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Bihar News: बिहार में एक दरोगा महज 13 साल की नौकरी में करोड़पति बन बैठा. उसके पास आय से 148 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति मिली है. अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. ईओयू की रेड में उसके ठिकानों से कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज, नोटों की गड्डियां और महंगी घड़ियां बरामद की गईं.
दरोगा अमिता कुमार गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज.
पटनाः बिहार की राजधानी पटना में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) का बड़ा एक्शन देखने को मिला. जहां ईओयू की टीम ने आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में एक दरोगा के ठिकानों पर रेड मारी. पटना और आरा में परिवहन विभाग के दरोगा के ठिकानों पर EOU की छापेमारी में करोड़ों की प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात मिले. परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. जांच में उनकी ज्ञात वैध आय से करीब 1 करोड़ 49 लाख 58 हजार 500 रुपये अधिक संपत्ति होने के शुरुआती सबूत मिले हैं. यह रकम उनकी ज्ञात वैध आय से करीब 148.10 प्रतिशत अधिक बताई गई है.
EOU की टीम ने 30 सितंबर को अमित कुमार गुप्ता से जुड़े पटना और आरा के ठिकानों पर तलाशी ली. कार्रवाई देर शाम तक चली. आरा स्थित पैतृक आवास से करीब 3 लाख रुपये नकद और एक इलेक्ट्रिक टाटा टियागो कार मिली. तलाशी के दौरान आरा, पटना और छपरा में अमित कुमार गुप्ता और उनके परिवार के नाम पर खरीदी गई 11 जमीनों के दस्तावेज भी मिले. इसके अलावा कई मकान और फ्लैट से जुड़े कागजात भी जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं.
मकान और निर्माणाधीन घर के दस्तावेज
EOU के मुताबिक, आरा के अवधपुरी में G+3 मकान से जुड़े दस्तावेज मिले हैं. पकड़ी, आरा में करीब 5.1 डिसमिल जमीन पर बन रहे मकान की जानकारी भी सामने आई है. इसके अलावा पटना के साई वरदान सिटी में एक फ्लैट से जुड़े कागजात मिले हैं. जांच के दौरान नोएडा की इम्पेरिया इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और नई दिल्ली की ऐरविल बिजनेस पार्क प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं.
15 बैंक खातों की जानकारी मिली
तलाशी में अलग-अलग बैंकों के 15 खातों की पासबुक और चेकबुक की प्रतियां मिली हैं. EOU के अनुसार, इन खातों में मौजूद राशि को फिलहाल फ्रीज कराया गया है. एक बैंक लॉकर की जानकारी भी मिली है. लॉकर की तलाशी अभी बाकी बताई गई है. इसके अलावा शेयर और म्यूचुअल फंड में 30 लाख रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं. LIC की सात पॉलिसियों से जुड़े कागजात भी मिले हैं. इनमें करीब 10 लाख रुपये से अधिक के निवेश की जानकारी सामने आई है. आभूषण खरीद से जुड़ी रसीदें भी जांच टीम को मिली हैं.
2013 से कर रहे थे नौकरी
EOU के अनुसार, अमित कुमार गुप्ता की नियुक्ति 2013 में परिवहन विभाग में प्रवर्तन अवर निरीक्षक के पद पर हुई थी. उनकी पहली पोस्टिंग पूर्णिया के दालकोला चेक पोस्ट पर हुई थी. इसके बाद वह मुजफ्फरपुर, छपरा, अररिया और पटना समेत कई जगहों पर तैनात रहे. अब EOU बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच कर रही है. जांच एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद आय से अधिक संपत्ति की रकम बढ़ भी सकती है. बच्चों की पढ़ाई पर हुए खर्च से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं.