नर्मदा नदी के बीच चलती नाव में लगी भीषण आग, यात्रियों में मचा हड़कंप; नाविक के दिमाग से बची जान

नर्मदा नदी के बीच चलती नाव में लगी भीषण आग, यात्रियों में मचा हड़कंप; नाविक के दिमाग से बची जान


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Khandwa News: खंडवा जिले की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर के गोमुख घाट के सामने नर्मदा नदी में एक दर्दनाक हादसा होने से टल गया, जब नदी के बीच में चल रही नाव में अचानक आग लग गई. इसके बाद यात्रियों में हड़कंप मच गया. फिर तुरंत नाविक ने दूसरी नाव को आवाज देकर बुलाया और यात्रियों को उसमें शिफ्ट कर दिया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया.

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नर्मदा नदी के बीच चलती नाव में लगी आग

Khandwa News: मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी की कलकल बहती धारा के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. गोमुख घाट के सामने श्रद्धालुओं से भरी नाव के इंजन में अचानक आग लग गई. नाव से उठती आग की लपटें देख यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई. लेकिन नाविक की सूझबूझ और सही समय पर मिली मदद से 5 से 6 यात्रियों को सुरक्षित दूसरी नाव में शिफ्ट कर लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.

बताया जा रहा है कि नाव क्रमांक 198 में होंडा कंपनी का पेट्रोल इंजन लगा हुआ था. यात्री नर्मदा नदी की लहरों के बीच ओंकारेश्वर के दर्शन और नौकाविहार का आनंद ले रहे थे कि तभी अचानक नाव के इंजन से धुएं के साथ आग की तेज लपटें उठने लगीं. लकड़ी की नाव होने के कारण आग फैलने का खतरा बहुत अधिक था, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं की सांसें अटक गईं.

नाविक की सूझबूझ से बची जान
आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. ऐसे वक्त में नाविक ने बिना घबराए तुरंत समझदारी दिखाई और पास से गुजर रही दूसरी नाव को आवाज दी. इसके बाद यात्रियों को दूसरी नाव में शिफ्ट कर दिया गया. नाविक की सूझबूझ से बड़ी त्रासदी टल गई. इसके बाद आग लगी नाव पर काबू पाने की कोशिश की गई.

घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद सीएमओ मोनिका पारधी ने तत्काल प्रभाव से आग पकड़ने वाले इंजन को जब्त करने के सख्त निर्देश दिए हैं. अब इस बात की गहन जांच की जाएगी कि आखिर जलपरी बनी इस नाव में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कैसे हुई.

सुरक्षा पर उठते गंभीर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब पवित्र ओंकारेश्वर के जल क्षेत्र में इस तरह की जानलेवा लापरवाही सामने आई हो. इससे पहले भी नावों के इंजनों में आग लगने के मामले सामने आ चुके हैं. बार-बार दोहराई जा रही ये घटनाएं प्रशासन के सुरक्षा दावों की पोल खोलती हैं. अगर वक्त रहते नाविकों और नावों की नियमित फिटनेस जांच नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा तीर्थयात्रियों की खुशियों को मातम में बदल सकता है.



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