IAS Drishti Jaiswal UPSC Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले हर उम्मीदवार का सफर अलग होता है. किसी के पास बेहतर सुविधाएं और महंगी कोचिंग का सपोर्ट होता है तो कोई सीमित साधनों के साथ ही परीक्षा की तैयारी करता है. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की दृष्टि जयसवाल की कहानी भी ऐसे ही संघर्ष और मेहनत की है. जहां उनके पिता एक छोटी सी किराने की दुकान चलाते थे, वहीं उनकी मां गृहिणी हैं. उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन दृष्टि ने IAS बनने का सपना कभी नहीं छोड़ा. यूपीएससी में लगातार तीन बार असफल होने के बाद भी उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और चौथे प्रयास में सफलता हासिल कर IAS ऑफिसर बन गईं.
गोरखपुर से शुरू हुआ पढ़ाई का सफर
दरअसल, दृष्टि जयसवाल गोरखपुर के मोहद्दीपुर की रहने वाली हैं. उनके पिता रमाशंकर जयसवाल चार फाटक रोड पर किराने की दुकान चलाते हैं. जबकि उनकी मां घर संभालती हैं. परिवार में पढ़ाई को हमेशा महत्व दिया गया है. दृष्टि ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गोरखपुर के सेंट जूड्स स्कूल और डिवाइन पब्लिक स्कूल से की. इसके बाद उन्होंने महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज से B.Sc. की डिग्री हासिल की. साल 2018 में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी.
सोशियोलॉजी को बनाया अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट
ग्रेजुएशन के बाद दृष्टि ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और सोशियोलॉजी को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना. उनकी तैयारी में परिवार ने उनका पूरा साथ दिया. दृष्टि के मुताबिक, उनके पिता और बड़े भाई ने उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए लगातार हिम्मत दी. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने उनकी तैयारी में किसी तरह की कमी नहीं आने दी.
तीन बार मिली असफलता, चौथी बार में बनीं IAS
दृष्टि के लिए यूपीएससी का सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा. उन्होंने पहली बार परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद दूसरे और तीसरे प्रयास में भी उनका सेलेक्शन नहीं हो सका. लगातार तीन असफलताओं का असर उनके आत्मविश्वास पर पड़ा और एक समय उन्हें खुद पर भी भरोसा कम होने लगा. लेकिन परिवार ने उनका साथ नहीं छोड़ा. उन्होंने फिर से तैयारी शुरू की और चौथी बार पूरी मेहनत के साथ परीक्षा दी. आखिरकार उनकी मेहनत सफल हुई. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में दृष्टि जयसवाल ने ऑल इंडिया 225वीं रैंक हासिल की और IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया.
शादी के बाद बदला कैडर
यूपीएससी पास करने और लाला बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन यानी LBSNAA में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद दृष्टि को कर्नाटक कैडर मिला था. बाद में IPS अधिकारी मनस्वी शर्मा से शादी के बाद उनका कैडर बदलकर मध्य प्रदेश कर दिया गया. वर्तमान में दृष्टि मध्य प्रदेश कैडर में काम कर रही हैं और रीवा जिले के सिरमौर में SDM के पद पर तैनात हैं.
पति भी हैं IPS अधिकारी
दृष्टि के पति मनस्वी शर्मा भी सिविल सेवा अधिकारी हैं. वह 2023 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला है. उन्होंने अपने छठे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास की थी और 101वीं रैंक हासिल की थी. इस तरह दृष्टि और मनस्वी दोनों ने लंबे संघर्ष के बाद सिविल सेवा में अपनी जगह बनाई है. दृष्टि की कहानी बताती है कि संसाधन कम होने के बावजूद लगातार कोशिश और परिवार का साथ किसी भी बड़े लक्ष्य की राह आसान बना सकता है.