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UP Election 2027: यूपी चुनाव 2027 को लेकर अवध रीजन में सियासी हलचल तेज हो गई है. अयोध्या और अमेठी की जनता को 2024 में बीजेपी को हराने का पछतावा हो रहा है. ग्राउंड रिपोर्ट में लोग मान रहे हैं कि उन्होंने मोदी-योगी के साथ गलत किया. उधर समाजवादी पार्टी पीडीए रथ यात्रा के दम पर जीत का दावा कर रही है. बीजेपी कानून-व्यवस्था और राम मंदिर के सहारे बड़ी वापसी की तैयारी में है.
‘मोदी-योगी के साथ गलत हुआ’; आखिर आयोध्या की जनता को किस बात का पछतावा. (फाइल फोटो- पीटीआई)
UP Election Ground Report: ‘हमें लगता है कि मोदी-योगी के साथ गलत हो गया, लेकिन इस बार सब ठीक होगा.’ दरअसल, ये शब्द किसी राजनीतिक पार्टी, नेता या किसी एनलिस्ट की नहीं है. ये शब्द अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के बाहर देसी घी के लड्डू बेच रहे दुकानदार की है. लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा की हार पर पछतावा जता रहे हैं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन अवध वाले क्षेत्र में भाजपा का खास ध्यान है. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को यूपी के अवध क्षेत्र में सबसे बड़ा झटका लगा था. यहां की 16 लोकसभा सीटों में से बीजेपी 11 हार गई थी. पार्टी ने अयोध्या, सुल्तानपुर और अमेठी जैसी वीआईपी सीटें भी गंवा दी थीं. लखनऊ के आसपास की बाराबंकी सीट पर भी हार का सामना करना पड़ा था. राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या में हारना बीजेपी के लिए सबसे बड़ा सदमा था.
क्या अवध में फिर चलेगा अखिलेश का जादू या होगी भाजपा की वापसी?
भाजपा का अवध रीजन में हमेशा से मजबूत प्रदर्शन रहा है. साल 2019 में पार्टी ने यहां की 14 सीटों पर जीत दर्ज की थी. साल 2014 में भी अमेठी और रायबरेली छोड़कर बीजेपी ने 14 सीटें जीती थीं. लेकिन 2024 की करारी हार ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या समाजवादी पार्टी 2027 में भी अवध में क्लीन स्वीप करेगी. पिछले हफ्ते लखनऊ, अयोध्या और रायबरेली-अमेठी के ग्राउंड जीरो पर जाने का मौका मिला. वहां आम लोगों के बीच एक खास तरह का सेंटिमेंट देखने को मिला. जनता के बीच यह भावना है कि उन्होंने 2024 में मोदी-योगी की जोड़ी के साथ गलत किया. अमेठी के एक गांव की महिलाओं ने इस पर खुलकर बात की. महिलाओं ने कहा, ‘दीदी ने अमेठी के लिए बहुत काम किया था. हमें लगता है कि अगर वह सांसद बनी रहतीं तो ज्यादा विकास होता’.
महाराष्ट्र-हरियाणा की तरह चौंकाएगी बीजेपी?
लखनऊ में बैठे बीजेपी के सीनियर नेता भी इस ग्राउंड सेंटिमेंट को महसूस कर रहे हैं. उनका मानना है कि जनता अपनी गलती सुधारना चाहती है. हालांकि बीजेपी विधायकों के खिलाफ लोगों में अभी भी नाराजगी है. लोग शिकायत करते हैं कि उनके बहुत से काम नहीं हो पाए. इसके बावजूद पार्टी को यूपी में भी बड़ी जीत की उम्मीद है. बीजेपी का मानना है कि महाराष्ट्र और हरियाणा में 2024 में हार के बाद पार्टी ने जबरदस्त वापसी की. यूपी में भी बिल्कुल यही कहानी दोहराई जाएगी. लेकिन यह रास्ता बीजेपी के लिए इतना आसान नहीं होने वाला है. अखिलेश यादव ने भी अपने इरादे साफ कर दिए हैं. उन्होंने पिछले हफ्ते रायबरेली से अपनी पीडीए रथ यात्रा की शुरुआत की है. यह इलाका राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र है. समाजवादी पार्टी अपनी जीत को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रही है.
पीडीए रथ यात्रा का असर चुनाव से पहले खत्म हो जाएगा?
बीजेपी को लगता है कि समाजवादी पार्टी अपनी यात्रा को लेकर कुछ ज्यादा ही जल्दबाजी में है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि सपा का ग्राफ 2024 की सफलता के बाद स्थिर हो गया है. एक बीजेपी नेता ने कहा, ‘बीजेपी सही समय पर अपना पीक हासिल करेगी’. राज्य के बाकी हिस्सों की तरह अवध में भी बीजेपी ने एक खास अभियान चुना है. पार्टी लोगों को पिछली सपा सरकार की याद दिला रही है. बीजेपी गांव-गांव जाकर लोगों को यादव राज की कमियों के बारे में बता रही है. वे बता रहे हैं कि उस समय अराजकता और तुष्टिकरण का माहौल था. बीजेपी का यह माइक्रो लेवल कैंपेन काफी असरदार माना जा रहा है. यह फॉर्मूला बिहार में लालू-तेजस्वी परिवार के खिलाफ सफल रहा था. यूपी में भी इसे एक बड़े हिट फॉर्मूले के तौर पर लागू किया जा रहा है. बीजेपी इसके लिए कानून-व्यवस्था को अपना मुख्य हथियार बना रही है.
‘बुलडोजर मॉडल’ बनेगा मुसीबत?
समाजवादी पार्टी के एक सीनियर नेता ने बीजेपी के बुलडोजर मॉडल पर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि यह मॉडल 2027 में बीजेपी के लिए काम नहीं करेगा. जनता ने 2022 के यूपी चुनाव में ही इस पर अपना फैसला सुना दिया था. सपा नेता ने कहा, ‘बुलडोजर अब यूपी में बीजेपी के लिए मुसीबत बन गया है. यह अब उत्पीड़न का प्रतीक बन चुका है’. सपा नेता ने यूपी बीजेपी में गुटबाजी का भी दावा किया. उनके मुताबिक सीएम योगी और केशव मौर्य के बीच कुर्सी को लेकर खींचतान चल रही है. वहीं सपा नेता ने अपनी पार्टी को पूरी तरह एकजुट बताया. उन्होंने कहा, ‘हमारी पार्टी एकजुट है क्योंकि सत्ता में ज्यादातर परिवार के लोग ही हैं. एक परिवार द्वारा चलाई जाने वाली पार्टी होने के कुछ फायदे भी हैं’.
सिटिंग विधायकों का टिकट काटेगी योगी सरकार?
बीजेपी के मौजूदा विधायकों के खिलाफ भी लोगों में भारी सत्ता विरोधी लहर है. इस बात को समाजवादी पार्टी अच्छी तरह भुनाने की कोशिश कर रही है. बीजेपी के कई विधायकों को डर सता रहा है कि उन्हें टिकट नहीं मिलेगा. लेकिन इन तमाम चुनौतियों के बीच बीजेपी मोदी-योगी फैक्टर पर ही भरोसा जता रही है. पार्टी का कानून-व्यवस्था का एजेंडा अभी भी उनका सबसे मजबूत दांव है. बीजेपी को लगता है कि अयोध्या ही उनकी शानदार वापसी का मुख्य केंद्र बनेगा. चुनाव से पहले ग्राउंड जीरो पर माहौल काफी तेजी से बदल रहा है. जनता के मूड से लग रहा है कि 2027 का चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है. बीजेपी अपने पुराने प्रदर्शन को दोहराने के लिए पूरी ताकत लगा रही है. वहीं समाजवादी पार्टी पीडीए के जरिए सत्ता का सूखा खत्म करना चाहती है. यह देखना अहम होगा कि अवध की जनता इस बार किस पर भरोसा जताती है.