गार्डन में बिना मेहनत के उगाएं ये पौधे, कटिंग लगाते ही होने लगेगी ग्रोथ
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Gardening Tips: अगर आपको गार्डनिंग का शौक है और घर के बगीचे को हरा-भरा बनाना चाहते हैं, तो हर बार नए पौधे खरीदने की जरूरत नहीं है. कुछ पौधे टहनी या पत्ती की कटिंग से आसानी से तैयार किए जा सकते हैं. इनकी कटिंग लगाने की प्रक्रिया भी सरल होती है. सही तरीके और उचित देखभाल के साथ कटिंग से नए पौधों की ग्रोथ शुरू हो सकती है और गार्डन खूबसूरत बनाया जा सकता है.
अगर आपको गार्डनिंग का शौक है और आप घर के बगीचे को हरा-भरा बनाना चाहते हैं. तो हर बार पौधे खरीदने की जरूरत नहीं है. कुछ ऐसे पौधे भी हैं. जिन्हें उनकी टहनी या पत्ती की कटिंग से आसानी से तैयार किया जा सकता है. खास बात यह है.कि इन पौधों की कटिंग लगाने की प्रक्रिया भी काफी आसान है और सही मिट्टी, नमी और रोशनी मिलने पर इनमें तेजी से ग्रोथ देखने को मिलती है.
पहला पौधा कैक्टस है. कैक्टस की कई प्रजातियों को कटिंग के जरिए आसानी से लगाया जा सकता है. इसकी स्वस्थ शाखा या हिस्सा काटकर कुछ समय सूखने देने के बाद मिट्टी में लगाया जाता है. कैक्टस को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती इसलिए कम देखभाल वाले गार्डन के लिए यह अच्छा विकल्प माना जाता है.
दूसरा पौधा पान का पौधा है. इसकी बेल की कटिंग को नमी वाली मिट्टी में लगाने पर नई जड़ें विकसित हो सकती हैं. इसे ऐसी जगह रखना बेहतर रहता है. जहां सीधी तेज धूप के बजाय हल्की रोशनी मिले नियमित नमी और सहारा मिलने पर इसकी बेल तेजी से फैलने लगती है.
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तीसरा पौधा मनी प्लांट है.यह घरों में सबसे लोकप्रिय पौधों में शामिल है. इसकी कटिंग से नया पौधा तैयार करना बेहद आसान है. तने की ऐसी कटिंग लें जिसमें गांठ मौजूद हो और उसे पानी या मिट्टी में लगाया जा सकता है. कुछ समय बाद इसमें जड़ें निकलने लगती हैं और नई पत्तियां विकसित होने लगती हैं.
चौथा पौधा गुड़हल है. इसके तने की कटिंग से नया पौधा तैयार किया जा सकता है. गुड़हल की स्वस्थ शाखा की कटिंग भी उपयुक्त परिस्थितियों में जड़ पकड़ सकती है. गुड़हल को पर्याप्त रोशनी और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी पसंद होती है. इन पौधों की कटिंग लगाने से गार्डन में हरियाली बढ़ाने का आसान और किफायती तरीका मिल जाता है.
इसके बाद आता है हड़जूरी का पौधा जिसे कटिंग के जरिए आसानी से तैयार किया जा सकता है. इसकी स्वस्थ टहनी को काटकर मिट्टी में गाड़ने पर कुछ समय बाद जड़ें विकसित होने लगती हैं. धीरे-धीरे नई कोंपलें निकलती हैं. टहनी के सहारे इसकी बेल तेजी से फैलने लगती है.