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UGC NET vs NET JRF: जहानाबाद की सुषमा कुमारी ने NET JRF में ऑल इंडिया रैंक 93 हासिल की. उन्होंने बताया कि NET पास करने पर प्रोफेसर के लिए योग्य होते हैं, जबकि NET JRF से PhD के लिए 3 साल और फेलोशिप मिलती है. आइये जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.
जहानाबाद: यूजीसी नेट की परीक्षा हर साल जून-जुलाई में आयोजित होती है. यह एग्जाम हर साल लाखों स्टूडेंट्स देते हैं. हालांकि, बहुत कम लोग ही सफल हो पाते हैं. कुछ लोग यूजीसी नेट की परीक्षा निकाल लेते हैं, लेकिन फिर भी पछतावा हाथ लगता है. क्योंकि वो सिर्फ नेट ही निकाल पाते हैं. नेट परीक्षा में JRF का बड़ा रोल रहता है. नेट जेआरएफ परीक्षा निकालने के बाद कई फायदे मिलते हैं. हालांकि, इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. फिर भी कई बार खाली हाथ रह जाता है. ऐसे में आज हम नेट जेआरएफ निकाल चुकीं जहानाबाद की सुषमा से समझेंगे कि नेट परीक्षा और नेट जेआरएफ परीक्षा में कितना अंतर है?
जहानाबाद की रहने वाली सुषमा कुमारी इस साल नेट जेआरएफ निकाली हैं. उनका ऑल इंडिया रैंक 93 आया है. उनका मानना है कि 8 घंटे की मेहनत ने सफलता दिलाई है. जब यह सवाल पूछा गया कि नेट जेआरएफ और नेट में कितना अंतर है? इस विषय पर बताती हैं कि हमें यह समझना जरूरी है कि नेट और नेट जेआरएफ में क्या होता है?
जानें NET और NET JRF में फर्क
सुषमा के मुताबिक, केवल नेट की परीक्षा पास की हैं, तो आप प्रोफेसर के लिए योग्य हैं. वहीं, Phd करने के लिए केवल एक साल का मौका रहता है. उधर, बात करूं नेट जेआरएफ परीक्षा निकालने के बाद मिलने वाले फायदे पर तो असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्य हो ही जाते हैं. साथ ही Phd करने के लिए समय सीमा बढ़कर 3 साल हो जाता है. इसके साथ ही फेलोशिप भी मिलता है. जितना अच्छा कॉलेज और यूनिवर्सिटी मिलेगा, उतना ही बेहतर फेलोशिप मिलता है. ऐसे में नेट जेआरएफ परीक्षा निकालने पर कई फायदे हो सकते हैं.
जानें NET JRF निकालने के ये फायदे
वह आगे कहती हैं कि हमारा रैंक जैसे ऑल इंडिया रैंक 93 है. ऐसे में 100 रैंक के अंदर अच्छी यूनिवर्सिटी और IIT कॉलेज भी मिल जाएंगे. IIT कॉलेज में प्रवेश के दो रास्ते हैं, एक तो गेट है और दूसरा नेट, लेकिन नेट जेआरएफ निकालना जरूरी है. अगर JRF नहीं निकाल पाते हैं, उनका एडमिशन नहीं हो पाता है. ऐसे में कई रास्ते बंद होते हैं. इस प्रकार से देखा जाए तो नेट निकालना सब कुछ नहीं है. नेट जेआरएफ निकालने पर कई सारे फायदे मिल सकते हैं. वो आगे कहती हैं कि जेआरएफ निकालने के लिए 105 से ज्यादा सवाल सही लाना जरूरी है. ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह सवाल क्वेश्चन की पूछे गए प्रकृति पर निर्भर होता है.