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Ajaypar Sarkar: बुंदेलखंड की गलियों में इन दिनों आस्था का बाजार सजा है. बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की देखा-देखी अब जगह-जगह ‘चमत्कारी’ बाबाओं की नई फसल उग आई है. ये नए-नवेले बाबा सोशल मीडिया पर रील बनाकर चमत्कारों की नुमाइश करते हैं और फिर सीधे-सादे लोग इनके जाल में फंस जाते हैं. एक स्टिंग ऑपरेशन में छतरपुर के अजयपार बाबा के बारे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है और उन्होंने बताया कि वह सरकारी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं.
अजयपार बाबा को लेकर बड़ा खुलासा
Ajaypar Sarkar: बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने दरबार की वजह से देश ही नहीं पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं. अब उनकी तरह ही छतरपुर में ही कई बाबा प्रचलित हो रहे हैं, जो दरबार लगाते हैं और जनता की समस्याएं दूर करते हैं. इनमें ही एक बाबा हैं अजय पार. जब दैनिक भास्कर ने उनका स्टिंग ऑपरेशन किया, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. पता चला कि अजय पार बाबा ने मंत्र पढ़े ही नहीं है और वह राम स्तुति के बारे में भी नहीं जानते हैं. जबकि अजय पार सोशल मीडिया पर रील्स के माध्यम से काफी एक्टिव रहते हैं और उनके भक्त उन्हें खूब पसंद भी करते हैं.
दैनिक भास्कर की जिस टीम ने स्टिंग ऑपरेशन किया. वह अंडरकवर के तौर पर अजयपार बाबा के पास पहुंची और कहा कि वह इन्वेस्ट करना चाहते हैं. इस पर बाबा ने बातों ही बातों में बताया कि यहां हाईवे के पास 22 एकड़ सरकारी जमीन है. जब दरबार बढ़ेगा, तो धीरे-धीरे हम इस पर कब्जा कर लेंगे. गोशाला बनवा देंगे, तो जमीन हमें मिल जाएगी. इस पर कोई भी आपत्ति नहीं उठाएगा. जब हम लोगों के काम करवाएंगे, तो वह किस दिन काम आएंगे.
मंत्र नहीं जानते हैं अजयपार सरकार
बाद में जब उनसे मंत्र के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मंत्र अभी हमने नहीं पढ़ा है. आपसे क्यों झूठ बोलें. इसके बाद उनसे पूछा गया कि राम स्तुति आती है क्या? तो उन्होंने कहा कि राम स्तुति क्या होती है. हम समझे नहीं हैं. उन्होंने कहा कि वह काम करो, जो किताबों में मौजूद ना हो. हम नया मंत्र बनाकर खुद देंगे. अब इस बातचीत से यह तो साफ होता है कि अजय पार बाबा सरकारी जमीन को हथियाने के लिए तत्पर बैठा है.
कौन हैं अजयपार सरकार?
अजयपार सरकार के नाम से प्रसिद्ध हो चुके व्यक्ति का असली नाम करन है. वह न्यूज 18 से बात करते हुए पहले बता चुके हैं कि वह पहले यहां नारियल की दुकान लगाते थे. इससे पहले उन्होंने ई-रिक्शा भी चलाया था. फिर एक दिन बब्बा उनके सपने में आए और वह दरबार लगाने लगे. उन्होंने यह भी बताया है कि वह 5 दिन-रात बगैर खाए तपस्या कर चुके हैं. उन्होंने कक्षा 9 के पेपर दे दिए हैं और उनकी आगे पढ़ने की तो इच्छा है, लेकिन वह दरबार लगाते रहेंगे. फिलहाल वह सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक दरबार लगाते हैं इसके बाद शाम को 4 से 7 बजे तक लगाते हैं.