Agniveer Jobs: अग्निपथ योजना के तहत 4 साल की सेवा पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में अग्निवीर अगले कुछ महीनों में सेवामुक्त होने वाले हैं. ऐसे में इनके लिए सरकारी नौकरियों के रास्ते आसान करने की कोशिश तेज हो गई है. मंगलवार को मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ने अग्निवीरों को लेकर दो अहम फैसलों का ऐलान किया है. मध्य प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों के लिए कई वर्दी वाली सरकारी नौकरियों में 20 फीसदी आरक्षण का फैसला लिया गया है. वहीं, महाराष्ट्र में पहले बैच के सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को कुछ सरकारी सुरक्षा सेवाओं में बिना नई लिखित परीक्षा के नौकरी देने की घोषणा की गई है.
मध्य प्रदेश में इन नौकरियों में मिलेगा 20 फीसदी आरक्षण
मध्य प्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस कांस्टेबल, स्पेशल आर्म्ड फोर्स, जेल गार्ड, फॉरेस्ट गार्ड और एक्साइज कांस्टेबल जैसी वर्दी वाली नौकरियों में 20 फीसदी आरक्षण को मंजूरी दी है. पुलिस कांस्टेबल और स्पेशल आर्म्ड फोर्स में होमगार्ड के लिए 10 फीसदी, पूर्व सैनिकों के लिए 5 फीसदी और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है. जेल गार्ड और फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती में होमगार्ड के लिए 15 फीसदी, पूर्व सैनिकों के लिए 5 फीसदी और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण रहेगा. एक्साइज कांस्टेबल के पदों पर भी पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण तय किया गया है.
महाराष्ट्र में पहले बैच को लिखित परीक्षा से छूट
महाराष्ट्र सरकार ने नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच चार साल की सेवा पूरी करने वाले पहले बैच के अग्निवीरों के लिए भी राहत का ऐलान किया है. इन्हें महाराष्ट्र पुलिस, स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स और फायर फाइटिंग सर्विस में सीधे एडजस्ट करने की योजना है. एलिजिबल अग्निवीरों को नई लिखित परीक्षा से छूट मिलेगी और साथ ही उन्हें आयु सीमा में 4 साल की छूट भी दी जाएगी. जरूरत पड़ने पर इनके लिए स्पेशल पोस्ट भी बनाए जा सकते हैं. इसका मतलब है कि पहले बैच के सेवामुक्त अग्निवीरों को इन सेवाओं में भर्ती के लिए दोबारा सामान्य लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी.
जनवरी 2027 तक 19000 से ज्यादा अग्निवीर होंगे सेवामुक्त
अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में अग्निवीरों की सेवा अवधि 4 साल है. योजना में 25 फीसदी अग्निवीरों को आगे भी सशस्त्र बलों में सेवा का मौका मिलता है, जबकि बाकी 75 फीसदी अग्निवीर चार साल बाद सेवामुक्त होते हैं. पहला बैच जनवरी 2027 तक सेवामुक्त होने जा रहा है और इसमें 19 हजार से ज्यादा अग्निवीर शामिल हैं. इनके लिए केंद्र और अलग-अलग राज्य सरकारों ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण और अन्य सुविधाओं का प्रावधान किया है.
केंद्र सरकार की नौकरियों में भी आरक्षण
केंद्र सरकार ने भी पूर्व अग्निवीरों के लिए कई विभागों में अवसर तय किए हैं. BSF, CRPF, CISF, ITBP और असम राइफल्स में कांस्टेबल और राइफलमैन के पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 50 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है. इन भर्तियों में उन्हें लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक मानक और शारीरिक दक्षता परीक्षा से भी छूट देने का प्रावधान है. भारतीय रेलवे में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए ग्रुप-2 और उससे ऊपर के पदों में 5 फीसदी और ग्रुप-1 के पदों में 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया है.