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पीलीभीत जिले का रहने वाला माहिद गुरुवार को अपने बच्चों और पत्नी के संग हिंदू धर्म अपना लिया. धर्मनगरी हरिद्वार के चंडी घाट पर एक परिवार ने सनातन धर्म में आस्था जताते हुए घर वापसी की है. पीलीभीत के निवासी माहिद अपनी पत्नी सबीना और बच्चों के साथ हरिद्वार पहुंचे, जहाँ पवित्र गंगा तट पर गंगा पूजा, हवन और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उन्होंने हिंदू धर्म स्वीकार किया.
पीलीभीत के रहने वाले माहिद ने अपनाया हिंदू धर्म.
हरिद्वारः सनातन धर्म में आस्था और उसकी उदारता को दर्शाते हुए आज उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के रहने वाले एक गैर-हिंदू परिवार ने धर्मनगरी हरिद्वार के चंडी घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ हिंदू धर्म अपनाया. तीर्थ सेवा न्यास के संत रामविशाल दास की प्रेरणा से पीलीभीत के रहने वाले माहिद ने अपनी पत्नी सबीना और तीन बच्चों के साथ हरिद्वार पहुंचकर गंगा पूजन और हवन अनुष्ठान के माध्यम से हिंदू धर्म में घर वापसी की.
पीलीभीत का माहिद परविार संग बना हिंदू
गुरुवार को धर्मनगरी हरिद्वार के चंडी घाट पर एक परिवार ने सनातन धर्म में आस्था जताते हुए घर वापसी की है. उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत के निवासी माहिद अपनी पत्नी सबीना और बच्चों के साथ हरिद्वार पहुंचे, जहाँ पवित्र गंगा तट पर गंगा पूजा, हवन और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उन्होंने हिंदू धर्म स्वीकार किया.
इस अवसर पर बात करते हुए मोहित (पूर्व नाम माहिद) ने बताया कि उन्होंने बिना किसी दबाव के, अपनी स्वेच्छा से सनातन धर्म को अपनाया है. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में सम्मान और दयाभाव बहुत है.
लंबे समय से मनाते रहे हैं हिंदू त्योहर
वहीं उनकी पत्नी ने बताया कि वे काफी समय से हिंदू धर्म के रीति-रिवाज और त्योहार मनाते आ रहे हैं और अब पूरे विधि-विधान से परिवार के साथ घर वापसी की है. वही माहीद कि पत्नी सबीना बीबी उर्फ़ खुशी ने बताया कि वे लोग काफी समय से इस धर्म के त्योहार और रीति-रिवाज मानते आ रहे हैं. उन्हें सनातन धर्म में शांति महसूस होती है, इसलिए उन्होंने अपने बच्चों के साथ यहाँ आकर घर वापसी की है. संत रामविशाल दास ने बताया कि परिवार ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म को समझा और उसमें वापसी का निर्णय लिया. गंगा स्नान और हवन के बाद उनका नामकरण संस्कार भी सम्पन्न कराया जा रहा है.