क्या समुद्र के इस जेली जैसे जीव से हुआ है हमारा विकास? 51 करोड़ साल पुराना सच आया सामने

क्या समुद्र के इस जेली जैसे जीव से हुआ है हमारा विकास? 51 करोड़ साल पुराना सच आया सामने


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क्या समुद्र के इस जेली जैसे जीव से हुआ है हमारा विकास? 51 करोड़ साल पुराना सच

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चीन में वैज्ञानिकों को 518 मिलियन साल पुराना एक फॉसिल मिला है. इस नए फॉसिल का नाम यूजिंगिया ग्लूटेनट्यूनिका रखा गया है. यह खोज इंसानों और समुद्री जीवों के इवोल्यूशन की पुरानी थ्योरी को बदल रही है. कैम्ब्रियन पीरियड के इस फॉसिल से पता चलता है कि हमारे पूर्वज सिर्फ कीड़े जैसे नहीं थे. उनके पास टेंटेकल्स होते थे जिनसे वे खाना पकड़ते थे.

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एक आर्टिस्ट की नजर से Yujingia glutenotunica. (Image Credit: Kaiyue He et al.)

नई दिल्ली: धरती पर जीवन का विकास कैसे हुआ, यह सवाल हमेशा से वैज्ञानिकों को परेशान करता रहा है. अब चीन में एक ऐसी खोज हुई है जिसने पुरानी थ्योरी को हिलाकर रख दिया है. रिसर्चर्स को 518 मिलियन साल पुराना एक अनोखा फॉसिल मिला है. यह कैम्ब्रियन पीरियड का है जब धरती पर जीवों का तेजी से विकास हो रहा था. इस नए जीव का नाम यूजिंगिया ग्लूटेनट्यूनिका है. इस खोज ने एम्बुलाक्रारियंस के कॉमन एंसेस्टर की हमारी समझ को पूरी तरह बदल दिया है. इस ग्रुप में आज की स्टारफिश और समुद्री अर्चिन शामिल हैं. यह खोज हमें बताती है कि हम इंसानों और बाकी रीढ़ वाले जीवों का विकास किन रास्तों से होकर गुजरा है. यह फॉसिल इवोल्यूशन की उस कड़ी को जोड़ता है जो अब तक गायब थी.

क्या है यूजिंगिया ग्लूटेनट्यूनिका और यह दिखने में कैसा लगता है?

यह फॉसिल चीन के युन्नान प्रांत में चेंगजियांग बायोटा से मिला है. इस जीव का आकार महज 8 से 22 मिलीमीटर के बीच है. चीन की नॉर्थवेस्ट यूनिवर्सिटी के प्रमुख रिसर्चर काइयू हे ने बताया, ‘इस जीव का आकार एक लंबी बोतल जैसा है और इसके निचले गोल हिस्से के ऊपर टेंटेकल्स फैले हुए हैं.’

इसका आकार चीनी कल्चर के एक खास कलश यूजिंगपिंग जैसा दिखता है. इसी वजह से इसका नाम यूजिंगिया रखा गया है. इसका बाहरी हिस्सा एक जेली जैसी पारदर्शी झिल्ली से ढका हुआ है. यही इसकी सबसे बड़ी पहचान बन गई है.

इस अजीब जीव को लेकर वैज्ञानिकों की पुरानी थ्योरी कैसे गलत साबित हुई?

पहले यह माना जाता था कि एम्बुलाक्रारियंस के पूर्वज समुद्र के तल में रहने वाले कीड़े जैसे थे. वे पानी से अपना खाना छानकर खाते थे. लेकिन कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के जियोवानी मुसिनी ने इस पुरानी सोच को गलत बताया है. उन्होंने कहा, ‘इस नए फॉसिल से पता चलता है कि हमारे पूर्वज शायद टेंटेकल्स से अपना खाना पकड़ते थे.’

इसके पास पंख जैसे टेंटेकल्स थे जो पानी से ऑर्गेनिक पार्टिकल्स को पकड़ लेते थे. दूसरे टेंटेकल्स शायद इसे समुद्र के तल से जोड़े रखने का काम करते थे. हालांकि यह जीव थोड़ी बहुत मूवमेंट भी कर सकता था. इससे पता चलता है कि जटिल फीडिंग सिस्टम काफी पहले ही विकसित हो गया था. जीवों में कठोर कंकाल इसके काफी बाद में आए.

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