शिमला. हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की विदाई होने वाली है और अगले 48 घंटे यानी 3 अक्तूबर को प्रदेश से मॉनसून विदा हो जाएगा. मौसम विभाग ने यह जानकारी दी है. ऐसे में आने वाले पांच दिन प्रदेश में मौसम साफ रहेगा. हालांकि, उसके बाद फिर से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा और बारिश हो सकती है.
जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 30 जून से 29 सितंबर तक बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 152 लोगों की मौत हो गई, जबकि राज्य को करीब 3,220 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी.
शिमला के मौसम विज्ञान केंद्र ने अपने बुलेटिन में बताया कि अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है. इस दौरान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पूरे क्षेत्र के अलावा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी हो सकती है.
मौसम विभाग ने बताया कि चार अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम साफ रहेगा. इस दौरान पांच अक्तूबर को पर्वतीय और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश होगी. पांच अक्तूबर को बिलासपुर सिरमौर और कांगडा के कुछ इलाकों मे बारिश के आसार हैं. छह और सात अक्तूबर को येलो अलर्ट जारी किया गया है.
शिमला में मौसम विभाग ने यह जानकारी शेयर की है.
हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन के अधिकारियों के अनुसार, हिमालयी राज्य में एक जून से 29 सितंबर तक मानसून के दौरान 652.6 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य तौर पर 733.4 मिमी बारिश होती है. इस तरह राज्य में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई.
कई लोगों ने तीन महीने में गंवाई जान
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण 19 लोगों की मौत हुई. वहीं, बादल फटने की घटनाओं में कोई मौत दर्ज नहीं की गई.अधिकारियों ने बताया कि मानसून के मौसम में पहाड़ों पर फिसलन और अन्य हादसों में ऊंचाई से गिरने के कारण सबसे ज्यादा 62 लोगों की जान गई. इसके अलावा, 17 लोगों की डूबने से, 16 लोगों की सांप के काटने से, 10 लोगों की करंट लगने से और 28 लोगों की अन्य कारणों से मौत हुई.