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Giribala Singh: ट्विशा शर्मा केस में सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह मुख्य आरोपी हैं. वह कई बार पहले ही जमानत अर्जी लगा चुकी हैं, जो खारिज हो गई थीं. अब दोबारा उन्होंने जमानत याचिका लगाई, लेकिन यहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी, क्योंकि कोर्ट ने आवेदन में धारा 108 को लेकर संशोधन नहीं किए जाने पर सवाल किया.
गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर फिर फंसा पेंच
Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा डेथ केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर बुधवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की सिंगल बेंच ने जमानत आवेदन में धारा 108 को लेकर संशोधन नहीं किए जाने पर सवाल उठाया. CBI की ओर से चालान पेश होने के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी धारा 108 जोड़ी गई है. कोर्ट ने कहा कि चालान पेश होने के बाद जमानत आवेदन में भी जरूरी संशोधन किया जाना चाहिए था.
सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह की ओर से आवेदन में संशोधन के लिए समय मांगा गया, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया. अब 1 अक्टूबर को संशोधित जमानत आवेदन कोर्ट में जमा किया जाएगा और इसकी कॉपी सभी प्रतिवादियों और आपत्तिकर्ताओं को दी जाएगी. मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को दोपहर 2:30 बजे होगी. उस दिन गिरिबाला की ओर से संशोधित आवेदन के आधार पर जमानत के पक्ष में दलीलें रखी जाएंगी, जबकि CBI समेत दूसरे पक्ष अपना जवाब देंगे.
CBI ने गिरिबाला की जमानत का किया था विरोध
इससे पहले CBI ने गिरिबाला की जमानत का विरोध करते हुए हाईकोर्ट में 1154 पन्नों का जवाब दाखिल किया है. जवाब में 62 गवाहों के बयान, कॉल ट्रांसक्रिप्ट, बैंक रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य शामिल बताए गए हैं. CBI ने गिरिबाला पर ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, बेटे समर्थ का पक्ष लेने और जांच को प्रभावित करने की आशंका से जुड़े आरोप लगाए हैं. जांच में ट्विशा की मौत से पहले की बातचीत, मैसेज, कॉल रिकॉर्ड और CCTV समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों का भी हवाला दिया गया है।
एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी से दम घुटना और मौत की प्रकृति आत्महत्या बताई गई है. अब सभी की नजरें 8 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर रहेंगी.
भोपाल में ट्विशा शर्मा की हुई थी मौत
ट्विशा शर्मा की भोपाल के कटारा हिल्स में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. इसके बाद ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था. वहीं मायके पक्ष ने इसे हत्या करार दिया था. ट्विशा का दो बार पोस्टमार्टम करवाया गया था. पहले केस भोपाल पुलिस संभाल रही थी. फिर इसे सीबीआई को सौंप दिया गया था. सीबीआई ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया था.