यूएई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में आज जो कुछ भी हुआ, वो किसी थ्रिलर मूवी का प्लॉट लगता है. लेकिन जरा सोचिए जो यात्री इस हॉरर स्टोरी का हिस्सा बने उन पर क्या बीती होगी, फिर भी इन इजरायली नागरिकों की हिम्मत देखिए. इन आम लोगों ने ‘अल्लाह हू अकबर’ बोलने वाले हाइजैकर को Am Yisrael Chai से जवाब दिया है. इस फ्लाइट के अंदर का एक वीडियो सामने आया है. जिसमें इजरायली गाना गाकर बता रहे हैं कि वो किसी नहीं डरते बल्कि उन्हें यहूदी होने पर गर्व है.
इजरायल आ रही फ्लाइट FZ1073 के अंदर क्या-क्या हुआ?
फ्लाइट FZ1073 के को-पायलट ने कैप्टन पर हमला करके प्लेन को क्रैश कराने की कोशिश की, जिससे कॉकपिट में चीख-पुकार मच गई. लेकिन प्लेन में मौजूद यात्रियों और सादे कपड़ों में सफर कर रहे साथी पायलटों ने हिम्मत दिखाते हुए हमलावर को दबोच लिया और प्लेन को एक बहुत बड़ी तबाही से बचा लिया. इसके बाद प्लेन की सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्लेन का ओमानी मूल का को-पायलट अचानक हिंसक हो गया. उसने प्लेन के कैप्टन पर किसी नुकीली चीज से कई बार वार कर दिए. कैप्टन यूएई का रहने वाला बताया जा रहा है. को-पायलट का मकसद प्लेन का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में लेकर उसे क्रैश कराना था. कॉकपिट से चीखने की आवाजों के साथ ही ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे भी सुनाई दिए. सफर कर रहे लोगों के लिए ये पल जिंदगी और मौत के बीच झूलने जैसा था. करीब कुछ मिनटों तक यात्रियों को लगा कि अब वो जिंदा नहीं बचेंगे और प्लेन क्रैश होने वाला है.
सादे कपड़ों में मौजूद पायलटों ने बचाई जान
जब कॉकपिट के अंदर से चीख-पुकार और हाथापाई की आवाजें बाहर आईं, तो स्थिति की गंभीरता को समझते हुए प्लेन में सवार कुछ लोग तुरंत एक्शन में आ गए. इस प्लेन में खुशकिस्मती से कुछ ऐसे पायलट भी सफर कर रहे थे जो अपनी ड्यूटी पर नहीं थे और आम कपड़ों में यात्रियों की तरह बैठे थे.
जैसे ही कॉकपिट का दरवाजा खुला या खोलने की कोशिश हुई, इजरायली यात्रियों और सादे कपड़ों में बैठे पायलटों ने बिना अपनी जान की परवाह किए कॉकपिट की तरफ दौड़ लगा दी. उन्होंने बेहद बहादुरी से हमलावर को-पायलट को दबोच लिया. यात्रियों और पायलटों ने मिलकर हमलावर को जमीन पर पटक दिया और उसे पूरी तरह से काबू में कर लिया. अगर ये लोग समय पर हिम्मत न दिखाते तो को-पायलट प्लेन को किसी बड़ी इमारत या जमीन से टकरा देता. यात्रियों ने बताया कि कॉकपिट के अंदर का नजारा बेहद डरावना था, लेकिन सबने मिलकर हमलावर को बांध दिया और प्लेन का कंट्रोल सुरक्षित कर लिया.
सऊदी अरब में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
हमलावर पर काबू पाने के बाद मुख्य काम प्लेन को जल्द से जल्द सुरक्षित जमीन पर उतारना था. चूंकि प्लेन में कैप्टन घायल हो चुका था और स्थिति बहुत नाजुक थी, इसलिए प्लेन के रास्ते में तुरंत बदलाव किया गया. एटीसी से संपर्क करके सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग की इजाजत मांगी गई.
सऊदी अरब के नजदीकी एयरपोर्ट पर प्लेन को सुरक्षित लैंड कराया गया. जैसे ही प्लेन के पहियों ने रनवो को छुआ, सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली. जो यात्री कुछ देर पहले तक अपनी जिंदगी की उम्मीद खो चुके थे, उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर बच जाने की खुशी थी. ये पूरी घटना किसी चमत्कार से कम नहीं थी, क्योंकि हवा में इतने बड़े खतरे से निपटना और इतने सारे लोगों की जान बचाना आसान काम नहीं था.
‘Am Yisrael Chai’ के नारों से गूंज उठा प्लेन
मौत के मुंह से बाहर निकलने के बाद प्लेन के अंदर का माहौल पूरी तरह बदल गया. जैसे ही लोगों को यकीन हुआ कि वो अब सुरक्षित हैं, प्लेन में सवार इजरायली यात्रियों ने अपनी हिम्मत और अपनी संस्कृति से जुड़ाव दिखाते हुए गाना शुरू कर दिया.
प्लेन के अंदर से सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि यात्री ‘Am Yisrael Chai’ (इजरायल की जनता अमर रहे) और ‘Od Avinu Chai’ के गीत गा रहे हैं. मुसीबत के वक्त में डरने के बजाय एक-दूसरे का हाथ थामकर ये गाना गाना इजरायली लोगों के अटूट हौसले को दर्शाता है. यात्रियों का कहना था कि जब हमलावर नफरत फैलाकर तबाही मचाना चाहता था, तब उन्होंने अपनी एकता और देश के प्रति प्यार से उसका जवाब दिया. ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग यात्रियों की इस हिम्मत की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
‘9/11’ जैसी तबाही टली, इजरायली अधिकारियों का बयान
इस घटना के बाद इजरायल के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के बयान सामने आए हैं. इजरायल के एक बड़े अधिकारी ने चैनल 12 से बात करते हुए कहा कि अगर सादे कपड़ों में सफर कर रहे पायलट और बहादुर यात्री मौके पर न होते, तो एक बहुत बड़ी त्रासदी हो सकती थी.
अधिकारी ने इस घटना की तुलना 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमले और 1976 के मशहूर एंटेबे प्लेन हाईजैक घटना से की. अधिकारी का कहना था कि ये इजरायल के लिए एक नया 9/11 साबित हो सकता था, जिसे यात्रियों की सतर्कता ने नाकाम कर दिया. इजरायली सुरक्षा एजेंसियां अब इस मामले को एक आतंकी हमले के रूप में देख रही हैं और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही हैं.
क्या इस घटना के पीछे ईरान का हाथ है?
घटना की जांच आगे बढ़ने के साथ ही इसमें अंतरराष्ट्रीय साजिश के कोण भी सामने आ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायली अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या इस घटना के पीछे ईरान का कोई हाथ या कनेक्शन है.
इजरायल के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने इंटरव्यू में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर जांच में ये बात साबित हो जाती है कि इस हमले के पीछे ईरान या उसकी किसी एजेंसी की भूमिका थी, तो ईरान को इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. हालांकि, अधिकारियों ने ये साफ किया है कि अभी तक ईरान की सीधी भूमिका का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है और मामले की जांच अभी जारी है.
यात्री के जुबानी, खौफ के वो चंद मिनट
i24NEWS से बात करते हुए प्लेन में सवार एक इजरायली यात्री ने उस भयानक मंजर को याद किया. यात्री ने बताया, ‘कुछ मिनटों के लिए हमें पूरा यकीन हो गया था कि या तो हमारा कत्ल कर दिया जाएगा या प्लेन कहीं क्रैश हो जाएगा. कॉकपिट से लगातार चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं. ऐसा लग रहा था कि कोई अंदर पायलट को मारने की कोशिश कर रहा है’.
यात्री ने आगे कहा, ‘माहौल में इतना डर था कि लोग अपने करीबियों को याद करने लगे थे लेकिन तभी हमारे बीच से कुछ इजरायली यात्री और पायलट उठे. उन्होंने बिना सोचे हमलावर पर छलांग लगा दी और उसे जमीन पर दबा दिया. वो लम्हें ऐसे थे जब लग रहा था कि हम कभी जिंदा बाहर नहीं निकल पाएंगे, लेकिन सबकी एकजुटता ने हमारी जान बचा ली’.
BREAKING: A pilot aboard Flydubai flight FZ1073 from Dubai to Tel Aviv attacked the other pilot and attempted to seize control of the aircraft in terror attack.
The plane, carrying 174 Israeli passengers, plunged 14,000 feet before the situation was brought under control and… pic.twitter.com/FAgyt7dOpK