जमीन नहीं तो भी टेंशन नहीं, शुरू करें बकरी पालन, 5 साल बीमा और फ्री दाना
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Goat Farming Scheme: अगर आप मध्य प्रदेश के शिवपुरी या चंबल क्षेत्र में रहते हैं, स्वरोजगार करना चाहते हैं, आपके पास जमीन नहीं है, तब भी सरकार की 10+1 बकरी इकाई योजना का लाभ लेकर स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं. इस योजना में केवल 10 फीसदी अंशदान पर 10 बकरियां और एक बकरा पालने की व्यवस्था है.
शिवपुरी पशुपालन विभाग के उप-संचालक राजीव कुमार गुप्ता ने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि बकरी इकाई योजना की कुल लागत करीब ₹77,456 है. इसमें हितग्राही को लगभग 7,746 रुपये (10 फीसदी) जमा करने होते हैं. सामान्य और ओबीसी वर्ग को 40 फीसदी और एससी-एसटी वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है. वहीं शेष राशि बैंक ऋण से उपलब्ध कराई जाती है.
राजीव कुमार गुप्ता के अनुसार, बकरी इकाई योजना का लाभ सभी वर्ग के लोग ले सकते हैं. जिनके पास जमीन नहीं है, वे भी आवेदन के पात्र हैं. आवेदन ऑफलाइन तरीके से नजदीकी पशु चिकित्सालय में किया जाता है. इसके लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो, पंचायत का ठहराव प्रस्ताव और बैंक संबंधी दस्तावेज जरूरी हैं.
इस योजना के तहत 10 बकरियां और एक उन्नत नस्ल का बकरा मिलता है. योजना के लिए 40 से 60 फीसदी तक सब्सिडी मिलती है. पांच वर्ष तक बीमा सुविधा उपलब्ध होती है. शुरुआती तीन माह का दाना-आहार निशुल्क मिलता है. पशु चिकित्सा सेवाएं मुफ्त मिलती हैं.
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गौरतलब है कि आज के समय में काफी संख्या में लोग पशुपालन से जुड़ स्वरोजगार कर रहे हैं. सरकार गाय-भैंस, मछली और बकरी पालन पर योजना के तहत लोन उपलब्ध करवा रही है, साथ ही सब्सिडी भी दे रही है.
बकरी पालन की बात करें, तो ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए सिर्फ बकरियों की संख्या बढ़ाना ही काफी नहीं है, अच्छी नस्ल चुनना भी कमाई पर सीधा असर डालता है. सही नस्ल की बकरी में अच्छी ग्रोथ, प्रजनन क्षमता और बाजार में मांग होने पर पशुपालकों को बेहतर दाम मिल सकते हैं.