up election 2026 plan bjp strategy: लखनऊ में बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय पर 1 अक्टूबर को संगठन की बड़ी बैठक हो रही है. यूपी प्रभारी विनोद तावड़े चारों सह-प्रभारियों के साथ बैठक की कमान संभाल रहे हैं. जिसमें जगदीश ईश्वर पटेल, मेधा कुलकर्णी, अनंत ओझा और प्रदीप वर्मा भी मौजूद हैं. इस बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों और क्षेत्रीय नेताओं के साथ बूथ से लेकर विधानसभा स्तर तक की तैयारी का फीडबैक लिया जा रहा है. राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव भी बैठक के एजेंडे में शामिल हैं. तो बिना देर किए पूरी कहानी समझते हैं.
पहले समझिए आज लखनऊ में क्या हो रहा है
मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, विनोद तावड़े के नेतृत्व में बैठक कई चरणों में हो रही है. इसमें प्रदेश पदाधिकारियों के साथ क्षेत्रीय अध्यक्ष और प्रभारी भी शामिल हैं. संगठन की ताकत, बूथ की तैयारी और मिशन-2027 को लेकर जानकारी ली जा रही है. पार्टी के सामने तत्काल राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव हैं. इसके साथ 2027 विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को तैयार करने का काम भी चल रहा है. तावड़े के साथ यूपी के चार सह-प्रभारी लगाए गए हैं. इनमें गुजरात के जगदीश ईश्वर पटेल, महाराष्ट्र की मेधा कुलकर्णी और झारखंड के अनंत ओझा और प्रदीप वर्मा शामिल हैं. इनकी नियुक्ति 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन को मजबूत करने के लिए की गई है.
अब जानिए BJP का 4C Master Plan क्या है
विनोद तावड़े के यूपी प्रभारी बनने के बाद बीजेपी की चुनावी तैयारी में 4C की चर्चा सामने आई है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के तत्काल संगठनात्मक फोकस में Coordination, Cadre, Caste और Candidature शामिल हैं. सबसे पहले समझते हैं ये 4C क्या है?
पहला C: Coordination यानी सरकार-संगठन का तालमेल- पहला C Coordination है. इसका सीधा मतलब सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल से है. यूपी जैसे बड़े राज्य में चुनावी तैयारी के लिए पार्टी के अलग-अलग स्तरों के बीच समन्वय को अहम माना जा रहा है. तावड़े ने अपनी पहली यूपी यात्रा के दौरान भी सामूहिक नेतृत्व और टीमवर्क पर जोर दिया था. पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश संगठन तक मिलकर काम करने की बात उनके शुरुआती दौर की रणनीति में सामने आई थी.
दूसरा C: Cadre यानी कार्यकर्ता और बूथ- दूसरा C Cadre है. यानी बीजेपी का जमीनी कार्यकर्ता. आज की लखनऊ बैठक में बूथ से विधानसभा तक की तैयारी का फीडबैक लिया जा रहा है. पार्टी का फोकस सिर्फ प्रदेश स्तर की रणनीति पर नहीं है. स्थानीय संगठन की स्थिति भी देखी जा रही है. सितंबर में सामने आई बीजेपी की माइक्रो-मैनेजमेंट रणनीति में करीब 18 हजार बूथों को खास ध्यान वाले बूथ के तौर पर चिन्हित किए जाने की बात कही गई थी. हर बूथ के सामाजिक समीकरण और स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखकर काम करने की योजना का भी जिक्र हुआ था.
तीसरा C: Caste यानी जातीय समीकरण- तीसरा C Caste है. 2027 की तैयारी में सामाजिक समीकरण बीजेपी के लिए अहम हिस्सा हैं. खास तौर पर विपक्ष के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण के बीच बीजेपी अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है. तावड़े ने सितंबर में यूपी का प्रभार संभालने के बाद अखिलेश यादव के PDA पर भी निशाना साधा था. इसके बाद पार्टी की रणनीति में सामाजिक समीकरण और बूथ स्तर के माइक्रो-मैनेजमेंट पर चर्चा तेज हुई.
चौथा C: Candidature यानी उम्मीदवार का चयन- चौथा C Candidature है. इसका मतलब उम्मीदवारों के चयन और सीटवार तैयारी से है. मीडिया की रिपोर्ट में करीब 100 विधानसभा सीटों पर विशेष ध्यान देने की बात सामने आई है. ये वे सीटें हैं जहां 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन कमजोर रहा था. उम्मीदवारों को लेकर भी बीजेपी में तैयारी शुरू हो गई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी 2027 में नए चेहरों, युवा, महिलाओं और संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं को मौका देने पर विचार कर रही है. हालांकि उम्मीदवारों का अंतिम चयन अभी आगे की प्रक्रिया का हिस्सा है.
तावड़े की ‘सुपर-4’ टीम के चारों सह-प्रभारियों को मिल सकता है नया क्षेत्र
आज की बैठक में चारों सह-प्रभारियों के नए कार्यक्षेत्र पर भी चर्चा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन्हें यूपी के अलग-अलग सांगठनिक क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी जा सकती है. काशी, पश्चिम, कानपुर-अवध और ब्रज जैसे क्षेत्रों के नाम चर्चा में हैं. यूपी बीजेपी छह सांगठनिक क्षेत्रों में काम करती है. इनमें पश्चिम, ब्रज, कानपुर-बुंदेलखंड, अवध, काशी और गोरखपुर शामिल हैं. चार सह-प्रभारियों के जरिए अलग-अलग इलाकों पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी है. हालांकि अंतिम जिम्मेदारियों की पुष्टि पार्टी के फैसले के बाद ही होगी.
राज्यसभा और MLC चुनाव भी एजेंडे में
बीजेपी की आज की बैठक सिर्फ 2027 विधानसभा चुनाव तक सीमित नहीं है. राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव भी चर्चा के केंद्र में हैं. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है. वहीं विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को चुनाव प्रस्तावित है. बीजेपी ने विधान परिषद की 11 सीटों में से छह के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा 29 सितंबर को कर दी थी.
लखनऊ के बाद मथुरा में भी बड़ा मंथन
विनोद तावड़े का लखनऊ दौरा दो दिन का है. इस दौरान अवध और कानपुर क्षेत्र की अलग बैठकें भी प्रस्तावित हैं. वह प्रदेश सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात भी कर सकते हैं. इसके बाद 3 और 4 अक्टूबर को मथुरा में चिंतन बैठक प्रस्तावित है. इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. यानी बीजेपी की 2027 की तैयारी अब सिर्फ एक बैठक तक सीमित नहीं है. लखनऊ से शुरू हुआ संगठनात्मक मंथन मथुरा और फिर वाराणसी तक जाने वाला है. इस पूरी कवायद में संगठन, बूथ, सामाजिक समीकरण और उम्मीदवारों से जुड़े मुद्दे अहम बने हुए हैं. बाकी फाइनल बात क्या निकलकर सामने आएगी यह देखने वाली बात होगी. लेकिन लखनऊ में राजनीतिक तौर पर हलचल मची हुई है.