पारंपरिक खेती छोड़ी, शिवपुरी के किसान की चिया सीड से बदली किस्मत, कम लागत में हुआ बंपर मुनाफा

पारंपरिक खेती छोड़ी, शिवपुरी के किसान की चिया सीड से बदली किस्मत, कम लागत में हुआ बंपर मुनाफा


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पारंपरिक खेती छोड़ी, शिवपुरी के किसान की चिया सीड से बदली किस्मत

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Chia Seed Cultivation: शिवपुरी जिले के दौलतगंज गांव के किसान मजबूत सिंह गुर्जर ने पारंपरिक खेती से हटकर चिया सीड की खेती अपनाई और कम लागत में बेहतर मुनाफे की मिसाल पेश की. रासायनिक खाद और बढ़ती खेती लागत से परेशान किसान ने कृषि विभाग के मार्गदर्शन में जैविक और प्राकृतिक पद्धति से खेती शुरू की, जिसका परिणाम 90 दिन में तैयार होने वाली लाभदायक फसल के रूप में मिला.

मजबूत सिंह बताते हैं कि गांव में कृषि विभाग की चौपाल के दौरान बीटीएम राकेश धाकड़ और उप संचालक कृषि मुनेश शाक्यवार ने चिया सीड जैसी उच्च मूल्य वाली फसल की जानकारी दी. इसके बाद उन्होंने रबी सीजन में अपने खेत में इसका प्रयोग करने का फैसला लिया.

किसान ने खेत को केवल एक जुताई और पटेला लगाकर तैयार किया. प्रति बीघा करीब 1 किलोग्राम बीज की बुआई की गई. खास बात यह रही कि फसल में महंगे रासायनिक खाद की जरूरत नहीं पड़ी और करीब 90 दिनों में फसल तैयार हो गई.

मजबूत सिंह को प्रति बीघा 2.25 से 3.5 क्विंटल तक उपज मिली. वहीं, नीमच और मंदसौर मंडियों में चिया सीड का भाव करीब 25,000 रुपये प्रति क्विंटल मिलने से उन्हें न्यूनतम लागत में अच्छा लाभ प्राप्त हुआ.

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अपनी सफलता के बाद मजबूत सिंह आसपास के गांवों में किसानों को चिया सीड, जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उनका कहना है कि सही तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन से सीमित संसाधनों में भी खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है.

किसान की सलाह: कम लागत, कम समय और बाजार में अच्छी कीमत वाली फसलों पर किसानों को जरूर विचार करना चाहिए.



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