Diwali 2026: धनतेरस से दिवाली तक तारीख और मुहूर्त को लेकर हैं कन्फ्यूज? काशी के ज्योतिषी से जानें सबकुछ

Diwali 2026: धनतेरस से दिवाली तक तारीख और मुहूर्त को लेकर हैं कन्फ्यूज? काशी के ज्योतिषी से जानें सबकुछ


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दिवाली 8 नवंबर को या 9 को? अमावस्या तिथि से दूर करें कन्फ्यूजन, जानें तारीख

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Diwali 2026: दीपावली देशभर में धूमधाम से मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है. पांच दिवसीय इस पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है और भाई दूज के साथ इसका समापन होता है. इस बार धनतेरस से लेकर दीपावली और भाई दूज तक की तारीखों को लेकर अगर आपके मन में कोई कन्फ्यूजन है, तो यहां जानिए पूरे पर्व की तारीख और पूजा के शुभ समय की जानकारी.

Diwali Kab Hai 2026: दीप और खुशियों का महापर्व दीपावली देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. धनतेरस के साथ पांच दिवसीय दीपावली पर्व की शुरुआत होती है. बीते कुछ वर्षों से तिथियों में हेरफेर के कारण दीपावली की तारीख को लेकर लोगों के बीच कन्फ्यूजन बना रहता है. इस बार भी धनतेरस से लेकर दीपावली तक के त्योहार कब मनाए जाएंगे, इसे लेकर अगर आपके मन में कोई संशय है, तो आइए इसे दूर करते हैं.

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर पंडित सुभाष पांडेय ने बताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व का आगाज होता है. पंच दिवसीय इस महापर्व के पहले दिन धनतेरस का पर्व मनाया जाता है. इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी के साथ आरोग्य के देवता धन्वंतरि की पूजा-अर्चना भी की जाती है. इस बार धनतेरस का महापर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा.

इसके अगले दिन यानी 7 नवंबर को चतुर्दशी तिथि पर नरक चतुर्दशी और हनुमान जयंती मनाई जाएगी. इस दिन यम के नाम का दीप जलाया जाता है. मान्यता है कि इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है. नरक चतुर्दशी के अगले दिन अमावस्या होती है और इसी दिन दीपावली मनाई जाती है.

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वैदिक हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक अमावस्या तिथि की शुरुआत 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर होगी, जो अगले दिन यानी 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी. दीपावली में लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए निशाकालीन समय और अमावस्या तिथि का होना जरूरी होता है. इसलिए इस बार 8 नवंबर को ही दीपावली मनाई जाएगी.

दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए शाम 7 बजकर 35 मिनट से लेकर 8 बजकर 56 मिनट तक का समय सबसे शुभ बताया गया है. इसी समय घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पूजा-अर्चना की जा सकती है.

दीपावली के अगले दिन अन्नकूट का उत्सव मनाया जाता है. इसके अगले दिन यानी कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का पर्व मनाया जाता है. इस बार भाई दूज का पर्व 10 नवंबर को मनाया जाएगा.

इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी आयु की कामना करती हैं. भाई दूज के पर्व से ही दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व का समापन होता है.



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