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Jaipur Nagar Nigam Mayor : जयपुर मेयर पद के लिए भाजपा में मंथन तेज, पुनीत कर्नावट और सुनील कोठारी के नाम पर चर्चा. पार्टी जल्द करेगी फैसला. नामांकन की प्रक्रिया नजदीक है और ऐसे में पार्टी के अंदर बैठकों का दौर भी चल रहा है. मेयर के साथ बोर्ड गठन को लेकर भी पार्षदों की राय और आपसी समीकरणों पर नजर रखी जा रही है.
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जयपुर. जयपुर नगर निगम में मेयर पद को लेकर भाजपा के अंदर मंथन का दौर तेज हो गया है. चुनाव नतीजे आने के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि पार्टी जयपुर के मेयर पद की जिम्मेदारी किस पार्षद को देगी. फिलहाल पुनीत कर्नावट और सुनील कोठारी के नाम को लेकर वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा चल रही है. हालांकि पार्टी की ओर से अभी किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
पुनीत कर्नावट और सुनील कोठारी के नाम पर नजर
जयपुर मेयर की दौड़ में पुनीत कर्नावट और सुनील कोठारी के नाम लगातार सामने आ रहे हैं. दोनों नामों को लेकर पार्टी के अंदर अलग-अलग स्तर पर राय ली जा रही है. सुनील कोठारी ने वार्ड 112 से जीत दर्ज की है और चुनाव नतीजों के बाद से ही उनका नाम मेयर पद को लेकर चर्चा में है. दूसरी ओर पुनीत कर्नावट का नाम भी पार्टी के संभावित चेहरों में शामिल है.
पार्टी नेतृत्व जल्द कर सकता है फैसला
भाजपा नेतृत्व की कोशिश है कि मेयर पद के नाम को लेकर जल्द तस्वीर साफ की जाए. नामांकन की प्रक्रिया नजदीक है और ऐसे में पार्टी के अंदर बैठकों का दौर भी चल रहा है. मेयर के साथ बोर्ड गठन को लेकर भी पार्षदों की राय और आपसी समीकरणों पर नजर रखी जा रही है. जयपुर में भाजपा के पास 150 में से 78 पार्षद हैं, यानी बहुमत के लिए जरूरी 76 के आंकड़े से पार्टी दो सीट आगे है.
इसी बीच संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जयपुर और जोधपुर को लेकर बड़ा बयान दिया है. पटेल ने कहा है कि दोनों नगर निगमों में भाजपा अपना बोर्ड बनाएगी. उन्होंने बहुमत के साथ बोर्ड गठन का दावा किया है. पटेल के बयान के बाद मेयर और बोर्ड गठन को लेकर चल रही सियासी चर्चा और तेज हो गई है.
जोधपुर में भी भाजपा के पक्ष में बदला गणित
जोगाराम पटेल ने जोधपुर में भी भाजपा के बोर्ड बनाने को लेकर भरोसा जताया है. जोधपुर नगर निगम में चुनाव के बाद भाजपा के 45 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 44 पार्षद हैं. सात निर्दलीय पार्षदों के भाजपा के साथ आने के बाद भाजपा के समर्थन का आंकड़ा 52 तक पहुंचने की बात सामने आई है. 100 सदस्यीय निगम में बहुमत के लिए 51 पार्षदों का समर्थन जरूरी है.
अब जयपुर के नाम पर सबकी नजर
जयपुर में भाजपा के पास बहुमत होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल मेयर के नाम को लेकर है. पार्टी में पुनीत कर्नावट और सुनील कोठारी के नाम पर चर्चा जारी है, जबकि अंतिम फैसला नेतृत्व को करना है. इसी के साथ पार्षदों की राय, स्थानीय समीकरण और बोर्ड गठन की पूरी तस्वीर पर भी नजर रखी जा रही है. मेयर चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और मतदान 25 सितंबर को होना है. ऐसे में आने वाले समय में भाजपा के फैसले पर जयपुर नगर निगम की पूरी सियासत टिकी हुई है.