Sugar Price Update : 15 फीसदी गिर गए चीनी के खुदरा दाम, अब किस भाव खरीद सकेंगे आप  

Sugar Price Update : 15 फीसदी गिर गए चीनी के खुदरा दाम, अब किस भाव खरीद सकेंगे आप  


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Sugar Price Update : सरकार ने चीनी की कीमतों पर काबू पाने के लिए कई कदम उठाए हैं. इसका असर भी दिखना शुरू हो गया है और खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें 15 फीसदी तक कम हो गई हैं. एक्स मिल कीमत भी 28 फीसदी कम हो चुकी है. सरकार ने स्टॉक लिमिट तय करने के साथ ही इसकी सप्लाई पर भी कंट्रोल कर लिया है. साथ ही 1 अक्टूबर से देश में नया पेराई सत्र भी शुरू कर दिया है.

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सरकार ने चीनी की नई स्टॉक लिमिट तय की है.

नई दिल्ली. आसमान छू रही चीनी की कीमतें अब जमीन पर आ रही हैं. त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही चीनी के खुदरा दाम 15 फीसदी नीचे आ गए हैं. इसका फायदा अब गली-मोहल्लों की दुकानों पर भी मिलना शुरू हो गया है. देश में चीनी सीजन की शुरुआत 1 अक्टूबर से हो चुकी है और सरकार ने त्योहारों के मौसम में ग्राहकों को कम कीमत पर चीनी उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है. इसका असर भी दिखने लगा है और खुदरा बाजार में चीनी के भाव 15 फीसदी कम हो गए हैं. साथ ही एक्स-मिल कीमत भी करीब 28 फीसदी नीचे आ गई है.

सरकार ने चीनी डीलरों के लिए स्टॉक रखने की अवधि घटाकर 15 दिन कर दी है और स्टॉक रखने की सीमा 1,000 क्विंटल तय की है. यह नियम 15 अक्टूबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा, लेकिन कोलकाता और उसके आस-पास के मेट्रोपॉलिटन इलाकों और असम राज्य पर यह लागू नहीं होगा. इसका मकसद देशभर में चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है और उसकी कीमतों पर काबू भी रखा जाएगा.

क्या है सरकार का नया फैसला

  • चीनी का स्टॉक मिलने की तारीख से 15 दिन से ज्यादा समय तक नहीं रखेंगे.
  • देश में किसी भी जगह पर किसी भी समय 1,000 क्विंटल से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे.
  • बाजार की खास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कोलकाता और असम के इलाकों में स्टॉक की लिमिट 2,000 क्विंटल तय की गई है.
  • कोलकाता और असम अपने इस्तेमाल की चीनी यूपी, महाराष्ट्र और कर्नाटक से मंगाता है. यहां तक सप्लाई करने में काफी दिक्कत आती है, जिसकी वजह से स्टॉक लिमिट बढ़ाई गई है.

सरकार ने क्यों बदला नियम
सरकार के नियम बदलने का मकसद यह पक्का करना है कि डिस्ट्रिब्यूशन चेन में चीनी का बेवजह जमावड़ा न हो और चीनी मिलों से डीलरों के जरिये सप्लाई आसानी से हो और आखिर में वह उपभोक्ताओं तक पहुंचे. इस कदम का मकसद जमाखोरी पर रोक लगाना, सट्टेबाजी वाले व्यापार को खत्म करना और डीलरों की ओर से चीनी का स्टॉक जमा करने से रोकना है. चीनी रखने की मात्रा और समय-सीमा तय करके सरकार सप्लाई चेन में चीनी की सुचारू आवाजाही को आसान बनाना चाहती है और उचित कीमतों पर कंज्यूमर के लिए इसकी लगातार उपलब्धता पक्का करना चाहती है.

कितनी सस्ती हो गई चीनी
चीनी की औसत खुदरा कीमतों में अगस्त के उच्चतम स्तर से 15 फीसदी की गिरावट आई है और उम्मीद है कि इसमें और गिरावट आएगी, क्योंकि कम एक्स-मिल कीमतों का फायदा सप्लाई चेन में आगे पहुंचेगा. चीनी की एक्स-मिल कीमतों में लगभग 28 फीसदी की गिरावट आई है और पिछले तीन हफ्तों से ये कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. यह गिरावट सरकार द्वारा चीनी की पर्याप्त उपलब्धता पक्का करने सहित अन्य कदम उठाए जाने के बाद दिखी है.

चीनी मिलों को भी दी सलाह
सरकार ने चीनी मिलों को पहले ही सलाह दी है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुसार पेराई का काम शुरू करें. केंद्र सरकार कुछ चीनी उत्पादक क्षेत्रों में अल-नीनो स्थितियों से जुड़ी असमान और कम बारिश का गन्ने पर पड़ने वाले असर पर नजर रखना जारी रखेगी और घरेलू उपलब्धता, कंज्यूमर के हित और गन्ना किसानों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी. संबंधित राज्य सरकारों को भी सलाह दी गई है कि वे खेतों की मौजूदा स्थितियों के आधार पर पेराई के लिए उचित कदम उठाएं.



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