महात्मा गांधी के पास कौन सी डिग्री थी? जानें 10वीं में कितने थे उनके मार्क्स

महात्मा गांधी के पास कौन सी डिग्री थी? जानें 10वीं में कितने थे उनके मार्क्स


Mahatma Gandhi Education: भारत में हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जाती है. इसी दिन देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म हुआ था. यह दिन उन्हें याद करने और उनके विचारों को समझने का मौका भी देता है. गांधी जी को देश-दुनिया में सत्य और अहिंसा के लिए जाना जाता है, लेकिन उनकी जिंदगी का एक पहलू ऐसा भी है, जो छात्रों के लिए खास दिलचस्प हो सकता है. क्या आप जानते हैं कि पढ़ाई में गांधी जी का प्रदर्शन कैसा था और उनके पास कौन सी डिग्री थी? दरअसल, स्कूल के दिनों में उनके नंबर बहुत शानदार नहीं थे, लेकिन आगे चलकर उन्होंने इंग्लैंड जाकर कानून की पढ़ाई की और बैरिस्टर बने. ऐसे में आइए जानते हैं कि गांधी जी ने कहां तक पढ़ाई की और 10वीं में उनके कितने नंबर आए थे.

10वीं में गांधी जी के कितने मार्क्स आए थे?

महात्मा गांधी ने मैट्रिक की परीक्षा पास की थी, जिसे आज की 10वीं की बोर्ड परीक्षा के बराबर माना जा सकता है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने कुल 625 में से 247.5 अंक हासिल किए थे. इंग्लिश (English) उनका मजबूत विषय था और इसमें उन्हें 89 मार्क्स मिले थे. वहीं गुजराती में 45, मैथ में 59, इतिहास में 20, साइंस में 34 और जनरल नॉलेज में 54 अंक मिले थे. यानी स्कूल के समय उनका रिजल्ट सामान्य था और वह उन छात्रों में शामिल नहीं थे, जिन्हें पढ़ाई में हमेशा बहुत तेज माना जाता है.

Math में कमजोर थे गांधी जी

गांधी जी की पढ़ाई के शुरुआती दौर को देखें तो इंग्लिश में उनका प्रदर्शन बाकी विषयों की तुलना में बेहतर था. वहीं मैथ और कुछ दूसरे विषयों में उनके नंबर कम रहे. उनके टोटल मार्क्स भी बहुत ज्यादा नहीं थे. इसके बावजूद आगे चलकर उन्होंने कानून (Law) की पढ़ाई की और खुद को एक सफल वकील के रूप में स्थापित किया. उनकी पढ़ाई से जुड़ी यह जानकारी उन छात्रों के लिए भी दिलचस्प है, जो सिर्फ स्कूल के नंबरों को ही सफलता का पैमाना मानते हैं.

भारत में पढ़ाई के बाद क्यों गए इंग्लैंड?

मैट्रिक के बाद गांधी जी ने गुजरात के भावनगर स्थित सामलदास कॉलेज (Samaldas College) में एडमिशन लिया. हालांकि, कॉलेज की पढ़ाई उनके लिए आसान नहीं रही. इसी दौरान उनके परिवार की इच्छा थी कि वह आगे चलकर किसी रियासत में दीवान जैसे बड़े पद पर काम करें. उन्हें सलाह दी गई कि इंग्लैंड जाकर कानून की पढ़ाई करना उनके करियर के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है. इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड जाने का फैसला किया और 1888 में लंदन पहुंच गए.

लंदन में लॉ पढ़कर बने बैरिस्टर

लंदन में गांधी जी ने University College London में लॉ (Law) से जुड़ी पढ़ाई की. इसके साथ ही वह Inner Temple से भी जुड़े, जो उस समय बैरिस्टर बनने की प्रोफेशनल प्रक्रिया का हिस्सा था. उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी की और 10 जून 1891 को उन्हें Bar में बुलाया गया. इसके बाद वह भारत लौटे और वकालत के पेशे में आगे बढ़े.

गांधी जी के पास कौन सी डिग्री थी?

गांधी जी के बारे में अक्सर सवाल पूछा जाता है कि उनके पास कौन सी लॉ डिग्री थी. दरअसल, उन्हें आज के समय वाली LLB डिग्री के तौर पर समझना सही नहीं होगा. उन्होंने इंग्लैंड में कानून की पढ़ाई करके Barrister-at-Law की पेशेवर योग्यता हासिल की थी. 1891 में Bar में शामिल होने के बाद वह योग्य बैरिस्टर के रूप में भारत लौटे. बाद में उनकी कानूनी समझ और अनुभव उनके सार्वजनिक जीवन में भी काम आया.

गांधी जी की पढ़ाई की कहानी यह बताती है कि स्कूल में मिले नंबर किसी व्यक्ति के पूरे जीवन की तस्वीर नहीं होते. 10वीं में सामान्य अंक पाने वाले गांधी जी ने आगे चलकर कानून की पढ़ाई की और फिर देश के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यही वजह है कि उनकी शिक्षा और जीवन का सफर आज भी छात्रों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है.



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