women infertility | women health tips | infertility treatment | महिलाओं में कब होती है बाझपन की समस्या… संतान सुख के लिए क्या करना सही?

women infertility | women health tips | infertility treatment | महिलाओं में कब होती है बाझपन की समस्या… संतान सुख के लिए क्या करना सही?


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Women Healt News: यदि आप महिला हैं और बाझपन की शिकार हैं तो बाझपन की आपकी समस्या समाप्त हो सकती है. इसको लेकर महिला चिकित्सक ने महिलाओं को सलाह दिया है कि कैसे बाझपन जैसी बड़ी समस्या से दूर हो सकती हैं. आइए जानते हैं महिलाओं में बाझपन कब होता है और इससे बचने के क्या उपाय हैं.

मऊ: यदि आप महिला हैं और बाझपन की शिकार हैं, तो बाझपन की आपकी समस्या समाप्त हो सकती है. इसको लेकर महिला चिकित्सक ने महिलाओं को सलाह दिया है कि कैसे बाझपन जैसी बड़ी समस्या से दूर हो सकती हैं. अक्सर देखा जाता है कि छोटी समस्या महिलाओं में बड़ी समस्या बनकर उभर जाती है, तो आईए जानते हैं कैसे समस्या को दूर करें.

लोकल 18 से बात करते हुए शाहीन क्लिनिक के महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शाहीन खान बताती हैं कि वर्तमान में देखा जा रहा है कि महिलाओं में बाझपन की समस्या अधिक आ रही है, जिसकी मुख्य वजह है बढ़ती उम्र में शादी करना और अपने खान-पीन के साथ रहन-सहन पर विशेष ध्यान ना देना. महिलाएं लाइफस्टाइल में काफी बदलाव करने लगती हैं और अपने फ्यूचर को लेकर काफी एक्टिव नहीं रहती हैं. इससे उनका वजन बढ़ जाता है और अधिक मोटापा हो जाता है. बाझपन का शिकार होने के यह प्रमुख कारण बनते हैं. महिलाएं ध्यान नहीं देतीं और आगे चलकर उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. हालत यह होते हैं कि महिलाएं बाझपन की शिकार हो जाती हैं.

हॉर्मोनल्स प्रॉब्लम बन रही मुख्य वजह
शुरुआती दौर में महिलाएं समझ नहीं पातीं और कम उम्र में फास्ट फूड, जंक फूड अधिक खाती हैं और पूरी तरह से वह काम करने में नहीं लगती हैं. इस वजह से समस्या उत्पन्न होने लगती है और आगे चलकर महिलाएं बाझपन की शिकार हो जाती हैं. खान-पान में जंक फूड, ऑयली खाना महिलाओं को काफी नुकसान पहुंचाता है. यदि ओवरी में छोटा सिस्ट हो, फैवराइड हो तो महिलाओं को कंसीव करने में समस्याएं आती है.

महिलाओं में हॉर्मोनल्स प्रॉब्लम या PCOD
उन्होंने कहा कि यदि ओवरी में सिस्ट बड़ा हो गया तो हॉर्मोनल्स प्रॉब्लम शुरू हो जाती हैं, जिसकी वजह से कंसीव करने में मुश्किल अधिक हो जाती है. यदि महिलाओं को हॉर्मोनल्स प्रॉब्लम हो या PCOD, थायराइड हो, तो वह तत्काल जांच कर योग्य चिकित्सक से इलाज प्रारंभ करती हैं. वह कंसीव कर सकती हैं, यदि लापरवाही करती हैं तो उनकी समस्याएं बढ़ सकती हैं और वह बाझपन की शिकार तक हो सकती हैं.

35 साल के बाद शादी करने पर समस्या
डॉक्टर शाहीन खान बताती हैं कि यदि 35 साल की उम्र के बाद महिलाएं शादी करती हैं तो उनके अंदर ओवुलेशन कम होने लगता है, जिसकी वजह से प्रेग्नेंसी में प्रॉब्लम हो सकती है. महिलाओं को चाहिए कि वह अधिक उम्र में शादी ना करें. कम उम्र रहते ही शादी कर लें, क्योंकि बढ़ती उम्र में शादी करना भी बाझपन का मुख्य कारण बन जाता है.

उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं ज्यादा मोटी हो जाती हैं, तो हॉर्मोनल्स इन्वरीलेंश होने लगता है, जिससे कंसीव करने में प्रॉब्लम शुरू हो जाती है. मोटापा बचपन की सबसे बड़ा मुख्य वजह होती है. जब तक आप अपना वजन कंट्रोल नहीं करतीं और मोटापा कम नहीं करतीं, तो आपकी समस्याएं हमेशा बढ़ती जाएगी.

सही समय पर इलाज बाझपन की समस्या करेगा दूर
यदि कोई महिला बाझपन की शिकार हो गई हैं और चाहती हैं उसकी समस्या दूर हो तो सबसे पहले उसे कुछ जांच करानी होगी. जांच के बाद यह पता चल सकता है कि क्या कमी है और किस कमी के अनुसार सही इलाज किया जाए, तो समस्या दूर हो सकती है. अपने लाइफस्टाइल पर ध्यान दें. अपने खान-पिन पर ध्यान दें, तो उनकी समस्या दूर हो सकती है. बहुत ही रेयर केस में महिलाएं बाझपन की शिकार रह जाती है. यदि सही समय पर इलाज सही जांच कराकर प्रारंभ कर दिया जाए, तो महिलाएं मां बन सकती हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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