कौन हैं DM अंशुल कुमार? कूड़ा चुन रहे बच्चे को बुलाया, बिस्किट दिया और बोले- पढ़ने जाओ

कौन हैं DM अंशुल कुमार? कूड़ा चुन रहे बच्चे को बुलाया, बिस्किट दिया और बोले- पढ़ने जाओ


पूर्णिया. बिहार के पूर्णिया में डीएम अंशुल कुमार की संवेदनशीलता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में डीएम सड़क किनारे कूड़ा-कचरा चुन रहे एक बच्चे को देखकर अपनी गाड़ी रुकवाते हैं. वह बच्चे को पास बुलाकर बिस्किट देते हैं और उससे पढ़ाई के बारे में पूछते हैं. इसके बाद अधिकारियों को निर्देश देते हैं कि बच्चे का सरकारी स्कूल में दाखिला कराया जाए, ताकि वह पढ़ाई कर सके.

यह वीडियो पूर्णिया के बायसी प्रखंड क्षेत्र का बताया जा रहा है. डीएम अंशुल कुमार क्षेत्र के दौरे पर थे. इसी दौरान उनकी नजर कूड़ा चुन रहे बच्चों पर पड़ी. उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया.

कूड़ा चुनकर पैसे जुटाता है बच्चा

जिस बच्चे को डीएम ने बिस्किट दिया, उसकी पहचान छोटू कुमार के रूप में हुई है. छोटू ने बताया कि उसकी मां की मौत हो चुकी है और घर में उसके पिता हैं. वह कूड़ा-कचरा चुनकर उसे बेचता है, जिससे कुछ पैसे मिल जाते हैं. छोटू के मुताबिक, डीएम ने उसे बिस्किट दिया और पढ़ाई करने के लिए कहा है. अब उसका कहना है कि वह स्कूल में दाखिला लेकर पढ़ाई करेगा और आगे बढ़ने की कोशिश करेगा.

डीएम ने कहा- शिक्षा सबके लिए जरूरी

डीएम अंशुल कुमार ने बताया कि वह बायसी प्रखंड क्षेत्र के दौरे पर गए थे. वहां कुछ बच्चे कचरा चुनते हुए मिले. बातचीत के दौरान पता चला कि कुछ बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं. उन्होंने बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. डीएम ने कहा कि शिक्षा सभी के लिए जरूरी है. गरीब परिवारों के बच्चों को भी सरकारी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा मिल सके, इसके लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. जरूरत है कि ऐसे बच्चों को इन योजनाओं से जोड़ा जाए.

बच्चों के बीच पहुंचकर बांटे बिस्किट और टॉफी

डीएम के दौरे के कुछ अन्य वीडियो भी सामने आए हैं. इनमें वह महादलित बस्ती के बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें बिस्किट और टॉफी देते नजर आ रहे हैं. डीएम बच्चों से उनकी पढ़ाई को लेकर भी सवाल करते हैं. बच्चों से बातचीत के दौरान वह उन्हें नियमित स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित करते दिखे.

स्कूल में शिक्षक की भूमिका में दिखे डीएम

बायसी के एक स्कूल से सामने आए एक अन्य वीडियो में डीएम अंशुल कुमार बच्चों के बीच बैठकर उनसे बातचीत करते नजर आ रहे हैं. इस दौरान वह बच्चों से शिक्षक की तरह सवाल-जवाब करते हैं और पढ़ाई को लेकर उनकी जानकारी जानने की कोशिश करते हैं. कूड़ा चुनने वाले बच्चे के साथ डीएम का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है. वीडियो में दिखाई दे रही पहल ने यह संदेश दिया है कि प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर पर ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की जा सकती है.

कौन हैं DM अंशुल कुमार?

अंशुल कुमार 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. पूर्णिया का डीएम बनने से पहले वह बांका के जिलाधिकारी रह चुके हैं. बांका में अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिस अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था. लोकसभा चुनाव के दौरान कम खर्च में निर्वाचन प्रक्रिया के संचालन और बेहतर प्रबंधन के लिए बांका की सराहना हुई थी. अंशुल कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं. उनका पालन-पोषण गाजियाबाद में हुआ. उन्होंने प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MMNIT) से बीटेक की पढ़ाई की. उनके पिता श्रम विभाग, गाजियाबाद में कार्यरत रहे हैं और बेटे को आईएएस बनाने का सपना देखते थे.

अंशुल कुमार ने 2014 में SSC परीक्षा पास कर एक्साइज इंस्पेक्टर के रूप में करियर शुरू किया. इसके बाद 2015 में UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया 293वीं रैंक हासिल की और भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित हुए. इससे पहले उसी परीक्षा में उन्हें इंडियन फॉरेस्ट सर्विस में भी सफलता मिली थी. अब पूर्णिया में डीएम के तौर पर उनके कामकाज और आम लोगों से संवाद का अंदाज चर्चा में है.



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