Last Updated:
Flydubai Plane crisis: बुधवार को जो खौफनाक मंजर इजरायल ने देखा, वो भूला नहीं जा सकता. जब इतनी बड़ी सिचुएशन को डील करके यात्रियों से भरा प्लेन नीचे उतरा, तो इजरायल अपने नागरिकों को तुरंत घर लाना चाहता था लेकिन सऊदी अरब ने उसके सैन्य विमानों को उतरने की इजाजत ही नहीं दी.
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू.
Saudi Arab Denies Israeli Plane: सऊदी अरब में फ्लाईदुबई के एक विमान की अचानक हुई इमरजेंसी लैंडिंग ने एक ऐसा कूटनीतिक पेच पैदा कर दिया, जिसने मध्य-पूर्व की संवेदनशील राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है. रॉयटर्स के मुताबिक इजरायल ने सऊदी अरब से अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए इजरायली सैन्य विमानों को वहां उतरने की अनुमति देने का अनुरोध किया था, लेकिन सऊदी अधिकारियों ने इस अनुरोध को मंजूरी नहीं दी.
मामले से जुड़े दो सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि इजरायल अपने यात्रियों को सऊदी अरब से निकालने के लिए C-130J सुपर हरक्यूलिस सैन्य परिवहन विमान भेजने की तैयारी कर रहा था. हालांकि सऊदी अरब और इजरायल के बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं. ऐसे में इजरायली सैन्य विमान को सऊदी धरती पर उतरने की अनुमति देना अपने आप में बेहद असाधारण कदम होता.
34000 फीट की ऊंचाई पर जबरदस्त खौफ
पूरा घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान को एक गंभीर घटना के बाद अपना रास्ता बदलना पड़ा. विमान को उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित रूप से उतारा गया. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार, विमान के को-पायलट ने कथित तौर पर पायलट पर चाकू से हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की. हालात बिगड़ते देख यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की. इसके बाद फ्लाईदुबई के अन्य चालक दल के सदस्यों ने विमान की कमान संभाली और उसे सुरक्षित रूप से सऊदी अरब में उतार लिया.
सऊदी अरब ने सैन्य विमान उतरने क्यों नहीं दिए?
फ्लाईदुबई ने कहा कि विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं और सभी का हिसाब मिल चुका है. घटना की जांच शुरू होने के बाद एयरलाइन ने इजरायल आने-जाने वाली अपनी उड़ानें भी निलंबित कर दी हैं. लेकिन विमान के सुरक्षित उतरने के बाद एक दूसरी चुनौती सामने आ गई- यात्रियों को वापस कैसे लाया जाए? इजरायल ने सऊदी अरब से सैन्य विमानों को भेजने की अनुमति मांगी, मगर यह अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया. सऊदी सरकार ने इस रिपोर्ट पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी.
कैसे हैं इजरायल-सऊदी अरब के रिश्ते?
इस पूरे घटनाक्रम की टाइमिंग भी महत्वपूर्ण है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सऊदी अरब को अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल करने के प्रयास कर रहे हैं. वहीं सऊदी अरब लंबे समय से कहता आया है कि वह इजरायल के साथ औपचारिक संबंध तभी स्थापित करेगा, जब फिलिस्तीनी राज्य की दिशा में स्पष्ट रास्ता तैयार हो. एक आपातकालीन विमान लैंडिंग से शुरू हुई यह घटना अब सिर्फ यात्रियों की वापसी का मामला नहीं रह गई है. इसके बीच विमानन सुरक्षा, क्षेत्रीय कूटनीति और सऊदी-इजरायल संबंधों की जटिल तस्वीर भी साफ दिखाई दे रही है.