतदान के तरीके को लेकर भी खास जानकारी सामने आई है.
- सरपंच के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे.
- वार्ड पंच का चुनाव भी बैलेट पेपर के जरिए होगा.
- पंचायत समिति सदस्य के लिए EVM से मतदान कराया जाएगा.
- जिला परिषद सदस्य के चुनाव में भी EVM का इस्तेमाल होगा.
इस तरह गांव में एक ही चुनाव प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग पदों के लिए मतदान का तरीका अलग हो सकता है.
महिलाओं को 50 फीसदी भागीदारी
पंचायती राज चुनाव में महिलाओं की 50 फीसदी भागीदारी रहेगी. अलग-अलग स्तर पर बड़ी संख्या में पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे.
महिला आरक्षण से जुड़े प्रमुख आंकड़े:
- 41 जिला प्रमुखों में से 20 पद महिलाओं के लिए होंगे.
- 457 पंचायत समितियों में 221 महिला प्रधान होंगी.
- 14,403 ग्राम पंचायतों में करीब 7,200 महिला सरपंच चुनी जाएंगी.
- 1,30,584 वार्ड पंच पदों में से करीब 65 हजार पद महिलाओं के लिए होंगे.
इससे बड़ी संख्या में महिलाएं सीधे गांव की सरकार में चुनी जाएंगी.
त्योहारों के बीच होंगे चुनाव
इस बार पंचायती राज चुनाव ऐसे समय में होने जा रहे हैं, जब प्रदेश में त्योहारी सीजन भी रहेगा. नवरात्र से लेकर दशहरा और उसके बाद दीपावली तक त्योहारों का दौर चलेगा. इसी समय किसानों के लिए रबी की बुवाई का काम भी शुरू हो जाता है. ऐसे में गांवों में चुनाव और खेती दोनों गतिविधियां एक साथ चलेंगी. प्रत्याशियों और ग्रामीणों के लिए यह समय काफी व्यस्त रहने वाला है.
15 नवंबर से पहले चुनाव पूरा कराने की तैयारी
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पहले कहा गया था कि हाईकोर्ट के निर्देशों की पूरी पालना करते हुए 15 नवंबर से पहले पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया पूरी करा दी जाएगी. अब कल चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद यह साफ होगा कि मतदान किस तारीख से शुरू होगा और अलग-अलग चरणों में चुनाव कब-कब कराए जाएंगे.
आचार संहिता लगते ही क्या बदलेगा?
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो जाएगी. इसका सीधा असर सरकारी कामकाज और कर्मचारियों के तबादलों पर भी पड़ेगा. ग्रामीण क्षेत्रों में कर्मचारियों के तबादलों पर रोक रहेगी. चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को भी चुनाव आचार संहिता का पालन करना होगा. अब कल होने वाली राज्य निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पूरे राजस्थान की नजर रहेगी. इसी के साथ गांव की सरकार के चुनाव का पूरा कार्यक्रम सामने आ जाएगा और ग्रामीण इलाकों में चुनावी गतिविधियां तेज हो जाएंगी.