पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को किसानों, ऊर्जा और दिल्ली के ट्रैफिक से जुड़े तीन अहम फैसलों को मंजूरी दी. इस बैठक में रबी सीजन 2027-28 की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में बढ़ोतरी की गई. इसके अलावा देश में रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड तक पहुंचाने के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के तीसरे चरण को मंजूरी मिली. दिल्ली के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को लेकर भी फैसला लिया गया. इन फैसलों का असर खेती से लेकर बिजली व्यवस्था और रोजाना सफर तक अलग-अलग सेक्टर्स में देखने को मिल सकता है.
रबी की 6 फसलों का MSP बढ़ा
सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम के MSP में बढ़ोतरी की है. सबसे ज्यादा इजाफा कुसुम के MSP में हुआ है. इसमें 675 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी के बाद नया MSP 7,215 रुपये हो गया है. सरसों का MSP 413 रुपये बढ़कर 6,613 रुपये, जबकि मसूर का MSP 390 रुपये बढ़कर 7,390 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. चने का MSP 83 रुपये बढ़कर 5,958 रुपये और जौ का MSP 136 रुपये बढ़कर 2,286 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. गेहूं के MSP में 25 रुपये की बढ़ोतरी की गई है और नया MSP 2,610 रुपये प्रति क्विंटल है.
सरकार के मुताबिक, नई MSP व्यवस्था में उत्पादन लागत के मुकाबले गेहूं पर 106%, सरसों पर 96% और मसूर पर 92% का मार्जिन रखा गया है. सरकार का कहना है कि इससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने के साथ दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा मिलेगा.
ग्रीन एनर्जी के लिए बड़ा नेटवर्क
कैबिनेट ने Green Energy Corridor Phase-III को भी मंजूरी दी है. इस योजना का उद्देश्य राज्यों में ऐसा ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार करना है, जिससे ज्यादा से ज्यादा नवीकरणीय बिजली को ग्रिड तक पहुंचाया जा सके. योजना के तहत करीब 135 GW रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड से जोड़ने की क्षमता विकसित की जाएगी. इसके साथ 50 GWh का बैटरी स्टोरेज सिस्टम भी तैयार किया जाएगा. पूरी योजना पर करीब 1.86 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि केंद्र सरकार करीब 54,082 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद देगी.
बैटरी स्टोरेज से सौर बिजली को जरूरत के समय इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी. यानी दिन में पैदा हुई बिजली को स्टोर करके बाद में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. इससे ग्रिड पर दबाव कम करने और बिजली की उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिल सकती है.
दिल्ली में ट्रैफिक मैनेजमेंट होगा स्मार्ट
कैबिनेट ने दिल्ली के लिए Intelligent Traffic Management System को भी मंजूरी दी है. इस सिस्टम में तकनीक की मदद से ट्रैफिक की निगरानी और प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा. ITMS का इस्तेमाल ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा और वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संभालने के लिए किया जा सकता है. दिल्ली में ITMS को ट्रैफिक और प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं को कम करने की कोशिशों का हिस्सा बनाया जा रहा है.
कुल मिलाकर कैबिनेट के ये तीन फैसले खेती, बिजली और शहरी परिवहन से जुड़े हैं. MSP से किसानों को फसल की कीमत से जुड़ी राहत मिल सकती है, जबकि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर से नवीकरणीय बिजली के लिए ट्रांसमिशन स्ट्रक्चर मजबूत करने और ITMS से दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया है.