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Himachal Assembly Elections: हिमाचल प्रदेश में सुक्खू कैबिनेट में शामिल 86 वर्षीय डॉ. धनीराम शांडिल ने राजनीति से संन्यास पर पत्ते नहीं खोले. उन्होंने कहा कि वे हर काम के लिए तैयार हैं और आलाकमान फैसला करेगा कि सोलन से अगला चुनाव कौन लड़ेगा.वह सोलन विधानसभा से चुनाव लड़ते आ रहे हैं.
शिमला. 86 साल की उम्र में भी हिमाचल के वरिष्ठ नेता और मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल की सियासी पारी को लेकर सस्पेंस बरकरार है. अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस के मौके पर शिमला में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शांडिल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. उन्होंने वृद्ध जनों को दिवस की शुभकामनाएं दीं और खुद को ऊर्जा से भरपूर बताया. राजनीति से रिटायरमेंट के सवाल पर शांडिल ने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले. उन्होंने कहा कि वे हर काम के लिए तैयार हैं. ऐसे में 86 साल की उम्र में भी उनकी सक्रिय राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं.
सोलन विधानसभा सीट से अगला चुनाव वह खुद लड़ेंगे या उनके बेटे, इस सवाल पर शांडिल ने कहा कि उन्हें चुनाव लड़ाने का फैसला पार्टी का आलाकमान करेगा. शांडिल पहले भी कई मौकों पर इशारों में राजनीति से रिटायरमेंट की बात कहते रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपने अगले कदम को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया.
उन्होंने बताया कि वह 1999 से विधायक हैं. मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि उम्र मेरे काम में बाधा बन रही हैं. उन्होंने 19 साल की उम्र में युद्ध लड़ा तो ऐसे में मेरा मानना है कि उम्र चाहे कोई भी हो, काम करते रहना चाहिए.
सोलन से जीत रहे हैं चुनाव
गौरतलब है कि डॉ. धनीराम शांडिल सोलन विधानसभा सीट से अपने दामाद राजेश कश्यप को चुनाव हराकर विधानसभा पहुंचे हैं. विधानसभा में पहुंचने से पहले वे लोकसभा के सदस्य भी रह चुके हैं. वह वीरभद्र सरकार में मंत्री भी रहे थे. हालांकि, बीते दो चुनाव में वह अपने दामाद को हराकर विधानसभा पहुंच रहे हैं. परिवार में उनके अलावा, पत्नी, बेटा और बेटी है. शांडिल ने 1996 में एचपीयू से पीएडी की थी. वह भारतीय सेना से कर्नल के पद से रिटायर हुए थे और फिर राजनीति में कदम रखा था.