मारा गया पहलगाम का गुनहगार लश्कर आतंकी हाशिम मूसा, पाकिस्तान सेना का रिटायर्ड SSG कमांडो था

मारा गया पहलगाम का गुनहगार लश्कर आतंकी हाशिम मूसा, पाकिस्तान सेना का रिटायर्ड SSG कमांडो था


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बडगाम में मारा गया लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा पाकिस्तान सेना का रिटायर्ड SSG कमांडो था. वह 23 साल तक SSG में रहा और 2023 में रिटायर होने के बाद लश्कर में शामिल हुआ.

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बडगाम में मारा गया लश्कर आतंकी हाशिम मूसा, पाकिस्तान सेना का रिटायर्ड SSG कमांडो था.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में भारतीय सेना के हाथों मारा गया लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा पाकिस्तान सेना का रिटायर्ड SSG कमांडो था. रिपोर्ट के मुताबिक, वह 23 साल तक पाकिस्तान की स्पेशल सर्विसेज ग्रुप यानी SSG में रहा और हवलदार के पद पर तैनात था.

मोहम्मद आसिफ 2023 में सेना से रिटायर होने के बाद लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुआ और भारत में घुसपैठ की. वह जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में सक्रिय था. उस पर दिसंबर 2023 के डेरा की गली हमले, अक्टूबर 2024 के गुलमर्ग आतंकी हमले और मई 2024 में पुंछ में IAF काफिले पर हुए हमले में शामिल होने का आरोप था.

रिपोर्ट के मुताबिक, आसिफ 2006 से 2008 के बीच पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सुरक्षा में भी तैनात रहा था. उसने पाकिस्तान के अलावा संयुक्त राष्ट्र के सूडान मिशन में भी काम किया था. सेना से रिटायर होने के बाद उसके लश्कर में शामिल होने और जम्मू-कश्मीर में आतंकी कमांडर के तौर पर सक्रिय होने की बात सामने आई है.

बता दें कि 29 सितंबर को सेंट्रल कश्मीर के बडगाम के गुरवैथकलां इलाके में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर इस खूंखार आतंकी को ढेर कर दिया. मूसा 2025 के पहलगाम हमले में शामिल था. उस वीभत्स कांड के कुछ गुनहगारों को सेना पहले ही जहन्नुम पहुंचा चुकी है, लेकिन मास्टरमाइंड मूसा को लेकर मंगलवार को सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली कि कुछ आतंकी इलाके में छिपे हैं. इस इनपुट के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया. खुद को घिरता देख आतंकी ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी. जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकी मूसा को मार गिराया.

फिलहाल आतंकी को मार गिराने और घाटी में आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए कई जिलों में कडा पहरा लगाया गया है. कठुआ, सांबा, उधमपुर, डोडा और किश्तवाड़ में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं. मजालता के जंगलों में हाल ही में हुए बड़े ऑपरेशन के बाद यह चौकसी बढ़ाई गई है.



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