फ्लाई दुबई के दिलेर पायलट स्मित मच्छार ने एक साल पहले कही ये बात, 174 लोगों को बचाकर साबित भी कर दी

फ्लाई दुबई के दिलेर पायलट स्मित मच्छार ने एक साल पहले कही ये बात, 174 लोगों को बचाकर साबित भी कर दी


फ्लाई दुबई की फ्लाइट में क्रू भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने कमाल कर दिया. उन्होंने खुद चाकू खाकर 174 लोगों की जान बचा ली. इनके जबर्दस्त साहस के लिए इजरायल से लेकर अमेरिका तक वाहवाही हो रही है. खुद पीएम मोदी ने भी उनकी बहादुरी की तारीफ की है. भले ही किसी को लगे कि यह सब अचानक हो गया, लेकिन स्मित मच्छार की यह दिलेरी उनकी रगों में पहले से है.

करीब एक साल पहले कैप्टन स्मित मच्छार ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में हवा में होने वाली इमरजेंसी को लेकर कुछ बातें कही थीं. ये सभी बातें आज सही साबित हो गई हैं. दुबई की उड़ान में को-पायलट के चाकुओं का वार सहने वाले मच्छार ने करीब एक साल पहले कहा था, ‘जब हम ऊपर हवा में होते हैं और कुछ हो जाता है, तो आपको कौन बचाएगा? अगर प्लेन में डॉक्टर हो तो भाग्यशाली समझो, लेकिन अगर न हो तो फ्लाइट क्रू भी बचा सकता है. वे भले ही सर्जरी या अन्य चीजों में ट्रेंड नहीं होते लेकिन इतने ट्रेंड होते हैं कि आपकी जान बचा सकते हैं. ये अलग बात है कि लोग क्रू के प्रति क्या सोचते हैं या कैसे व्यवहार करते हैं लेकिन जब चीजें खराब हो रही होती हैं तो आपको उनकी जरूरत होती है.’

अब एक साल बाद उनकी कही गई बात एकदम सच साबित हो गई है. खुद मच्छार ने आज साबित कर दिया कि एक फ्लाइट क्रू भी जान बचा सकता है.

पहली बार कॉकपिट में कैसा था अनुभव?

स्मित मच्छार से पॉडकास्ट इंटरव्यू (CS Zalak Mehta) में जब पूछा गया कि, ‘क्या आप बता सकते हैं कि जब आपने पहली बार कॉकपिट में कदम रखा था, तो आपको कैसा महसूस हुआ था?’

स्मित मच्छार ने कहा, ‘कोई भी पायलट उस पल को कभी नहीं भूल सकता. मेरी पहली कमर्शियल फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान बेंगलुरु से दिल्ली के लिए थी.’

‘वह काफी डरावना था! उस समय बोइंग (Boeing) मार्केट लीडर हुआ करती थी, इसलिए मैं हमेशा से बोइंग उड़ाना चाहता था. मेरा पहला विमान बोइंग ही था और पूरी जिंदगी ज्यादातर मैंने वही उड़ाया है.”

प्लेन क्रैश पर भी कही ये बात..

स्मित मच्छार से जब प्लेन क्रैश को लेकर सवाल पूछा गया कि बोइंग हमेशा खबरों में रही है, खासकर उस विमान को लेकर जो हाल ही में क्रैश हुआ, तो उन्होने पूरी बेबाकी से जवाब दिए.

जब पूछा गया कि क्या सही से जांच नहीं हुई थी? गड़बड़ी कहां हुई? पलक झपकते ही एक साथ 270 लोगों की जान क्यों चली गई? पहले लोग कहा करते थे, ‘इफ इट्स नॉट बोइंग, आई ऐंट गोइंग’ (अगर बोइंग नहीं तो मैं नहीं जाऊंगा), लेकिन अब लोग कहने लगे हैं—’इफ इट्स बोइंग, आई ऐंट गोइंग’ (अगर बोइंग है तो मैं नहीं जाऊंगा).’

इस पर स्मित मच्छार ने एक घटना साझा करते हुए बताया, ‘ एक बार फ्लाइट के दौरान हमें खबर मिली’कैप्टन, एक महिला यात्री हैं जिनकी प्रेग्नेंसी का शुरुआती समय है, लेकिन उन्हें लेबर पेन जैसे दर्द महसूस हो रहे हैं.’ और अचानक अगले कुछ ही मिनटों में कॉकपिट में कॉल आई, ‘विमान में एक बच्चे का जन्म हो चुका है (वी हैव गॉट अ बेबी ऑन बोर्ड).’

स्मित ने कहा कि जब चीजें खराब हो रही होती हैं तो आपको क्रू की जरूरत पड़ती है और वे पूरी कोशिश करते हैं.



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