Shashank Agrawal Success Story: पिता कमाते थे सिर्फ 3000 रुपये, बेटे को मिला 1.5 करोड़ का पैकेज, गजब है शशांक अग्रवाल की कहानी

Shashank Agrawal Success Story: पिता कमाते थे सिर्फ 3000 रुपये, बेटे को मिला 1.5 करोड़ का पैकेज, गजब है शशांक अग्रवाल की कहानी


Last Updated:

Shashank Agrawal Success Story: यह कहानी शशांक अग्रवाल की है. उनके परिवार की मासिक कमाई महज 3 हजार महीने रुपये है. इसके बावजूद, शशांक अग्रवाल ने अपनी मेहनत के दम पर जेईई एडवांस्ड में AIR 20 हासिल की. आईआईटी बॉम्बे से बीटेक के बाद आज शशांक अग्रवाल 1.5 करोड़ का पैकेज ले रहे हैं. पढ़िए उनकी सक्सेस स्टोरी.

Zoom

Shashank Agrawal Success Story: शशांक अग्रवाल ने आईआईटी बॉम्बे से बीटेक किया है

नई दिल्ली (Shashank Agrawal Story). परिस्थितियां आपके खिलाफ हों और आर्थिक तंगहाली का अंधेरा हो, तब 2 ही रास्ते बचते हैं- किस्मत को रोते हुए हार मान लें या अपनी मेहनत से उस तकदीर को ही बदल डालें. आईआईटी बॉम्बे के मेधावी छात्र शशांक अग्रवाल ने दूसरा रास्ता चुना. उन्होंने दृढ़ इच्छाशक्ति और पक्के इरादों के दम पर साबित कर दिया कि सपने बड़े और हौसला फौलादी हो तो गरीबी या तंगहाली कभी भी सफलता के रास्ते का रोड़ा नहीं बन सकती.

महज 3000 रुपये महीना कमाने वाले परिवार से निकलकर 1.5 करोड़ रुपये सालाना के पैकेज तक पहुंचने का उनका सफर हर युवा के लिए मिसाल है. शशांक अग्रवाल के सफर ने साबित कर दिया कि सिर्फ शिक्षा ही पीढ़ियों की गरीबी को एक झटके में दूर कर सकती है. उनके शुरुआती दिन संघर्षों से भरे थे. घर का खर्च चलाना भी चुनौती हुआ करता था. उनके माता-पिता ने तमाम मुश्किलों के बावजूद उनकी पढ़ाई में आंच नहीं आने दी. शशांक ने भी किताबों से ऐसी यारी की कि दुनिया देखती रह गई. पढ़िए सक्सेस स्टोरी.

शशांक अग्रवाल की मोटिवेशनल स्टोरी

शशांक अग्रवाल ने अपनी जी-तोड़ मेहनत के बल पर जेईई परीक्षा में देशभर में टॉप रैंक हासिल की. फिर देश के सबसे बेहतरीन संस्थान आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग पूरी करके ग्लोबल लेवल की कंपनियों में अपनी धाक जमा ली है. जानिए बेहद साधारण से परिवार के लड़के ने कैसे असाधारण सफलता का मुकाम हासिल किया.

सिर्फ 3000 रुपये में चलता था घर

शशांक अग्रवाल का शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा है. उनके पिता की मासिक आय 3,000 रुपये के करीब थी. इस आय में परिवार के लिए 2 वक्त की रोटी का जुगाड़ करना भी मुश्किल था. अच्छी पढ़ाई या महंगे कोचिंग संस्थानों के सपने देखना तो दूर की बात थी. उनके माता-पिता समझ गए थे कि उनके बेटे का भविष्य केवल शिक्षा के जरिए ही सुधर सकता है. उन्होंने आर्थिक तंगी को कभी भी शशांक की पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया. शशांक ने भी अपने माता-पिता के इस भरोसे को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया.

JEE एडवांस्ड में AIR 20 और IIT बॉम्बे तक का सफर

अभावों के बीच पले-बढ़े शशांक अग्रवाल की बुद्धिमत्ता बचपन से ही कमाल की थी.  उन्होंने कठिन मेहनत और फोकस के दम पर जेईई मेन 2018 में 330 अंक हासिल किए. इसके बाद जेईई एडवांस्ड में AIR 20 हासिल करके सबको चौंका दिया. इस शानदार रैंक के आधार पर उन्हें देश के प्रीमियर इंजीनियरिंग संस्थान IIT बॉम्बे के बीटेक कोर्स में एडमिशन मिल गया. यहां उन्होंने कंप्यूटर साइंस और टेक्निकल स्किल्स पर काम किया. साथ ही कोडिंग और क्वांटिटेटिव फाइनेंस जैसे विषयों पर भी गहरी पकड़ बनाई.

कॉलेज के दिनों से शुरू हो गई थी सफलता की उड़ान

आईआईटी बॉम्बे में पढ़ाई के दौरान ही शशांक अग्रवाल ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाना शुरू कर दिया था. बीटेक के दिनों में उन्होंने ‘A.P.T. Portfolio Pvt. Ltd.’ जैसी नामी कंपनी में इंटर्नशिप की. इससे कॉर्पोरेट और ट्रेडिंग वर्ल्ड की बारीकियां समझने का मौका मिला. इसके बाद उन्होंने क्वांटिटेटिव ट्रेडिंग फर्म ‘Quadeye’ में बतौर सिस्टम इंजीनियर और क्वांटिटेटिव स्ट्रेटजिस्ट के तौर पर काम किया. इन अनुभवों ने उनके तकनीकी ज्ञान को मजबूत किया और उन्हें इंडस्ट्री के बड़े दिग्गजों के बीच खड़ा कर दिया.

1.5 करोड़ पैकेज के साथ छा गए शशांक अग्रवाल

शशांक अग्रवाल ‘Zanskar Corporation’ में बतौर एनालिस्ट काम कर रहे हैं. उनका सालाना पैकेज 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पैकेज में 55 लाख रुपये की बेस सैलरी, 50 लाख रुपये का वेरिएबल पे या परफॉर्मेंस बोनस और अन्य कॉम्पोनेंट्स शामिल हैं. इस हिसाब से वे हर महीने करीब 8.75 लाख रुपये की शानदार कमाई कर रहे हैं. शशांक की कहानी सिखाती है कि असफलताओं से घबराने के बजाय अपनी कमियों को सुधारते हुए लगातार आगे बढ़ें तो कोई भी मंजिल दूर नहीं है.



Source link