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एक ही PNR पर चार लोगों का टिकट बुक है और तीन सीटें कन्फर्म जबकि एक वेटिंग में है, तो क्या पूरा टिकट कैंसिल नहीं होता. कन्फर्म यात्री ट्रेन में सफर कर सकते हैं, लेकिन वेटिंग वाले यात्री के लिए अलग नियम लागू होते हैं. ऑनलाइन ई-टिकट में चार्ट बनने के बाद भी टिकट वेटिंग में रहने पर वह अपने आप कैंसिल हो जाता है. वहीं, काउंटर टिकट में खाली सीट मिलने पर वेटिंग यात्री को सीट मिल सकती है. साथ ही, यात्रा से पहले PNR स्टेटस जरूर चेक करें.
परिवार या दोस्तों के साथ यात्रा करने वाले लोग अक्सर एक साथ कई टिकट बुक करते हैं.
अक्टूबर और नवंबर के महीने में कई त्यौहार और छुट्टियां हैं. ऐसे में ट्रेन में सफर करने वालों की संख्या बढ़ जाती है. परिवार या दोस्तों के साथ यात्रा करने वाले लोग अक्सर एक साथ कई टिकट बुक करते हैं. मान लीजिए चार लोगों ने एक ही PNR पर टिकट लिया और तीन यात्रियों की सीट कन्फर्म हो गई, लेकिन चौथे यात्री का टिकट वेटिंग में रह गया. ऐसी स्थिति में कई लोगों को डर रहता है कि कहीं पूरे ग्रुप का टिकट ही रद्द न हो जाए.
लेकिन ऐसा नहीं है. एक ही PNR पर कुछ यात्रियों का टिकट कन्फर्म और कुछ का वेटिंग होने पर सभी टिकट अपने आप कैंसिल नहीं होते. जिन यात्रियों की सीट कन्फर्म है, वे ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं. हालांकि, वेटिंग वाले यात्री के लिए नियम अलग होते हैं. खासकर ऑनलाइन टिकट में चार्ट बनने के बाद स्थिति साफ हो जाती है. इसलिए यात्रा से पहले टिकट का स्टेटस और रेलवे के नियम देखना जरूरी है.
एक PNR पर तीन कन्फर्म और एक वेटिंग हो तो?
अगर चार लोगों ने एक साथ टिकट बुक किया है और एक ही PNR पर तीन यात्रियों की सीट कन्फर्म है, जबकि एक यात्री वेटिंग में है, तो तीनों कन्फर्म यात्री यात्रा कर सकते हैं. सिर्फ वेटिंग वाले यात्री की वजह से पूरे PNR को रद्द नहीं किया जाता. यानी ग्रुप में किसी एक व्यक्ति की सीट कन्फर्म नहीं हुई है, तो बाकी कन्फर्म यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करने की जरूरत नहीं है. हालांकि, वेटिंग वाले यात्री को अपनी स्थिति के हिसाब से आगे का फैसला करना होगा.
ऑनलाइन ई-टिकट में क्या होता है?
IRCTC से बुक किए गए ऑनलाइन टिकट में चार्ट तैयार होने के बाद अगर किसी यात्री का टिकट पूरी तरह वेटिंग में ही रहता है, तो वह टिकट अपने आप कैंसिल हो जाता है. ऐसे टिकट के लिए नियमों के मुताबिक रिफंड भी प्रोसेस किया जाता है. इसलिए ई-टिकट पर वेटिंग रहने वाले यात्री को यह नहीं मानना चाहिए कि वह ट्रेन में चढ़कर यात्रा कर सकता है.
अगर टिकट चार्ट बनने तक कन्फर्म नहीं हुआ है, तो उस टिकट के आधार पर यात्रा करना मान्य नहीं है. अगर कोई यात्री बिना वैध टिकट के ट्रेन में सफर करता है और जांच के दौरान पकड़ा जाता है, तो रेलवे के नियमों के तहत उससे किराया और जुर्माना वसूला जा सकता है.
काउंटर टिकट में क्या है नियम?
रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से लिया गया टिकट ऑनलाइन ई-टिकट से अलग हो सकता है. अगर काउंटर टिकट में किसी यात्री की सीट वेटिंग में है, तो यात्रा से पहले उसकी स्थिति जरूर चेक कर लेनी चाहिए. ट्रेन में सीट खाली होने की स्थिति में वेटिंग वाले यात्री को सीट मिलने की संभावना हो सकती है, लेकिन इसे पक्का अधिकार नहीं माना जा सकता. इसलिए सिर्फ इस उम्मीद में यात्रा की योजना बनाना ठीक नहीं है कि ट्रेन में कोई सीट खाली मिल जाएगी. यात्री को अपनी टिकट स्थिति और लागू रेलवे नियमों के आधार पर ही यात्रा करनी चाहिए.
ग्रुप टिकट बुक करते समय रखें इन बातों का ध्यान
- अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ ट्रेन से जा रहे हैं, तो टिकट बुक करने के बाद समय-समय पर PNR स्टेटस चेक करते रहें.
- चार्ट तैयार होने से पहले वेटिंग टिकट कन्फर्म भी हो सकता है.
- अगर ऑनलाइन टिकट चार्ट बनने के बाद भी पूरी तरह वेटिंग में है, तो उस यात्री को उस टिकट पर ट्रेन में नहीं चढ़ना चाहिए. वहीं, कन्फर्म सीट वाले यात्री अपनी यात्रा कर सकते हैं.
- सबसे जरूरी बात यह है कि एक ही PNR पर एक टिकट वेटिंग में होने का मतलब यह नहीं है कि पूरे ग्रुप का टिकट रद्द हो गया.
- कन्फर्म और वेटिंग यात्रियों का स्टेट्स अलग-अलग देखा जाता है.