कौन हैं चित्रकार जनगढ़ श्याम? 1985 में 1500 रुपए में बिकी पेंटिंग को अब मिले 18 करोड़

कौन हैं चित्रकार जनगढ़ श्याम? 1985 में 1500 रुपए में बिकी पेंटिंग को अब मिले 18 करोड़


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Jangarh Singh Shyam: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध चित्रकार जनगढ़ श्याम की एक पेंटिंग 1985 में 1500 रुपए में बिकी थी. जिस परिवार ने यह पेंटिंग खरीदी थी. अब उसी परिवार ने मुंबई में नीलामी करवाई है, तो यह पेंटिंग 18 करोड़ रुपए में बिकी है. इस तरह से पुरानी कीमत से इसे 12 लाख गुना ज्यादा कीमत पर खरीदा गया है. आइए जानते हैं कि जनगढ़ श्याम कौन थे और उन्होंने किस तरह से सफलता हासिल की.

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चित्रकार जनगढ़ सिंह श्याम की 18 करोड़ रुपए में बिकी फोटो (इमेज सोर्स Instagram- Sarmaya Arts Foundation)

Jangarh Singh Shyam Painting: मध्य प्रदेश के फेमस चित्रकार जनगढ़ श्याम की एक कलाकृति को अब इतनी रकम मिली है, जिसकी शायद उन्होंने कल्पना नहीं की थी. अब उनकी बनाई एक कलाकृति को मुंबई की एक नीलामी में पूरे 18 करोड़ रुपए में खरीदा गया है. इसी उनकी कला की जीत माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि 1980 के दशक में प्रसिद्ध कलाविद् जे स्वामीनाथन ने उनकी प्रतिभा को पहचानकर डिंडौरी से भोपाल लेकर आए थे और उनकी प्रतिभा को निखारने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. फिर 1985 में एक पंडोल परिवार उनका काम देखने आया, तो पिता ने कागज पर बनी कलाकृति की कीमत 1500 रुपए बताई. तब स्वामीनाथन ने इसे कलाकार की साधना की कीमत बताया था. बाद में पंडोल परिवार इसे 1500 रुपए में खरीदकर ले गया.

41 साल बाद मिले 18 करोड़ रुपए
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक अब 41 साल बाद 2026 में उसी परिवार की पेंटिंग को नीलामी में 18 करोड़ रुपए मिले हैं. इस तरह से 1985 की मूल कीमत से कलाकृति को 12 लाख गुना अधिक पैसे मिले हैं. जनगढ़ श्याम के बेटे आर्टिस्ट मयंक सिंह श्याम उनकी पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बात सिर्फ कीमत की नहीं है, बल्कि पिता की कला को मिलने वाली पहचान है. उन्होंने यह भी बताया है कि उन्होंने पिता की कला को जीवित रखा है और लगातार आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक जिस कलाकृति को 18 करोड़ रुपए मिले हैं. उसमें पेंटिंग में नाग धरती मां का प्रतीक है, उस पर खड़ा पेड़ प्रकृति और जीवन के रिश्ते को दिखाता है. इसका मतलब है कि धरती ही जीवन का आधार है.

कौन हैं जनगढ श्याम सिंह?
जनगढ़ श्याम सिंह का जन्म साल 1962 में मध्य प्रदेश के पाटनगढ़ में हुआ था. उन्हें भारतीय कला की एक नई शैली ‘जंगढ़ कलम’ का जनक माना जाता है. उनके काम की प्रदर्शनी भोपाल, दिल्ली, टोक्यो और न्यूयॉर्क सहित दुनिया भर में कई जगहों पर लगाई गई और इससे उन्हें खूब शोहरत मिली. वह गोंड जनजाति से आते थे और 80 के दशक में गांव से ही पेंटिंग बनाते थे. वह पेंटिंग के लिए कागज और कैनवस का इस्तेमाल करने वाले शुरुआती गोंड कलाकारों में से एक थे. लेकिन बहुत ही कम उम्र में उनकी मौत हो गई थी और वह साल 2001 में इस दुनिया को अलविदा कह गए थे. लेकिन उनकी कला आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है.

जनगढ़ श्याम अपने पेटिंग्स में रंगीन बिंदुओं की रेखाओं का इस्तेमाल करते थे. बताया जाता है कि यह गोंड जीवनशैली का खास अंग माने वाले टैटू से प्रेरित थे. उन्होंने जानवरों के भी चित्र बनाए, जिनमें बाघ, हिरण, कछुए और मगरमच्छ प्रमुखता से दिखाई देते हैं.



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